बैंक ऑफ इंग्लैण्ड की पूर्व निदेशक जोसिआ चार्ल्स स्टांप, 1880-1941 द्वारा सही कहा गया है कि "हमारे उत्तरदायित्वों से बचना आसान है हम अपने उत्तरदायित्वों से बचने के परिणामों से नहीं बच सकते हैं।" इस आधुनिक डिजिटल विश्व में, व्यवसायों को इस बात का ध्यान देना होता है कि वे क्या कर रहे हैं। तथा किसी रीति से कर रहे हैं।
कंपनी का ब्रांड केवल इस बात पर निर्भर नहीं है कि वे लोगों को क्या प्रस्तावित रहे है बल्कि समाज, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर कंपनी के प्रचालनों के व्यापक प्रभाव पर भी निर्भर होता है। उनका सामाजिक उत्तरदायित्व का भाव उन्हें भीड़-भरे बाजार में अन्य प्रतिस्पर्धियों की तुलना में प्रतिस्पर्धी लाभ प्रदान करता है।
सीएसआर एक संपूर्ण और एकीकृत प्रबंधन संकल्पना है जिसमें कंपनियाँ अपने व्यवसाय उद्देश्यों के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय उद्देश्यों को एकीकृत करने है। यह अपने अंशधारकों की सभी आशाओं को संबोधित करने के साथ ही लोग, पृथ्वी गृह और लाभ के रूप में कंपनी के 3P अर्थात, तिहरी रेखा शैली पर कार्य करता है। देश में अधिकांश नीतिगत पहले समान अवसरों, गरीबी और मानव अपवंचन कम करने, मौलिक अधिकारों पर ध्यान केन्द्रित करने, आदि के उद्देश्यों द्वारा संचालित है,
इस प्रकार मानव विकास की राह प्रशस्त करते हैं। हम आज जो विकल्प चुनेंगे, वे हमारी भविष्य की पीढ़ियों पर असर डालने और प्रभावित करने वाले हैं। इन सबके बावजूद असमानता और भेदभाव अब भी विद्यमान है।
इस वर्ष भारत सरकार ने सीएसआर दिशा- निर्देश कार्यान्वित किए हैं। इस दिशा-निर्देशों के अनुसार भारतीय कंपनियों को अपने निवल लाभ का 2% सीएसआर पर व्यय करना है। सीएसआर को अनिवार्य करने वाला भारत विश्व का पहला देश है। देश के संपूर्ण विकास में कोरपोरेट सेक्टर को शमिल करने की दिशा में कंपनी अधिनियम, 2013 में सीएसआर अधिदेश को शामिल करना एक बड़ा कदम है।
पूर्व में कंपनियों को अपने लाभों का 2% सीएसआर पर खर्च करना होता था और ऐसा करने में विफल रहने पर उन्हें कारण प्रदान करने होते थे। किन्तु वर्तमान संशोधन के अनुसार कंपनियों को किसी प्रदत्त समयसीमा में लाभों का 2% प्रतिशत सीएसआर पर खर्च करना होता है और लाभों की यह प्रतिशत राशि सरकार द्वारा संचालित निधियों में सुपुर्द करनी होती है। नया संशोधन यह आवश्यक करता है कि सीएसआर दिशा-निर्देशों के अंतर्गत अर्हक सभी कंपनियों को अपने लाभों का एक विनिर्दिष्ट भाग, ?
असफल हुए, कोरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर खर्च करता है। शोधकर्ताओं ने भारत में सीएसआर से सम्बद्ध मुद्दों और चुनौतियों का अध्ययन करने का प्रयास किया, और साथ ही, भारतीय कंपनियों में सीएसआर प्रथाओं को संचालित करने वाले विभिन्न कारकों को निर्धारित करने का प्रयास भी किया है।
नवीन संशोधन के अनुसार सीएसआर व्यय आवश्यकताओं को पूरा करने में असफल रहने वाली कंपनियों को क्या परिणाम भुगतने पड़ते हैं?
Correct Answer: (d) उन्हें सरकार संचालित निधियों में लाभ सुपुर्द हस्तांतरित करना होता है।
Solution:उन्हे सरकार संचालित निधियों में लाभ सुपर्द हस्तांतरित करना होता है-
• पूर्व में कंपनियों को अपने लाभों का 2% सीएसआर पर खर्च करना होता था और ऐसा करने में विफल रहने पर उन्हें कारण प्रदान करने होते थे।
किन्तु वर्तमान संशोधन के अनुसार, कंपनियों को किसी प्रदत्त समय-सीमा में लाभों का 2% सीएसआर पर खर्च करना होता है। और लाभो की यह प्रतिशत राशि सरकार द्वारा संचालित निधियों में सुपुर्द करनी होती है।