Solution:हेलेबिड के होयसलेश्वर मंदिर में 'वीणा-धर सरस्वती पट्ट' से सरस्वती के वाहन पक्षी का प्रतिनिधान (प्रतिरूप) है। होयसल मंदिरों में विष्णु की सर्वाधिक मूर्तियाँ प्राप्त है, जिनमें एकल विष्णु, गरुण पर आरुढ़ लक्ष्मीनारायण तथा विष्णु के अवतार स्वरूपों की।
शिव की विभिन्न रूपों में रावणानुग्रह, गज जातक, नटराज आदि स्वरूपों की मूर्तियाँ मिलती है। इसके अतिरिक्त हंस पर आरुढ़ ब्रह्मा, वीणाधारिणी सरस्वती एवं गणेश की एकल मूर्तियाँ, नृत्यरत सरस्वती की मूर्ति में दाहिना पैर नृत्य की मुद्रा में ऊपर उठा है। तथा ऊपर के दोनों हाथ नटराज मूर्तियों के समान नृत्य की मुद्रा में हैं। सरस्वती के दोनों हाथों में अक्षमाला और पुस्तक है।
देवी के चरणों के पास हंसवाहन तथा दोनों पा में नगाड़ा तथा मंजीरा वादकों की वाद्य-वादन करती आकृतियाँ, सरस्वती की नृत्य की लयात्मकता के अनुरूप तरंगमय दिखाई गई है।