NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून-2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

11. "इस सौन्दर्य के सामने जीवन की सब सुविधाएँ हेय हैं। इसे आँखों में व्याप्त करने के लिए जीवन-भर का समय भी पर्याप्त नहीं।" - 'आषाढ़ का एक दिन' नाटक का उक्त संवाद किसका है?

Correct Answer: (a) प्रियंगुमंजरी
Solution:"इस सौन्दर्य के सामने जीवन की सब सुविधाएँ हेय हैं। इसे आँखों में व्याप्त करने के लिए जीवन भर का समय पर्याप्त नहीं है।" 'आषाढ़ का एक दिन' नाटक में यह संवाद 'प्रियंगुमंजरी' का है। 'आषाढ़ का एक दिन' (1958 ई.) नाटक के लेखक मोहन राकेश हैं। इस नाटक के प्रमुख पात्र हैं- कालिदास, विलोम, मातुल, दंतुल तथा नारीपात्र- मल्लिका, अम्बिका, प्रियंगुमंजरी आदि

12. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I (परिचय)सूची-II (पात्र)
A. रायसाहब का कारकूनI. झिंगुरी सिंह
B. सबसे बड़े महाजनII. श्याम बिहार तंखा
C. बीमा कंपनी की दलालीIII. पंडित नोखेराम
D. बैंक मैनेजर और शक्कर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टरIV. मिस्टर खन्ना

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

ABCD
(a)IIVIIIII
(b)IIIIVIII
(c)IIIIIIIV
(d)IIIIIIIV
Correct Answer: (d)
Solution:प्रेमचन्द कृत 'गोदान' (1936 ई.) उपन्यास के पात्रों के परिचय का सही मिलान इस प्रकार है -
सूची-I (परिचय)-सूची-II (पात्र)
राय साहब का कारकून-पंडित नोखेराम
सबसे बड़े महाजन-झिंगुरी सिंह
बीमा कम्पनी की दलाली-श्याम बिहारी तंखा
बैंक मैनेजर और शक्कर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर-मिस्टर खन्ना

13. 'आधे अधूरे' नाटक में पहले मंचन के सम्बन्ध में निम्नलिखित तथ्य मिलते हैं -

A. बड़ी लड़की की भूमिका ऋचा व्यास ने निभाई।
B. इसका पहला मंचन 'दिशांतर' नाट्य संस्था द्वारा किया गया।
C. इसका निर्देशन श्री ओम शिवपुरी ने किया।
D. छोटी लड़की की भूमिका अनुराधा कपूर ने निभाई।
E. इसका मंचन फरवरी 1969 ई. में हुआ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल B, C और E
Solution:'आधे अधूरे' (1969 ई.) नाटक के लेखक मोहन राकेश हैं। इस नाटक के पहले मंचन के संबंध में निम्न तथ्य मिलते हैं- 1. इसका पहला मंचन दिशांतर नाट्य संस्था द्वारा किया गया।
2. इसका निर्देशन श्री ओम शिवपुरी ने किया।
3. इसका मंचन फरवरी 1969 ई. में हुआ। नाटक के प्रस्तुतीकरण में निम्नलिखित कलाकारों ने निम्न पात्रों की भूमिका निभाई
1. काले सूटवाला आदमी -  ओमशिवपुरी
2. स्त्री  - सुधाशिवपुरी
3. पुरुष एक  - ओमशिवपुरी
4. बड़ी लड़की - अनुराधा कपूर
5. छोटी लड़की  - ऋचा व्यास
6. लड़का  - दिनेश ठाकुर
7. पुरुष दो -  ओम शिवपुरी
8. पुरुष तीन -  ओम शिवपुरी
9. पुरुष चार -  ओम शिवपुरी

14. 'कविता क्या है?' निबंध से संबंधित सत्य कथन हैं-

A. इस शीर्षक से शुक्ल जी ने 1909 में एक छोटा सा लेख लिखा था।
B. निरंतर संशोधन परिवर्धन के द्वारा अंततः 1929 में इसे अंतिम रूप प्राप्त हुआ।
C. कविता का अंतिम लक्ष्य मनुष्य हृदय से सामंजस्य स्थापना करके उनके साथ जगत के मार्मिक पक्षों का प्रत्यक्षीकरण है।
D. सौन्दर्य बाहर और मन के भीतर की वस्तु है।
E. मनुष्य को कर्म में प्रवृत्त करने वाली मूल प्रवृत्ति भावात्मिका है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A, B, E
Solution:'कविता क्या है' निबंध के लेखक आचार्य रामचन्द्र शुक्ल हैं। इस निबंध से संबंधित सही तथ्य निम्न हैं-
1. इस शीर्षक से शुक्ल जी ने 1909 में एक छोटा सा लेख लिखा था।
2. निरंतर संशोधन परिवर्धन के द्वारा अंततः 1929 ई. में इसे अन्तिम रूप प्राप्त हुआ।
3. मनुष्य को कर्म में प्रवृत्त करने वाली मूल प्रवृत्ति भावात्मिका है। 'कविता क्या है' निबन्ध रामचन्द्र शुक्ल द्वारा सम्पादित चिन्तामणि भाग-1 (1939 ई.) में संकलित है।

15. 'ध्रुवस्वामिनी' नाटक में ध्रुवस्वामिनी के संवादों को पहले से बाद के क्रम में लगाएँ -

A. लौट जाओ, इस तुच्छ नारी, जीवन के लिए इतने महान उत्सर्ग की आवश्यकता नहीं।
B. चन्द्रे ! तुम मुझे दोनों ओर से नष्ट न करो। यहाँ से लौट जाने पर भी क्या मैं गुप्तकुल के अन्तःपुर में रहने पाऊँगी?
C. तो फिर मेरा और तुम्हारा जीवन-मरण साथ ही होगा।
D. चन्द्रे ! मेरे भाग्य के आकाश में धूमकेतु-सी अपनी गति बंद करो।
E. अपनी कामना की वस्तु न पाकर यह आत्महत्या जैसा प्रसंग तो नहीं है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A, E, B, D, C
Solution:'ध्रुवस्वामिनी' नाटक के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। इस नाटक में ध्रुवस्वामिनी के संवादों का पहले से बाद को क्रम इस प्रकार है-
1. लौट जाओ इस तुच्छ नारी जीवन के लिए इतने महान उत्सर्ग की आवश्यकता नहीं।
2. अपनी कामना की वस्तु न पाकर यह आत्महत्या जैसा प्रसंग तो नहीं है।
3. चन्द्रे ! तुम मुझे दोनों ओर से नष्ट न करो। यहाँ से लौट जाने पर भी क्या मैं गुप्तकुल के अन्तःपुर में रहने पाऊँगी।
4. चन्द्रे ! मेरे भाग्य के आकाश में धूमकेतु-सी अपनी गति बंद करो।
5. तो फिर मेरा और तुम्हारा जीवन-मरण साथ ही होगा।

16. 'मानस का हंस' से संबंधित निम्नलिखित तथ्यों में से सही तथ्यों का चयन कीजिए -

A. 'मानस का हंस' लिखने का विचार नागर जी को महेश कोल के साथ बात करते हुए आया था।
B. दोहावली और गीतावली में तुलसी की जीवनझाँकी खास तौर पर मिलती है।
C. उपन्यास में तुलसी के जन्म स्थान के रूप में राजापुर को चित्रित किया है।
D. इस उपन्यास को लिखने से पहले नागर जी ने 'कवितावली' और 'विनयपत्रिका' को खास तौर पर पढ़ा।
E. रघुबरदास जी 'मूल गोसाई चरित' के लेखक माने जाते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल A,C, D
Solution:'मानस का हंस' (1972 ई.) उपन्यास के लेखक अमृत लाल नागर हैं। इस उपन्यास से संबंधित सही तथ्य निम्न हैं -
1. 'मानस का हंस' लिखने का विचार नागर जी को महेश कौल के साथ बात करते हुए आया था।
2. उपन्यास में तुलसी के जन्मस्थान के रूप में राजापुर को चित्रित किया गया है।
3. इस उपन्यास को लिखने से पहले नागर जी ने कवितावली और विनय पत्रिका को खास तौर पर पढ़ा।
4. यह एक जीवनी परक उपन्यास है।
5.यह उपन्यास नागर जी ने लखनवी शैली में लिखा है।

17. बच्चन सिंह के अनुसार रामचंद्र शुक्ल की सीमाओं का उद्घाटन सर्वप्रथम किस आलोचक ने किया?

Correct Answer: (b) नंददुलारे वाजपेयी
Solution:बच्चन सिंह के अनुसार रामचंद्र शुक्ल की सीमाओं का उद्घाटन सर्वप्रथम आलोचक नंददुलारे वाजपेयी ने किया। बच्चन सिंह हिन्दी साहित्यकार, आलोचक तथा इतिहासकार हैं। इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं- आधुनिक हिन्दी साहित्य का इतिहास (1978 ई.), हिन्दी साहित्य का दूसरा इतिहास (1996 ई.), क्रांतिकारी कवि निराला (1947 ई.), भारतेन्दु की कविता (1951 ई.), भारतीय एवं पाश्चात्य काव्यशास्त्र का तुलनात्मक अध्ययन (1987 ई.), आलोक और आलोचना (1970 ई.) आदि।

18. "जितना ग्राम गीत शीघ्र फैलते हैं और जितना काव्य को संगीत द्वारा सुनकर चित्त पर प्रभाव पड़ता है उतना साधारण शिक्षा से नहीं होता।" उक्त कथन किस लेखक का है?

Correct Answer: (c) भारतेंदु हरिश्चंद्र
Solution:"जितना ग्राम गीत शीघ्र फैलते हैं और जितना काव्य को संगीत द्वारा सुनकर चित्त पर प्रभाव पड़ता है उतना साधारण शिक्षा से नहीं होता।” यह कथन भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का है। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी नवजागरण के अग्रदूत कहे जाते हैं। इनकी प्रमुख नाट्य कृतियाँ हैं वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति, प्रेमजोगिनी, भारतदुर्दशा, विषस्य विषमौषधम, अंधेर नगरी, श्री चन्द्रावली, नीलदेवी, सतीप्रताप आदि।

19. "जब आप अपने को राजनीतिक अधिकारों की तुला पर कमजोर पाते हैं, तो आप सामाजिक व्यवस्था भी अच्छी नहीं बना सकते। और जब तक आपकी सामाजिक व्यवस्था तर्क और न्याय पर आधारित नहीं है, तब तक आप राजनीतिक अधिकारों का उपयोग करने के योग्य भी नहीं हो सकते।" कथन किस समाज सुधारक का है?

Correct Answer: (d) महादेव गोविन्द रानाडे
Solution:"जब आप अपने को राजनीतिक अधिकारों की तुला पर कमजोर पाते हैं, तो आप सामाजिक व्यवस्था भी अच्छी नहीं बना सकते। और जब तक आपकी सामाजिक व्यवस्था तर्क और न्याय पर आधारित नहीं है, तब तक आप राजनीतिक अधिकारों का उपयोग करने के योग्य भी नहीं हो सकते।" यह कथन समाज सुधारक महादेव गोविन्द रानाडे का है।

20. विष्णु प्रभाकर के अनुसार गांधी जी के आदेश पर महादेव देसाई ने शरतचन्द्र की किन रचनाओं का गुजराती में अनुवाद किया था?

A. विराजबहू
B. राम की सुमति
C. चरित्रहीन
D. मंझली दीदी
E. अभिमान
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल A, B, D
Solution:विष्णु प्रभाकर के अनुसार, गाँधी जी के आदेश पर महादेव देसाई ने शरतचन्द्र की विराजबहू, राम की सुमति, मंझली दीदी रचनाओं का गुजराती में अनुवाद किया था।