NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

71. "काव्यशोभाकरान् धर्मानलंकारान् प्रचक्षते" यह लक्षण अलंकार के संदर्भ में किस आचार्य द्वारा दिया गया है?

Correct Answer: (a) दण्डी
Solution:अलंकार संप्रदाय के प्रवर्तक भामह है किन्तु अलंकार को परिभाषित करने का प्रथम प्रयास आचार्य दण्डी ने किया। इन्होंने काव्य की शोभा में वृद्धि करने वाले सभी धर्मों को अलंकार माना काव्यशोभाकरान् धर्मानलंकारान् प्रचक्षते ।
→ जगन्नाथ काव्यात्मनों, व्यंग्यस्य रमणीयताप्रयोजका अलंकारः ।

72. 'दिशा की खोज' उपशीर्षक किस रचना से संबंधित है?

Correct Answer: (a) आवारा मसीहा
Solution:'दिशा की खोज' उपशीर्षक आवारा मसीहा से संबन्धित है। आवारा मसीहा विष्णु प्रभाकर कृत शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय पर लिखा व्यंग्य है।
→ 'एक कहानी यह भी' मन्नू भण्डारी की दो भागों में प्रकाशित आत्मकथा है।

73. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (कविता)सूची-II (कवि)
A. चेतनता एक विलसती आनंद अखण्ड घना था1. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
B. शक्ति की करो मौलिक कल्पना, करो पूजन2. जयशंकर प्रसाद
C. प्रिय आनन्द छंद तुम मेरे, आत्मा के स्वर3. मैथिली शरण गुप्त
D. मैं अबला, बाला वियोगिनी, कुछ तो दया विचारो4. सुमित्रानंदन पंत

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b)
Solution:सूची-I से सूची-II सही मिलान इस प्रकार है-
कविता (Poem)कवि (Poet)
A.चेतनता एक विलसती आनंद अखण्ड घना था2.जयशंकर प्रसाद (कामायनी)
B.शक्ति की करो मौलिक कल्पना, करो पूजन1.सूर्यकांत त्रिपाठी निराला (राम की शक्ति पूजा)
C.प्रिय आनन्द छंद तुम मेरे, आत्मा के स्वर4.पंत
D.मैं अबला, बाला वियोगिनी, कुछ तो दया विचारो3.मैथिली शरण गुप्त

74. उपरोक्त कथन किस रचना की भूमिका से उद्भुत है?

"साहित्य की ताजगी और वेधकता जितनी शौकिया
लेखक में होती है, उतनी पेशेवर में नहीं होती।"

Correct Answer: (d) संस्कृति के चार अध्याय
Solution:उपरोक्त कथन रामधारी सिंह दिनकर की रचना 'संस्कृति के चार अध्याय' की भूमिका से उद्धृत है। जिसकी भूमिका तत्कालीन प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू ने लिखी थी।

75. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के नाटकों का सही कालक्रम क्या है?

(A) भारत दुर्दशा
(B) सती प्रताप
(C) सत्य हरिश्चन्द्र
(D) मुद्राराक्षस
(E) विद्यासुन्दर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) (E), (C), (D), (A), (В)
Solution:भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के नाटकों का सही कालक्रम इस प्रकार है- विद्यासुन्दर (1868), सत्य हरिश्चन्द्र (1875), मुद्राराक्षस (1878), भारत दुर्दशा (1880), सती प्रताप (1858)।
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के अनूदित नाटक एवं मूल नाटककारः-
अनुदित नाम (Translated Name)मूल (Original)मूल नाटककार (Original Playwright)
रत्नावलीरत्नावली नाटिकाहर्ष
विद्यासुन्दरचौर पंचाशिका (संस्कृत)चौर कवि
पाखण्ड विडम्बनप्रबोध चन्द्रोदयकवि कृष्ण मिश्र
धनंजय विजयधनंजय विजयकांचन कवि
कर्पूर मंजरीकर्पूर मंजरीराजशेखर
सत्य हरिश्चन्द्रचंड कौशिकक्षेमेश्वर
भारत-जननीभारत माताभारतेन्दु के मित्र
मुद्राराक्षसमुद्राराक्षसविशाखदत्त
दुर्लभ बंधुमर्चेंट ऑफ वेनिसविलियम शेक्सपियर


→ हिन्दी का पहला मौलिक ओपेरा (गीतिनाट्य) 'भारत जननी' को माना जाता है।

76. कहानी और प्रकाशन वर्ष के आधार पर सही युग्म कौन से हैं?

(A) सुखमय जीवन - 1911
(B) शरणाथी - 1948
(C) इंस्टालमेंट - 1972
(D) ठुमरी - 1960
(E) रास्ता इधर सेहै 1936
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल (A), (B), (D)
Solution:(A) सुखमय जीवन - 1911 में प्रकाशित चन्द्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी है। जिसमें एक मासूम और सात्विक प्रेम कथा पर आधारित है। यह कहानी 'भारत मित्र में प्रकाशित हुई थी।
(B) शरणाथी 1948 में प्रकाशित अज्ञेय की कहानी है। जिसके माध्यम से अज्ञेय ने विभाजन की त्रासदी एवं साम्प्रदायिक वैमनस्यता को दर्शाते हुए हमें उस काल विशेष का युगबोध कराया है। → 'इंस्टालमेंट' 1936 में प्रकाशित भगवती चरण वर्मा की कहानी है।
→ 'दुमरी' 1959 में प्रकाशित रेणु की कहानी संग्रह है इसमें इनकी 9 कहानियाँ संग्रहित हैं। ठुमरी की कहानियाँ जीवन की सहज लय को मोहक सुरों में बाँधने का कलात्मक प्रयास है इनमें पीड़ा और अवसाद की अनुगूंजें है, आनन्द और उल्लास के मुखरित कलख गान है।
→ 'रास्ता इधर से है' 1972 में प्रकाशित रघुवीर सहाय की कहानी है।
नोट:- UGC की उत्तर कुंजी के अनुसार ठुमरी का प्रकाशन 1960 दिया हुआ है जो कि गलत है।

77. निम्नलिखित में से सही युग्म कौन से हैं?

(A) कार्ल मार्क्स - द्वंद्वात्मक भौतिकवाद
(B) सार्त्र - अस्तित्ववाद
(C) देरिदा - सहजवाद
(D) अरस्तू - विरेचन
(E) इलियट - काव्यमूल्य
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल (A),(B), (D)
Solution:'कार्ल मार्क्स द्वंद्वात्मक भौतिकवाद', 'सार्त्र आस्तित्वाद', 'अरस्तू-विरेचन' सही युग्म है।
→ मार्क्सवाद एक जटिल विचार धारा है जिसमें बहुत से विचार निहित है उन सभी विचारों की समग्रता को ही मार्क्सवाद कहा जाता है। इसके तीन अनिवार्य घटक है-
→ द्वंद्वात्मक और ऐतिहासिक भौतिकवाद
→ राजनीतिक अर्थशास्त्र
→ वैज्ञानिक समाजवाद
→ द्वन्द्रात्मक भौतिकवाद का सम्बन्ध प्रकृति और जगत के नियमों की व्याख्या से है।
→ सभी पूर्व मान्य सामाजिक, धार्मिक व नैतिक परम्पराओं के विरोध में सर्वप्रथम आवा डेनिश विद्धान सोरेन कीर्केगाड ने उठाई। इन्हें ही अस्तित्ववाद का प्रणेता माना जाता है। अस्तित्ववाद को पुष्ट करने वालों में, नीत्शे, कार्ल जेस्पर्स, मार्टिन हाइडेगर, मार्शल, सार्व, कामू, सिमोन द बडआ आदि प्रमुख है।
→ साहित्स में सर्वप्रथम 'विरेचन' शब्द का प्रयोग को श्रेय अरस्तु को प्राप्त है। 'विरेचन' यूनानी शब्द 'कथार्सिस' का हिन्दी रूपान्तरण है। विरेचन और कथार्सिस चिकित्साशास्त्र के परिभाषिक शब्द है। अरस्तू के अनुसार भावों का दमन हानिकारक और अहितकर है। उसका संतुलन जीवन के लिए अनिवार्य है। विरेचन भावनात्मक विश्रान्ति के साथ-साथ भावनात्मक परिष्कार भी करता है।
→ इलिटय का 'निर्वैयक्तिकता का सिद्धान्त' और परम्परा का सिद्धान्त है।
→ देरिदा का सम्बन्ध विखण्डवाद से है।

78. पाश्चात्य विचारकों को कालक्रमानुसार लगाइए :

(A) इलियट
(B) नीत
(C) कोचे
(D) कीर्केगार्ड
(E) ज्याँ पॉल सार्व
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) (D), (B), (C), (A), (E)
Solution:पाश्चात्य विचारकों का कालक्रमानुसार इस प्रकार है-
कीगार्ड (1813 ई.), नीत्शे (1844 ई.), क्रोंचे (1866 ई.), इलियट (1888 ई.), ज्याँ पॉल सार्त्र (1905 ई.)।

79. 'क्या भूलूँ क्या याद करू' के अनुसार 'चम्मा' की मृत्यु के समय लेखक आयु को कौन-सी अवस्था में था?

Correct Answer: (c) लड़कपन
Solution:'क्या भूलू क्या याद करू' के अनुसार 'चम्मा' की मृत्यु के समय लेखक आयु की 'लड़कपन' सी अवस्था में था।

80. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

(A) 'रेवंतगिरिरास' की रचना विजयसेन सूरि ने 1203 ई. में की।
(B) 'नेमिनाथरास' की रचना सुमति गणि ने 1213 ई. में की थी।
(C) 'स्थूलिभद्ररास' की रचना जिनधर्म सूरि ने 1209 ई. में की थी।
(D) 'श्रावकाचार' की रचना देवसेन ने 913 ई. में की थी।
(E) 'चंदनबालारास' की रचना आगसु ने 1204 ई.में की थी।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल (B), (C)
Solution:'नेमिनाथरास' की रचना सुमतिगणि ने 1213 ई.में की थी। 'स्थूलिभद्ररास' की रचना जिनधर्म सूरि ने 1209 ई. में की थी। कथन सत्य है।
→ 'रेवंतगिरिरास' की रचना विजयसेन सूरि ने 1203 ई. में की थी। इसमें जैन तीर्थ रेवंतगिरि और तीर्थंकर नेमिनाथ की प्रमिमा का महत्व है।
→ 'श्रावकाचार' की रचना देवसेन ने 933 ई. में की थी। इसमें 250 दोहों में श्रावक धर्म का वर्णन है।
→ 'चंदनबालारास' की रचना आगसु कवि ने 1200 ई.में की थी।