Solution:नोटः- यू.जी.सी. नेट इस प्रश्न को मूल्याकंन से बाहर कर दिया है।
D = ऐसेम्पटोमैटिक माइकोफिलारेमिया इस चरण में व्यक्ति के रक्त में माइक्रोफिलारिया (परजीवी के लाब) मौजूद होते है, लेकिन कोई लक्षण प्रकर नहीं होते।
B = ऐसेम्पटोमैटिक अमाइकोफिलारेमिया = इस चरण में व्यक्ति संक्रमित होता है, लेकिन उसके रक्त में माइक्रोफिलारिया नहीं होते है। फिर भी लिम्फैटिक सिस्टम को क्षति पहुँचाती रहती है।
C = तीव्र अविर्भाब के चरण इस चरण में रोग के लक्षण स्पष्ट रूप से लगते है, जैसे लिक्फ नोड्स में सूजन, बुखार और लिम्फैटिक प्रणाली में रूकावट ।
A= चिर-कालिक बाधक विक्षति के चरण यह रोग का अंतिम और गंभीर चरण होता है, जिसमे, लिम्फेडेमा (हाथ-पैरों की सूजन) हाइड्रोसील (अंडकोष की सूजन) और हाथीपांव (Elephantiasis) जैसी स्थायी क्षति हो सकती है।