NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2024 (दृश्य कला)

Total Questions: 100

91. इस कलाकृति के कलाकार का नाम बताइए।

Correct Answer: (c) एन. एस. बेन्द्रे
Solution:

थार्न कलाकृति के कलाकार का नाम एन. एस. बेन्द्रे है। एन. एस. बेन्द्रे का जन्म 1910 ई. में इन्दौर, मध्य प्रदेश में हुआ था, और इनकी मृत्यु 1992 ई. को मुम्बई में हुई थी।

इनका पूरा नाम नारायण श्री धर बेन्द्रे था, इन्होंने प्रारंभिक चित्रकला का प्रशिक्षण दत्तात्रेय देवलालीकर के सानिध्य में रहकर इन्दौर कला महाविद्यालय, मध्य प्रदेश से प्राप्त की थी। लंदन की आर्टिस्ट पत्रिका ने बेन्द्रे के कला जीवन से प्रभावित होकर लेख प्रकाशित किया था।

92. यह कलाकृति किस संस्था में संग्रहीत है?

Correct Answer: (c) नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट, नई दिल्ली
Solution:

एन. एस. बेन्द्रे की कलाकृति थॉर्न (कांटा) कैनवास पर तैलरंग, 1955 नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट, नई दिल्ली में संग्रहीत है। एन. एस. बेन्द्रे को भारत का प्रथम बिन्दुवादी कलाकार माना जाता है। और ये राजपूत और मुगल कला शैली से काफी प्रभावित थे।

बेन्द्रे ललित कला संकाय, बड़ौदा विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष व डीन पद पर रहकर सेवाएं दी। बेन्द्रे 1934 ई. में जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट, मुम्बई से चित्रकला में डिप्लोमा प्राप्त किया। इन्हें 1934 ई. में ही घुमक्कड़ चित्र पर बॉम्बे आर्ट सोसायटी का रजत पदक प्राप्त हुआ था।

93. इस कलाकृति के माध्यम का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) ऑयल (तैल रंग)
Solution:

इस कलाकृति के माध्यम का चयन ऑयल (तैल रंग) है। कलाकृति का नाम थॉर्न है, और इसके कलाकार बेन्द्रे है। बेन्द्रे की सम्पूर्ण कला यात्रा में अनेक रूप दृष्टिगत होते हैं। प्रारम्भिक समय के चित्रों में वॉश तथा ग्वॉस तकनीक में बनाये गये दृश्य चित्र है

जो बनारस, हरिद्वार, कश्मीर, इन्दौर आदि स्थानों पर प्रवास के मध्य निर्मित किये गये थे। जलरंग, पेस्टल रंग, तैल रंग या श्वेत श्याम रंगों के मिश्रण या अन्य कोई माध्यम सभी में रंग आपके आत्मविश्वास के ज्वलन्त प्रतीक रूप में उपस्थित हुए।

आकारों को भी सरल व स्पष्ट रूप में देखा। मानवाकृतियाँ सौन्दर्यपूर्ण किन्तु स्पन्दन रहित (मूक) है।

94. दी गई कलाकृति का शीर्षक बताइए।

Correct Answer: (b) थोर्न
Solution:

दी गई कलाकृति का शीर्षक थार्न (कांटा) है, जिसे एन. एस. बेन्द्रे ने चित्रित किया है। बेन्द्रे 1966 ई. में बडोदरा से त्यागपत्र देकर मुम्बई में स्थायी रूप से सृजन व निवास करने लगे थे। इस समय आपकी तकनीक व शैली उत्तरोत्तर विकसित होती गई जिसे किसी वाद में सीमित नहीं किया जा सकता।

प्रमुख कृतियाँ द गॉसिप, वूमेन एण्ड गणेश, सनफ्लवर्स, द पेरट एण्ड द केमिलियन, मकी, होमबाउण्ड, द फीमेल काउहर्ड, द बुलट कार्ट, बास्केट वीवर ऑफ केरल, हिलरेंज ऑफ त्रिम्बकेश्वर, ओमकारेश्वर आदि।

95. इस कलाकृति का कलाकार किस संस्था से सम्बद्ध है?

Correct Answer: (b) एम. एस. विश्वविद्यालय, बड़ौदा
Solution:

थॉर्न कलाकृति का कलाकार एन. एस. बेन्द्रे एम. एस. विश्वविद्यालय, बड़ौदा संस्था से सम्बन्धित है। बेन्द्रे 1934 ई. में मुम्बई से गवर्नमेंट आर्ट डिप्लोमा किया। आर्थिक कठिनाईयों के कारण आपने कश्मीर गवर्नमेन्ट विजिटर्स ब्यूरो में अपनी सेवाएँ देते हुए भी कला साधना जारी रखी।

1945 ई. में अवासी कलाकार के रूप में शान्तिनिकेतन प्रवास किया, जहाँ कल्पना, सृजन तथा चिन्तन का लाभ मिला। 1947 ई. में आप छः माह के लिए अमेरिका व लन्दन गये जहाँ अनेक संग्रहालयों में प्रसिद्ध कलाकारों की कृतियाँ देखी तथा ग्राफिक व सिरेमिक कार्यशालाओं में भाग लिया।

1950 ई. में ललित कला संकाय महाराजा सियाजीराव विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष चित्रकला पद पर नियुक्त हुए।

96. दिए गए चित्र का माध्यम क्या है?

Correct Answer: (d) लिथोग्राफी
Solution:

दिए गए चित्र का माध्यम लियोग्राफी है। इस चित्र को 1976 ई. में अनटाइटल्ड शीर्षक के रूप में शक्ति बर्मन ने बनाया था। शक्ति बर्मन का जन्म 1935 ई. में कोलकाता में हुआ था। शक्ति बर्मन को समकालीन बिन्दुवादी कलाकार के रूप में जाना जाता है,

इनके चित्रों की पहली प्रदर्शनी 1954 ई. में कलकत्ता में हुई थी, और इन्हें 2016 में फ्रांस का प्रतिष्ठित लीजन ऑनर पुरस्कार प्राप्त हुआ था। शक्ति बर्मन ने मार्बलिग तकनीक का आविष्कार किया था।

97. कलाकार ने यह चित्र किस वर्ष बनाया था?

Correct Answer: (a) 1976
Solution:

कलाकार शक्ति बर्मन ने यह चित्र 1976 ई. में अनटाइटल्ड शीर्षक से बनाया था। पश्चिम बंगाल में जन्में शक्ति बर्मन ने ललित कला विषय में डिप्लोमा कोलकाता आर्ट्स कॉलेज से प्राप्त किया था।

इनकी चित्रण कला शैली यथार्थवादी शैली से प्रभावित थी, और ये पश्चिमी कलाकार जियोत्यो, फ्रांसेस्का और साइमोन मार्तिनी आदि से प्रभावित थे। शक्ति बर्मन की कलाकृतियाँ प्रमुख रूप से मिथकीय और फंतासी विषयों पर आधारित है।

98. इस चित्र के कलाकार किस शहर देश में रहे थे और इस कलाकृति की रचना की थी?

Correct Answer: (c) पेरिस - फ्रांस
Solution:

इस चित्र के कलाकार शक्ति बर्मन पेरिस फ्रांस देश में रहे थे और इस कलाकृति की रचना की थी। कोलकाता में जन्में शक्ति बर्मन एक फ्रांसीसी महिला चित्रकार मैती डैल्टिल से शादी किये थे और वर्तमान में शक्ति बर्मन फ्रांस में ही निवास कर रहे है।

1956 ई. में इकोल द बिऑक्स आर्ट्स कॉलेज पेरिस में शक्ति बर्मन ने कला अध्ययन के लिए प्रवेश लिये थे। इन्होंने सर्वप्रथम कागज और कैनवास पर तैल रंगों के साथ एक्रेलिक रंगों का सम्मिश्रण करके प्रयोग किया था।

99. दिए गए चित्र का शीर्षक क्या है?

Correct Answer: (b) अनटाइटल्ड
Solution:

दिए गए चित्र का शीर्षक अनटाइटल्ड है जिसे शक्ति बर्मन ने बनाया था। शक्ति बर्मन को प्रमुखतयः चित्रकार और गौणतयः मूर्तिकार के रूप में जाना जाता है। इनके चित्रों में विशेष रूप से काल्पनिक कथाएं, परीलोक और मिथकीय आकृतियों का चित्रण मिलता है।

प्रमुख कृतियाँ- सर्किल (कैनवास पर तैल),ट्वाईलाईट अंसर, मेमोरी ऑफ द टाइम, द डांसर्स, सांग ऑफ द लेट इवनिंग, हैप्पी ऐज ए वर्ड, लोनली पोएट आदि।

100. दिए गए चित्र के कलाकार का नाम बताइए।

Correct Answer: (c) शक्ति बर्मन
Solution:

दिए गए चित्र के कलाकार का नाम शक्ति बर्मन है। शक्ति बर्मन फ्रान्स में रहने वाले भारतीय मूल के एक समकालीन भारतीय कलाकार है। एक चित्रकार और लियोग्राफर, बर्मन की कला में पौराणिक और काल्पनिक विषय-वस्तु तथा समृद्ध रंग है।

बर्मन के विस्तारित परिवार में कई प्रतिष्ठित कलाकार शामिल है, इनकी बेटी माया बर्मन भी फ्रांस में रहती है और वही काम करती है, भतीजी जयश्री बर्मन इन्हीं से प्रेरित थी और अपने आप में एक उल्लेखनीय कलाकार है।