Solution:मानसोल्लास जिसे अभिलाषितार्थ चिंतामणि के नाम से भी जाना जाता है, 12वीं शताब्दी की शुरुआत में कल्याणी चालुक्य राजा सोमेश्वर तृतीय द्वारा रचित एक संस्कृत ग्रंथ है, जो वर्तमान कर्नाटक में शासन करता था। यह एक विश्वकोशीय कार्य है,
जिसमें राजनीति, शासन, नैतिकता, अर्थशास्त्र, खगोल विज्ञान, ज्योतिष, बयानबाजी, पशु चिकित्सा, बागवानी, इत्र, भोजन, वास्तुकला, खेल, चित्रकला, कविता, नृत्य और संगीत जैसे विषयों को शामिल किया गया है। यह पाठ 11वीं और 12वीं शताब्दी के भारत के बारे में सामाजिक-सांस्कृतिक जानकारी का एक मूल्यवान स्रोत है।