NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा (निरस्त), जून-2024 (दृश्य कला)

Total Questions: 100

71. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

क्रमांकसूची-I (विवरण)सूची-II (शब्द/तकनीक)
A.स्टोन के सतह को घिसाई के लिए उपयोग में लाने वाला पाउडरI. इफर्वसेन्स
B.किसी स्टोन की सतह पर जब गमइच लगाया जाता है तो बुलबुले प्रकट हो जाते हैंII. काउन्टरएच
C.किसी चित्र को प्राप्त करने के लिए किसी पाषाण या प्लेट को स्वच्छ करने या पुनर्सुग्राह्य बनाने वाला द्रव्यIII. बेनेलक्स
D.स्क्रेपर बार्स के निर्माण में प्रयुक्त प्रेस्ड ठोस लकड़ीIV. कार्बरन्डम

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) A-IV, B-I, C-II, D-III
Solution:सूची-I के साथ सूची-II का सही मिलान है-
क्रमांकसूची-I (विवरण)सूची-II (शब्द/तकनीक)
A.स्टोन के सतह को घिसाई के लिए उपयोग में लाने वाला पाउडरकार्बोरन्डम
B.किसी स्टोन की सतह पर जब गमइच लगाया जाता है तो बुलबुले प्रकट हो जाते हैंइफर्वसेन्स
C.किसी चित्र को प्राप्त करने के लिए किसी पाषाण या प्लेट को स्वच्छ करने या पुनर्सुग्राह्य बनाने वाला द्रव्यकाउन्टरएच
D.स्क्रेपर बार्स के निर्माण में प्रयुक्त प्रेस्ड ठोस लकड़ीबेनेलक्स

72. किसी व्यक्ति, पशु, घटना या वस्तु की आकृति का वास्तविक अथवा काल्पनिक चित्रण कहलाता है :

Correct Answer: (a) कैरिकेचर
Solution:

किसी व्यक्ति, पशु, घटना या वस्तु की आकृति का वास्तविक अथवा काल्पनिक चित्रण 'कैरिकेचर' कहलाता है। कैरिकेचर एक रेंडर की गई छवि है, जो स्केचिंग, पेंसिल स्ट्रोक या अन्य कलात्मक रेखाचित्रों के माध्यम से अपने विषय की विशेषताओं को सरलीकृत या अतिरंजित तरीके से दिखाती है।

कैरिकेचर या तो अपमानजनक या प्रशंसात्मक हो सकते हैं और एक राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति कर सकते हैं, केवल मनोरंजन के लिए या दोनों के संयोजन के लिए तैयार किए जा सकते हैं।

राजनेताओं के कैरिकेचर आमतौर पर समाचार-पत्रों और समाचार-पत्रिकाओं में राजनीतिक कार्टून के रूप में उपयोग किए जाते हैं, जबकि फिल्म सितारों के कैरिकेचर अक्सर मनोरंजन पत्रिकाओं में पाए जाते हैं।

73. प्रसिद्ध मूर्ति 'किरातार्जुनीय' (गंगावतरण) मामल्लपुरम् निम्नांकित में से किसका उदाहरण है?

Correct Answer: (b) पल्लवे मूर्तिकला
Solution:

प्रसिद्ध मूर्ति 'किरातार्जुनीय' (गंगावतरण) मामल्लपुरम् पल्लव मूर्तिकला का उदाहरण है। गंगा अवतरण जिसे स्थानीय रूप से अर्जुन की तपस्या के रूप में जाना जाता है,

भारत के तमिलनाडु राज्य के चेंगलपट्ट जिले में बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल तट पर मामल्लपुरम् में एक स्मारक है। यह दो अखंड चट्टान के पत्थरों पर उकेरी गई एक विशाल खुली हवा में चट्टान है।

74. फड़ पेंटिंग निर्माण की चरणबद्ध प्रक्रिया को चिन्हित कीजिए।

A. पत्थर की सहायता से सतह को मुलायम किया जाता है।
B. हाथ से बने हुए सूती कपड़े को रात भर पानी में भिगोकर रखना।
C. कपड़े पर बाइंडर के साथ प्राकृतिक रंगों का अनुप्रयोग और मोटी काली रेखाओं द्वारा पूर्णता प्रदान करना।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) B, C, A, D
Solution:

फड़ पेंटिंग निर्माण की चरणबद्ध प्रक्रिया चिह्नित है- हाथ से बुने हुए सूती कपड़े को रातभर पानी में भिगोकर रखना, फिर कपड़े को सख्त करने के लिए कलफ लगाया जाता है तथा धूप में सुखाया जाता है,

पत्थर की सहायता से सतह को मुलायम किया जाता है, कपड़े पर बाइंडर के साथ प्राकृतिक रंगों का अनुप्रयोग और मोटी काली रेखाओं द्वारा पूर्णता प्रदान करना।

75. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (कलाकृति)सूची-II (कलाकार)
A. फाउन्टेन 1917I. ऑगस्ट रोडिन
B. यंग डान्सर फोर्टीन ईयर्स ओल्ड (चौदह वर्षीय युवा नृत्यांगना)II. एडगर डेगास
C. Burghers of Calais-1884-86 /बर्गर्स ऑफ कैलैस 1884-86III. हेनरी मूर
D. रिक्लाइनिंग फीगर 1929IV. मार्सेल डुशैम्प

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) A-IV, B-II, C-I, D-III
Solution:

सूची-I के साथ सूची-II का सही मिलान है-

सूची-I (कलाकृति)सूची-II (कलाकार)
A. फाउन्टेन 1917IV. मार्सेल डुशैम्प
B. यंग डान्सर फोर्टीन ईयर्स ओल्ड (चौदह वर्षीय युवा नृत्यांगना)II. एडगर डेगास
C. बर्गर्स ऑफ कैलैस 1884-86I. ऑगस्ट रोडिन
D. रिक्लाइनिंग फीगर 1929III. हेनरी मूर

76. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (तकनीक)सूची-II (विवरण/प्रकार)
A. उत्कीर्ण छपाई (इन्टैग्लियो प्रिंटिंग)I. रिलीफ प्रिंटिंग
B. वुडकटर/लिनोकटII. मल्टीकलर लिथोग्राफ
C. कोलोग्राफIII. मृदुतल (सॉफ्ट ग्राउन्ड)
D. क्रोमो लीथोग्राफIV. गत्ते पर चिपकाई गई आकृतियाँ

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) A-III, B-I, C-IV, D-II
Solution:

सूची-I के साथ सूची-II का सही मिलान है-

सूची-I (तकनीक)सूची-II (विवरण/प्रकार)
A. उत्कीर्ण छपाई (इन्टैग्लियो प्रिंटिंग)III. मृदुतल (सॉफ्ट ग्राउन्ड)
B. वुडकटर/लिनोकटI. रिलीफ प्रिंटिंग
C. कोलोग्राफIV. गत्ते पर चिपकाई गई आकृतियाँ
D. क्रोमो लीथोग्राफII. मल्टीकलर लिथोग्राफ

77. भारतीय कला का 'एंग्री यंग मैन' किसे कहा जाता था, जिनकी जन्मशती वर्ष 2024 में मनाई जा रही है?

Correct Answer: (c) एफ.एन. सूजा
Solution:

भारतीय कला का एंग्री यंग मैन एफ. एन. सूजा को कहा जाता था, जिनकी जन्मशती वर्ष 2024 में मनाई जा रही है। सूजा का जन्म 1924 ई. में गोवा में हुआ था तथा इनकी मृत्यु 2002 ई. में मुंबई में हुई थी।

सूजा को पैग कलाकार समूह के संस्थापक और इस समूह का घोषणा पत्र लिखने का भी श्रेय प्राप्त है। इनकी आत्मकथा 'वर्ड्स एंड लाईस' 1959 में प्रकाशित हुई थी। जॉन बर्गर ने सूजा के चित्रों की प्रशंसा की थी।

78. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (लेखक)सूची-II (रचना)
A. श्री कुमारI. सतसई
B. जयदेवII. राज तरंगिणी
C. बिहारीIII. शिल्प रत्न
D. कल्हणIV. राज तरंगिणी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A-III, B-IV, C-I, D-II
Solution:

सूची-I के साथ सूची-II का सही मिलान है-

सूची-I (लेखक)सूची-II (रचना)
श्री कुमारशिल्प रत्न
जयदेवगीत गोबिन्द
बिहारीसतसई
कल्हणराज तरंगिणी

79. प्रसिद्ध लीनोकट कृति "रिफ्यूजी चिल्ड्रेन" की रचना निम्नांकित में से किस कलाकार ने की थी ?

Correct Answer: (c) चित्तो प्रसाद
Solution:

प्रसिद्ध लीनोकट कृति रिफ्यूजी चिल्ड्रेन की रचना चित्तो प्रसाद कलाकार ने की थी। चित्तप्रसाद का जन्म 1915 ई. में पश्चिम बंगाल में हुआ था तथा मृत्यु कलकत्ता में 1978 ई. में हुई थी।

ये समकालीन प्रिन्टमेकर के लिए विख्यात थे और स्वयं शिक्षित कलाकार के रूप में जाने जाते थे, इन्होंने अपने जीवनकाल में मात्र एक एकल प्रदर्शनी की थी।

प्रमुख छायाचित्र- बंगाल का अकाल, बाढ़, अखबार वाले बच्चे, होटल वाला बच्चा, जिन फरिश्तों की कोई परिकथा नहीं चित्र श्रृंखला, अनाथ बच्चे आदि।

80. कांगड़ा शैली की निम्नांकित में से कौन-सा चित्र बिहारी की सतसई के दोहे पर आधारित है?

Correct Answer: (a) कृष्णलीला इन द स्प्रिंग गीतगोविन्द (1730)
Solution:

काँगड़ा शैली का चित्र 'कृष्णलीला इन द स्प्रिंग गीतगोविंद (1730)' बिहारी की सतसई के दोहे पर आधारित है। समस्त पहाड़ी कलाकृतियों में कृष्ण ही छाये रहे। कृष्ण संबंधी अनेक काँगड़ा चित्र संसार भर के संग्रहालयों में देखे जा सकते हैं।

इस समय केशवदास लिखित कविप्रिया, रसिका प्रिया एवं नलदमयन्ती की प्रणयकथा चित्रित हुई, जयदेव लिखित गीत-गोविंद, बिहारीसतसई और भागवतपुराण में भी कृष्ण जीवन की बहुविध लीला अत्यंत नयनाभिराम ढंग से प्रस्तुत की गई है।