NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून-2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

41. झुनिया को शरण देने पर पंचायत का दंड चुकाने के लिए होरी ने किसके हाथ अपने घर को अस्सी रुपए में गिरो रखा।

Correct Answer: (a) झिंगुरी सिंह
Solution:झुनिया को शरण देने पर पंचायत का दंड चुकाने के लिए होरी ने झिंगुरी सिंह के हाथ अपने घर को अस्सी रुपए में गिरो रखा। 'झिंगुरी सिंह' गोदान उपन्यास का पात्र है। गोदान उपन्यास के लेखक प्रेमचंद हैं। 'गोदान' उपन्यास का प्रकाशन 1936 ई. में हुआ। यह उपन्यास किसान जीवन की महागाथा कहा जाता है। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं होरी, हीरा, धनिया, झुनिया, गोबर, रूपा, सोना, मालती, मेहता, रायसाहब, मि. खन्ना, मातादीन, लाला पटेश्वरी, नोखेराम आदि।

42. कला के किस क्षण से फैण्टेसी साहित्यिक कलात्मक अभिव्यक्ति का रूप धारण करने लगती है?

Correct Answer: (d) कला के तीसरे क्षण से
Solution:'कला के तीसरे क्षण' से फैण्टेसी साहित्यिक कलात्मक अभिव्यक्ति का रूप धारण करने लगती है। फैण्टेसी एक तकनीकि है, जिसका प्रयोग एक सृजनशील साहित्यकार अपनी रचना की प्रक्रिया में करता है। सरल शब्दों में कहें तो फैण्टेसी का अर्थ कल्पना होता है। मुक्तिबोध की कविता 'अंधेरे में' फैण्टेसी का एक अच्छा उदाहरण है।

43. 'बाणभट्ट की आत्मकथा' में आई पंक्तियों को पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

A. बिहार से जब मैं बाहर निकला, तो चित्त प्रसन्न था। आती बार मैंने रास्ते की ओर दृष्टि ही नहीं दी थी।
B. निपुणिका आंगन के बाहर मेरी प्रतीक्षा कर रही थी। उसकी सखी बनकर मैं जब बाहर आया, तो ....
C. यद्यपि बाणभट्ट नाम से ही मेरी प्रसिद्धि है; पर यह मेरा वास्तविक नाम नहीं है।
D. निपुणिका ने अपनी स्वामिनी को छिपा रखने के लिए जिस स्थान को चुना था, उसके दर्शन मात्र से मेरा हृदय बैठ गया।
E. भावी जीवन की रंगीन कल्पनाओं में डूबते उतराते मनुष्य को आस-पास देखने की फुर्सत कहाँ होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) C, E, B, D, A
Solution:'बाणभट्ट की आत्मकथा' में आई पंक्तियों को पहले से बाद का क्रम निम्न है -
1. यद्यपि बाणभट्ट नाम से ही मेरी प्रसिद्धि है; पर यह मेरा वास्तविक नाम नहीं है।
2.भावी जीवन की रंगीन कल्पनाओं में डूबते उतराते मनुष्य को आस-पास देखने की फुर्सत कहाँ होती है।
3. निपुणिका आंगन के बाहर मेरी प्रतीक्षा कर रही थी। उसकी सखी बनकर मैं जब बाहर आया, तो
4.निपुणिका ने अपनी स्वामिनी को छिपा रखने के लिए जिस स्थान को चुना था, उसके दर्शन मात्र से मेरा हृदय बैठ गया।
5. बिहार से जब मैं बाहर निकला, तो चित्त प्रसन्न था। आती बार मैंने रास्ते की ओर दृष्टि ही नहीं दी थी।
'बाणभट्ट की आत्मकथा' उपन्यास के लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी हैं। इसका प्रकाशन 1946 ई. में हुआ था। यह एक ऐतिहासिक उपन्यास है। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं - बाणभट्ट, भट्टिनी, निपुणिका (निउनिया) आदि।

44. 'मजदूरी और प्रेम' निबंध के अनुसार सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I (फकीर)सूची-II (मजदूरी का जीवन)
A. जोन ऑफ आर्कI. जूते गांठना
B. टालस्टायII. रंगमहलों में चटाई आदि बुनना
C. उमर खैयामIII. भेड़ें चराना
D. खलीफा उमरIV. तम्बू सीना

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b)
Solution:'मजदूरी और प्रेम' निबंध के सूची-11 का सही मिलान निम्न है -
सूची-I (फकीर)-सूची-II (मजदूरी का जीवन)
जोन ऑफ आर्क-भेड़ें चराना
टालस्टाय-जूते गांठना
उमर खैयाम-तम्बू सीना
खलीफा उमर-रंग महल़ों में चटाई आदि बुनना

'मजदूरी और प्रेम' सरदार पूर्ण सिंह का भाव प्रधान निबंध है। यह द्विवेदी युग के श्रेष्ठ निबंधकार माने जाते हैं।

45. गैंग्रीन (रोज) कहानी के संबंध में उचित कथन है।

A. मालती को अपने परिवार और गृहस्थी से सुख का अनुभव होता था।
B. मालती के पति सरकारी डॉक्टर थे।
C. सरकारी अस्पताल और डॉक्टर के प्रति उसके मन में अच्छी भावना थी।
D. मालती ने पिता के द्वारा लाई किताब फाड़ कर फेंक दी थी।
E. मालती के शिशु को चोटें लगती ही रहती हैं, रोज ही गिर पड़ता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल B, D और E
Solution:गैंग्रीन (रोज) कहानी के संबंध में उचित कथन निम्न है-
1. मालती के पति सरकारी डॉक्टर थे।
2. मालती ने पिता के द्वारा लाई किताब फाड़ कर फेंक दी थी।
3. मालती के शिशु को चोटें लगती ही रहती है, रोज ही गिर पड़ता है।
गैंग्रीन (रोज) कहानी के लेखक अज्ञेय हैं। अज्ञेय द्वारा रचित अन्य कहानियाँ हैं विपथगा, परंपरा, कोठरी की बात, जयदोल, अमर बल्लरी आदि।

46. किशोरीदास वाजपेयी की पुस्तक 'हिन्दी की वर्तनी तथा शब्द-विश्लेषण' के अध्यायों का सही अनुक्रम है :

A. समास में वर्तनी की स्थिति
B. वाक्य विन्यास में वर्तनी का विवेचन
C. हिन्दी की कुछ क्रियाएँ
D. नाम, यानी संज्ञाएँ
B. हिन्दी में अनुनासिक वर्ण और अनुस्वार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) C, D, E, A, B
Solution:किशोरीदास वाजपेयी की पुस्तक 'हिन्दी की वर्तनी तथा शब्द-विश्लेषण' के अध्यायों का सही अनुक्रम निम्न है -
1. हिन्दी की कुछ क्रियाएँ 2. नाम यानी संज्ञाएँ
3. हिन्दी में अनुनासिक वर्ण और अनुस्वार
4. समास में वर्तनी की स्थिति
5. वाक्य विन्यास में वर्तनी का विवेचन

47. इन काव्य-पंक्तियों के रचनाकार सिद्ध कवि हैं -

जिमि लोण विलिज्जड़ पाणिएहि तिम घरिणी लड़ चित्त ।
समरस जाई तक्खणे जइ पुणु ते सम णिन्त।

Correct Answer: (a) कण्हपा
Solution:जिमि लोण विलिज्जइ पाणिएहि तिम घरिणी लइ चित्त ।
समरस जाई तक्खणे जइ पुणु ते सम णिन्त ।
इन काव्य पंक्तियों के रचनाकार 'कण्हपा' हैं। कण्हपा सिद्ध साहित्य के प्रमुख कवियों में से एक थे। इन्होंने 74 ग्रंथ लिखे थे इनका समय 820 ई. माना जाता है। सिद्ध साहित्य बज्रयानी सिद्धों द्वारा लिखा गया साहित्य है। ये भारत के पूर्वी भाग में सक्रिय थे। सिद्ध साहित्य, बौद्ध धर्म की बज्रयान शाखा से जुड़ा हुआ है। 'सरहपा' सिद्ध साहित्य के प्रथम कवि माने जाते हैं। इनके द्वारा लिखे 32 ग्रंथ बताए जाते हैं। जिनमें 'दोहा कोश' प्रमुख है। सिद्ध साहित्य के अन्य कवि हैं- शबरपा, कण्हपा, डोम्भिपा, कुक्कुरिपा आदि।

48. 'मजदूरी और प्रेम' निबंध के अनुसार पश्चिमी सभ्यता मुख मोड़ कर जिस नए आदर्श को उन्मुख है उस आदर्श को 'दर्शाने वाले देवता' कौन है?

Correct Answer: (c) टॉलस्टॉय
Solution:'मजदूरी और प्रेम' निबंध के अनुसार पश्चिमी सभ्यता मुख मोड़कर जिस नए आदर्श को उन्मुख है उस आदर्श को दर्शाने वाले देवता 'टॉलस्टॉय' है। 'मजदूरी और प्रेम' निबंध के लेखक सरदार पूर्ण सिंह हैं। सरदार पूर्ण सिंह ने हिन्दी में कुल छः निबन्ध लिखे जो इस प्रकार हैं- सच्ची वीरता, आचरण की सभ्यता, मजदूरी और प्रेम, अमेरिका का मस्त योगी वाल्ट व्हिटमैन, कन्यादान और पवित्रता आदि।

49. कोऊ नहिं पकरत मेरो हाथ।

बीस कोटि सुत होत फिरत मैं हा हा होय अनाथ ॥
- 'भारत दुर्दशा' नाटक में उक्त गीत किस अंक में है?

Correct Answer: (b) दूसरा अंक
Solution:कोऊ नहिं पकरत मेरो हाथ ।
बीस कोटि सुत होत फिरत मैं हा हा होय अनाथ ।।
भारत दुर्दशा नाटक में उक्त गीत दूसरा अंक में है। भारत दुर्दशा (1880 ई.) नाटक के लेखक युग प्रवर्तक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हैं। इस नाटक में कुल छः अंक हैं। यह एक प्रहसन है। इस नाटक के प्रमुख पात्र हैं - भारत, भारत दुर्दैव, भारत भाग्य, योगी, आलस्य, मदिरा एवं सत्यानाशी आदि। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने कुल 17 नाटक लिखे हैं। जिसमें 8 मौलिक तथा 9 अनूदित हैं। जो इस प्रकार हैं-
मौलिक नाटक - 1. वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति (1873 ई.), 2. विषस्य विषमौषधम (1876 ई.), 3. प्रेम जोगिनी (1875 ई.), 4. चन्द्रावली (1876 ई.), 5. भारत दुर्दशा (1880 ई.), 6. नील देवी (1881 ई.), 7. अंधेर नगरी (1881 ई.), 8. सती प्रताप (1883)
अनूदित नाटक - 1. रत्नावली (1868 ई.), 2. विद्यासुंदर (1868 ई.), 3. पाखण्ड विडम्बना (1872 ई.), 4. धनंजय विजय (1873 ई.), 5. मुद्राराक्षस (1878 ई.), 6. दुर्लभ बन्धु (1880 ई.), 7. कपूर मंजरी (1875 ई.), 8. सत्य हरिश्चन्द्र (1875 ई.) 9. भारत जननी (1877 ई.)।

50. 'मजदूरी और प्रेम' निबंध में आई पंक्तियों को पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए :

A. आपने चार आने पैसे मजदूर के हाथ में रखकर कहा “यह लो दिन भर की अपनी मजदूरी ।" वाह क्या दिल्लगी है!
B. हल चलाने वाले और भेड़ चराने वाले प्रायः स्वभाव से ही साधु होते हैं।
C. पश्चिमी सभ्यता मुख मोड़ रही है। वह एक नया आदर्श देख रही है।
D. मुझे तो मनुष्य के हाथ से बने कामों में उनकी प्रेममय पवित्र आत्मा की सुगंध आती है।
E. आदमियों की तिजारत करना मूर्खी का काम है। सोने और लोहे के बदले मनुष्य को बेचना मना है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (b) B, A, D, E, C
Solution:'मजदूरी और प्रेम' निबंध में आई पंक्तियों का पहले से बाद का व्यवस्थित क्रम निम्न है -
1. हल चलाने वाले और भेड़ चराने वाले प्रायः स्वभाव से ही साधु होते हैं।
2. आपने चार आने पैसे मजदूर के हाथ में रखकर कहा यह लो दिन भर की अपनी मजदूरी। "वाह क्या दिल्लगी है।"
3. मुझे तो मनुष्य के हाथ से बने कामों में उनकी प्रेममय पवित्र आत्मा की सुगंध आती है।
4. आदमियों की तिजारत करना मूर्खी का काम है। सोने और लोहे के बदले मनुष्य को बेचना मना है।
5. पश्चिमी सभ्यता मुख मोड़ रही है। वह एक नया आदर्श देख रही है।
'मजदूरी और प्रेम' निबंध के लेखक सरदार पूर्ण सिंह हैं। सरदार पूर्ण सिंह ने कुल छः निबंध लिखे हैं जो इस प्रकार हैं 1. सच्ची वीरता, 2. मजदूरी और प्रेम, 3. आचरण की सभ्यता, 4. कन्यादान, 5. पवित्रता, 6. अमेरिका का मस्त योगी वाल्ट व्हिटमैन।