NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2024 (दृश्य कला)

Total Questions: 100

51. प्रारम्भ से अंत काल तक निम्नलिखित विचारकों की उनके सही कालक्रमानुसार में व्यवस्थित कीजिए:

A. भट्ट लोल्लट
B. भट्ट नायक
C. पंडित राज जगन्नाथ
D. अभिनव गुप्त
E. रामचन्द्र शुक्ल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) A, B, D, C, E
Solution:

प्रारम्भ से अंत काल तक निम्नलिखित विचारकों की उनके सही कालक्रमानुसार में व्यवस्थित है- भट्ट लोल्लट (9वीं सदी ई.), भट्ट नायक (10वीं सदी ई.), अभिनव गुप्त (11 वीं शताब्दी ई.), पंडित राज जगन्नाथ (1610ई. -1670 ई.), रामचन्द्र शुक्ल (20वीं शताब्दी)।

52. "बटरफ्लाई" को किस माध्यम में प्रयोग किया जाता ?

Correct Answer: (b) मिट्टी का मॉडल बनाना
Solution:

बटरफ्लाई को मिट्टी का मॉडल बनाना माध्यम में प्रयोग किया जाता है। तितली का मिट्टी का मॉडल बनाने के लिए आमतौर पर मॉडलिंग क्ले (जिसे पॉलीमर क्ले या एयर ड्राई क्ले भी कहा जाता है) का उपयोग करेंगे जो आपको तितली के विभिन्न भागों,

जैसे- पंख, शरीर और एंटीना को वांछित आकार देने और ढालने की अनुमति देता है।

53. संपूर्ण 'चित्रसूत्र'कितने अध्यायों में विभाजित है?

Correct Answer: (a) 9
Solution:

विष्णुधर्मोत्तर पुराण 6ठी सदी में मार्कण्डेय मुनि द्वारा रचित इस ग्रन्थ में 269 अध्याय है। इस ग्रन्थ के तीसरे खण्ड में सांस्कृतिक विषयों, विशेषकर ललित कलाओं का वर्णन सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसी के तीसरे खण्ड में 335 अध्याय है

जिनमें 1 से 118 अध्याय तक कला विषय की बात कही गयी है। इसी ग्रन्थ के 35 से 43 तक नौ अध्याय चित्रसूत्र के हैं। यह ग्रन्थ चित्रकला की विस्तृत जानकारी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण व बहुचर्चित ग्रन्थ है। कला की जितनी जानकारी इस ग्रन्थ में मिलती है,

अन्य किसी में नहीं है। चित्रसूत्र में वर्णित नौ अध्यायों में (1) आयाममान वर्णन (2) प्रमाण वर्णन (3) सामान्यमान वर्णन (4) प्रतिमालक्षण (5) क्षयवृद्धि (6) रंग व्यतिकार (7) वर्तना (8) रूप-निर्माण (9) श्रृंगारभावादि ।

54. "द स्लीप ऑफ रीजन प्रोड्यूसेज मॉन्सटर्स इस प्रिन्ट से सम्बन्धित जानकारी का चयन करें।

A. लिथोग्राफ (शिलामुद्रण)
B. लॉस केप्रिकोस
C. विलियम ब्लेक
D. एचिंग, एक्काटिंट
E. फ्रैंसिस्को गोया
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल B, D और E
Solution:

द स्लीप ऑफ रीजन प्रोड्यूसेज मॉन्सटर्स प्रिन्ट से सम्बन्धित जानकारी का चयन इस प्रकार है- लॉस केप्रिकोस, एचिंग, एक्वाटिंट, फ्रैंसिस्को गोया।

55. ध्वन्यालोक के लेखक कौन हैं?

Correct Answer: (b) आनन्द वर्धन
Solution:

9वीं सदी के आरम्भ में भारतीय काव्य में ऐसे विद्धान का पदार्पण हुआ जिसने काव्य की प्रचलित भ्रांतियों का समर्थ खण्डन करके व्यापक व शाश्वत काव्यमतों का नितान्त मौलिक निरूपण किया।

भारतीय काव्य-शास्त्र के इतिहास में भरतमुनि के पश्चात् आनन्दवर्धन ही ऐसे श्रेष्ठ आचार्य हुए जिन्होंने अत्यन्त मौलिक प्रतिभा का परिचय दिया। काव्य सिद्धान्तों का व्यापक एवं गम्भीर विवेचन उन्होंने अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ ध्वन्यालोक में किया।

ध्वनि की परिभाषा करते हुए ध्वन्यालोक में कहा है कि "जो चारुत्व अन्य उक्ति से प्रकाशित नहीं किया जा सकता। उसी को प्रकाशित करने वाला व्यंजना व्यापार युक्त शब्द ही ध्वनि कहलाता है" इन्होंने प्रथमतः ध्वनि को काव्य की आत्मा घोषित किया। ध्वनि के दो भेद है- (1) अभिधामूलक (2) लक्षणामूलक

56. निम्नलिखित प्रक्रियाओं में कौनसा "स्लस कास्टिंग" का उपयोग नहीं होता?

Correct Answer: (a) धातु में ढ़लाई करना
Solution:

स्लस कास्टिंग" का उपयोग धातु ढुलाई में नहीं होता है। जबकि पी. ओ. पी. में ढलाई करना, फाइबरग्लास में ढ़लाई करना और सीमेंट में ढ़लाई करना का उपयोग स्लस कास्टिंग में किया जाता है।

स्लस कास्टिंग एक कास्टिंग तकनीक है जिसमें किसी सामग्री को एक साँचे में डालना और उसे ठोस होने देना शामिल है ताकि एक खोखला खोल बनाया जा सके। इसे रोटेशनल कास्टिंग के रूप में भी जाना जाता है।

57. सूची I के साथ सूची II का मिलान किजिए:

सूची Iसूची II
A. बुक ब्लॉक बनाने के लिए एकत्रित सिग्रेचर्स का सीविंगI. सैडल स्टिच
B. वह बाइंडिंग विधि जो कि हाशिए के साथ विशेष रूप से पंच किए गए छिद्रों के माध्यम से प्रवेश कराए गए तारों का उपयोग करती है।II. स्यून बाइंडिंग
C. बाइंडिंग की पारम्परिक विधिIII. स्पाइरल बाइंडिंग
D. बुकलेट/मैग्जीन के लिए यांत्रिक बाइंडिंग विधि जो कि सेन्टर स्प्रेड पर खुलता है और तार से स्टेपल किया होता है।IV. हार्ड बाइंडिंग

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A-II, B-III, C-IV, D-I
Solution:

सूची I के साथ सूची II का सही मिलान है।

सूची Iसूची II
A. बुक ब्लॉक बनाने के लिए एकत्रित सिग्रेचर्स का सीविंगI. स्यून बाइंडिंग
B. वह बाइंडिंग विधि जो कि हाशिए के साथ विशेष रूप से पंच किए गए छिद्रों के माध्यम से प्रवेश कराए गए तारों का उपयोग करती है।II. स्पाइरल बाइंडिंग
C. बाइंडिंग की पारम्परिक विधिIII. हार्ड बाइंडिंग
D. बुकलेट/मैग्जीन के लिए यांत्रिक बाइंडिंग विधि जो कि सेन्टर स्प्रेड पर खुलता है और तार से स्टेपल किया होता है।IV. सैडल स्टिच

58. धनराज भगत की शिल्पकलाओं का चयन करें-

A. कॉस्मिक एनर्जी
B. मोनार्क
C. डिवोटी
D. ब्राईड
E. टॉयलेट
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A, B और D
Solution:

धनराज भगत की शिल्पकलाओं का चयन इस प्रकार है- कॉस्मिक एनर्जी (कॉपर), मोनार्क (वुड ऑन कॉपर), ब्राईड (काष्ठ/वुड) ।
धनराज भगत का जन्म 1917 ई. में लाहौर, पंजाब (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था।, और इनकी मृत्यु 1988 ई. को हुई थी।

इन्होंने मूर्तिकला का डिप्लोमा मेयो स्कूल ऑफ आर्ट्स लाहौर से प्राप्त की थी। ये दिल्ली शिल्पी चक्र कलाकार समूह से सम्बन्धित थे, और इनके मूर्तिशिल्प मूलतः घनवादी थे। इन्हें प्रमुख रूप से मूर्तिकार के रूप में जाना जाता है।

59. किस पत्थर में क्वार्टज और सिलिका पाया जाता है?

Correct Answer: (c) बलुई पत्थर (सैंड स्टोन)
Solution:

बलुई पत्थर में क्वार्टज और सिलिका पाया जाता है। बलुआ पत्थर एक क्लास्टिक तलछटी चट्टान है जो मुख्य रूप से रेत के आकार के सिलिकेट कणों से बनी होती है, जिन्हें किसी अन्य खनिज द्वारा एक साथ जोड़ा जाता है।

बलुआ पत्थर सभी तलछटी चट्टानों का लगभग 20-25% हिस्सा बनाते है। अधिकांश बुलआ पत्थर क्वा या फेल्डस्पार से बने होते है, क्योंकि वे पृथ्वी की सतह पर अपक्षय प्रक्रियाओं के लिए सबसे अधिक प्रतिरोधी खनिज है।

बिना सीमेंट वाली रेत की तरह, बलुआ पत्थर को खनिजों के भीतर अशुद्धियों द्वारा कोई भी रंग दिया जा सकता है, लेकिन सबसे आम रंग तन, भूरा, पीला, ग्रे, गुलाबी, सफेद और काला है।

60. निम्नलिखित कलाकारी में किस कलाकार द्वारा प्रसिद्ध शिल्पकाल "द डिस्ट्रॉएड सिटी" बनाई गई?

Correct Answer: (d) ऑसिप जेडकिन
Solution:

ऑसिप जेडकिन कलाकार द्वारा प्रसिद्ध शिल्पकाल दु डिस्ट्रॉएड सिटी (नष्ट हुआ शहर) बनाई गई। नष्ट शहर डच शहर रॉटर डैम में एक कांस्य स्मारक मूर्तिकला है।

यह 14 मई 1940 को राटरडैम पर जर्मन बमबारी की याद दिलाता है, जिसने शहर के मध्ययुगीन केन्द्र को नष्ट कर दिया था। 1953 में अनावरण किया गया, इसे 2010 में एक डच राष्ट्रीय स्मारक के रूप मे नामित किया गया था।

यह रूसी मूल के फ्रांसीसी मूर्तिकार ओसिप जडकिन द्वारा बनाई गई सबसे बड़ी मूर्ति है, उनका सबसे प्रसिद्ध काम और रॉटरडैम में सबसे प्रसिद्ध मूर्तिकला है। 6.5 मीटर (21 फीट) ऊँची इस मूर्ति में एक पेड़ के तने पर झुकी हुई एक शैलीगत मानव आकृति दिखाई गई है।