NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून-2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

81. 'मेरे राम का मुकुट भीग रहा है' में आई पंक्तियों का सही अनुक्रम है :

A. मानहुँ कालराति अँधियारी
B. घोर जंतु सम पुर नरनारी
C. लागति अवध भयावह भारी
D. डरपहिं एकहि एक निहारी
E. घर समान परिजन जनु भूता
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) C, A, B, D, E
Solution:'मेरे राम का मुकुट भीग रहा है' में आई पंक्तियों का सही अनुक्रम इस प्रकार है -
1. लागति अवध भयावह भारी
2. मानहुँ कालराति अँधियारी
3. घोर जंतु सम पुर नरनारी
4. डरपहिं एकहि एक निहारी
5. घर मसान परिजन जनु भूता
● 'मेरे राम का मुकुट भीग रहा है' नाटक विद्यानिवास मिश्र द्वारा रचित है। इसका प्रकाशन वर्ष 1974 ई.है। यह ललित निबंध है।
इनके प्रमुख निबन्ध - छितवन की छाह (1953 ई.), हल्दी दूब (1955 ई.), कदंब की फूली डाल (1956 ई.), तुम चंदन हम पानी (1957 ई.), मैंने सिल पहुँचाई (1966 ई.), भ्रमरानंद के पत्र (1981 ई.), शिरीष की याद आई (1995 ई.), साहित्य के सरोकार (2007 ई.) आदि।

82. 'दुलाईवाली' कहानी में सीता नामक बालिका की आयु है :

Correct Answer: (c) दस वर्ष
Solution:राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला) द्वारा रचित कहानी दुलाईवाली (1907 ई.) में सीता नामक बालिका की आयु दस वर्ष है।
• दुलाईवाली कहानी को प्रथम मौलिक कहानी माना गया। कला की दृष्टि से यह अत्यंत प्रौढ़ कहानी है।
• इस कहानी में काशी और उसके आस-पास के जन जीवन तथा स्त्री-पुरुष की सोच, उनके मनोभावों का स्वाभाविक चित्रण किया गया है। कहानी की शुरुआत काशी के दशाश्वमेध घाट से शुरू होकर इलाहाबाद में खत्म होती है।
प्रमुख पात्र - वंशीधर, नवल किशोर, जानकी देई, सीता।

83. राजा राममोहन राय के संबंध में उचित कथन है :

A. राजा राममोहन राय भारत में राष्ट्रीय पत्रकारिता के संस्थापक माने जाते हैं।
B. बहुदेववाद में उनकी गहरी आस्था थी।
C. राजा राममोहन राय पश्चिमी ढंग की शिक्षा के विरोधी थे।
D. उन्होंने 'संवाद कौमुदी' और 'अल अकबर' अखबार की स्थापना की।
E. राजा राममोहन राय ने सेंसरशिप कानूनों के विरुद्ध सशक्त आन्दोलन चलाया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल A, D और E
Solution:राजा राममोहन राय के संबंध में उचित कथन निम्नलिखित हैं -
1. राजा राममोहन राय भारत में राष्ट्रीय पत्रकारिता के संस्थापक माने जाते हैं।
2. उन्होंने 'संवाद कौमुदी' और 'अल अकबर' अखबार की स्थापना की।
3. राजा राममोहन राय ने सेंसरशिप कानूनों के विरुद्ध सशक्त आन्दोलन चलाया।
• राजा राममोहन राय ब्रह्मसमाज (1828 ई.) के संस्थापक थे।
• 1815 ई. में राजा राममोहन राय ने आत्मीय सभा का गठन किया।
• उन्हें मुगल सम्राट अकबर द्वितीय द्वारा राजा की उपाधि दी गई थी।

84. जहाँ उपमेय स्वयं ही अपना उपमान हो वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?

Correct Answer: (c) अनन्वय
Solution:

जहाँ उपमेय स्वयं ही अपना उपमान हो वहाँ अनन्वय अलंकार होता है।
• व्यतिरेक - जहाँ उपमेय में उपमान से सकारण उत्कर्ष दिखाया जाए, वहाँ 'व्यतिरेक' अलंकार होता है।
• प्रतीप - प्रतीप का अर्थ उल्टा या विपरीत होता है। यह अलंकार उपमा का उल्टा होता है। जहाँ प्रसिद्ध उपमान को उपमेय और उपमेय को उपमान सिद्ध करके चमत्कार पूर्वक उपमेय या उपमान की उत्कृष्टता दिखाई जाती है। वहाँ 'प्रतीप' होता है।
• रूपक - उपमेय में उपमान का भेद रहित आरोप रूपक अलंकार कहलाता है।

85. 'मुर्दहिया' किस गाँव की बहुउद्देशीय कर्मस्थली थी?

Correct Answer: (c) धरमपुर
Solution:'मुर्दहिया' धरमपुर (आजमगढ़) गाँव की बहुउद्देशीय कर्मस्थली थी।
• तुलसीराम कृत मुर्दहिया (2010 ई.) दलित आत्मकथा है। इसका दूसरा भाग - मणिकर्णिका (2014 ई.) है।
• संभवतः यह हिन्दी की पहली आत्मकथा है जिसमें केवल दलित ही नहीं अपितु गाँव का सम्पूर्ण लोक जीवन ही केन्द्र में है।
• डॉ.तुलसीराम ने अपनी इस आत्मकथा को सात उपशीर्षकों के माध्यम से अपने जीवन की एक-एक पड़ाव को पाठकों के सामने रख दिया है। जो निम्नलिखित है -
1. भुतही पारिवारिक पृष्ठ भूमि
2. मुर्दहिया तथा स्कूली जीवन
3. अकाल में अंध विश्वास
4. मुर्दहिया के गिद्ध तथा लोक जीवन
5. भूतनिया नागिन
6. चले बुद्ध की राह
7. आजमगढ़ में फाकाकशी
प्रमुख पात्र - धीरज, जूठन, मुसड़िया, सोम्मर, मुन्नेसर, नग्गर काका, मुंशी रामसूरत, परशुराम सिंह, सुग्रीव सिंह, देवराज सिंह आदि।

86. 'नाखून क्यों बढ़ते हैं?' के अनुसार सत्य कथन हैं :

A. देवताओं के राजा का वज्र, जो दधीचि मुनि की हड्डियों से बना था।
B. नखधर मनुष्य अब एटम - बम पर भरोसा करके आगे की ओर चल पड़ा है।
C. मेरे निर्बोध बालक ने मानो मनुष्य जाति से ही प्रश्न किया है - जानते हो, नाखून क्यों बढ़ते हैं?
D. एक बूढ़ा कहता था बाहर नहीं, भीतर की ओर देखो। हिंसा को मन से दूर करो ...
E. महावीर ने ठीक ही कहा था कि मनुष्य की मनुष्यता यही है कि वह सबके दुःख सुख को सहानुभूति के साथ देखता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल A,B, D
Solution:'नाखून क्यों बढ़ते हैं?' के अनुसार सत्य कथन निम्नलिखित हैं -
1. देवताओं के राजा का वज्र, जो दधीचि मुनि की हड्डियों से बना था।
2. नखधर मनुष्य अब एटम बम पर भरोसा करके आगे की ओर चल पड़ा है।
3.एक बूढ़ा कहता था बाहर नहीं, भीतर की ओर देखो। हिंसा को मन से दूर करो ...
• 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' निबन्ध हजारी प्रसाद द्विवेदी के 'कल्पलता' (1951 ई.) निबन्ध संग्रह में संकलित है।
• यह विचार-प्रधान व्यक्तिनिष्ठ निबन्ध है।
• इसमें नाखून का बढ़ना पशुता का प्रतीक है और नाखून का काटना मानवता का प्रतीक माना गया है।
• हजारी प्रसाद द्विवेदी ललित निबन्धकार हैं। इन्होंने निबन्ध को व्यक्ति की स्वाधीन चिंता की उपज कहा है। प्रमुख निबन्ध संग्रह - अशोक के फूल (1948 ई.), मध्यकालीन धर्म साधना (1952 ई.), विचार और वितर्क (1957 ई.), कुटज (1964 ई.), आलोक पर्व (1972 ई.) आदि।

87. अरस्तू के त्रासदी के सिद्धांत के अंगों का सही अनुक्रम है -

A. कथानक                     B. विचार              C. चरित्र
D. गीत                            E. पदयोजना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) A, C, B, E, D
Solution:

अरस्तू के त्रासदी के सिद्धांत के अंगों का सही अनुक्रम इस प्रकार है -
(1) कथानक, (2) चरित्र, (3) विचार, (4) पदयोजना, (5) गीत ।
• अरस्तू यूरोपीय चिन्तन और पाश्चात्य व्यवस्थित विचारधारा के आदि प्रवर्तक, यथार्थवादी, दार्शनिक तथा व्यापक ज्ञान के विश्वकोश थे।
• काव्यशास्त्र पर अरस्तू की दो पुस्तकें हैं रिटोरिक और पोइटिका।
अरस्तू ने काव्य के तीन भेद किये हैं एक विषादान्त नाटक (ट्रैजेडी), दूसरा प्रसादान्त नाटक (कॉमेडी) और तीसरा महाकाव्य (इपिक)।
• विषादान्त नाटक (ट्रैजेडी) के छः तत्त्व होते हैं - कथावस्तु (प्लाट), चरित्र (कैरेक्टर), भाषाशैली (डिक्शन),विचार (थॉट), प्रदर्शन (स्पेक्टेकिल) और संगीत ।

88. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची - I (काव्य-लक्षण)सूची - II (आचार्य)
A. वाक्यं रसात्मकं काव्यम्I. वामन
B. शब्दार्थौ सहितौ काव्यं गद्यं-पद्यं च तत द्विधाII. विश्वनाथ
C. रमणीयार्थ प्रतिपादक: शब्द: काव्यम्III. भामह
D. काव्य शब्दोऽयं गुणालंकार संस्कृतयो: शब्दार्थयोर्वर्ततेIV. पंडित राज जगन्नाथ

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

ABCD
(a)IIIIVIII
(b)IIIIIIVI
(c)IVIIIIII
(d)IIIIIIIV
Correct Answer: (b)
Solution:सूची-I तथा सूची-II का सही मिलान निम्न है-
सूची-I (काव्य लक्षण)सूची-II (आचार्य)
• वाक्यं रसात्मकं काव्यम्– विश्वनाथ
• शब्दार्थौ सहितौ काव्यम् गद्यं-पद्यं च तद्द्विधा– भामह
• रमणीयार्थ प्रतिपादकः शब्दः काव्यम्– पंडित राज जगन्नाथ
• काव्य शब्दोऽयंगुणालंकार संस्कृतयोः शब्दार्थयोः वर्तते– वामन

89. मुक्तिबोध की कविता है -

A. ब्रह्मराक्षस
B. भूरी भूरी खाक
C. भूलगलती
D. टूटने का सुख
E. भग्नदूत  धूलि
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, B, C
Solution:

ब्रह्मराक्षस, भूरी भूरी खाक धूल, भूल गलती, चाँद का मुँह टेढ़ा है, अंधेरे में, ब्रह्मराक्षस, अंतःकरण का आयतन आदि गजानन माधव मुक्तिबोध की कविताएँ हैं जबकि टूटने का सुख, कमल के फूल, सतपुड़ा के जंगल, वाणी की दीनता, गीत फ़रोश आदि भवानी प्रसाद मिश्र की कविताएँ हैं तथा भग्नदूत, चिन्ता, इत्यलम्, हरी घास पर क्षणभर, बावरा अहेरी, इंद्रधनुष रौंदे हुए ये, अरी ओ करुणा प्रभामय, आँगन के पार द्वार, सुनहले शैवाल, कितनी नावों में कितनी बार, पहले मैं सन्नाटा बुनता हूँ, महावृक्ष के नीचे, नदी की बाँक पर छाया आदि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' के काव्य संग्रह हैं।

90. काव्य के संबंध में यह उक्ति किस आचार्य की है?

गुरूपदेशादध्येतुं शास्त्रं जडधियोऽप्यलम्।
काव्यं तु जायते जातु कस्यचित् प्रतिभावतः "

Correct Answer: (b) भामह
Solution:
काव्य के संबंध में उक्तिआचार्य

• "गुरूपदेशादध्येतुं शास्त्रं जडधियोऽप्यलम्।
काव्यं तु जायते जातु कस्यचित् प्रतिभावतः॥"

– भामह

• "नैसर्गिकी च प्रतिभा श्रुतं च बहुनिर्मलम्।
अमन्दाश्चाभि योगोऽस्याः कारणं काव्य संपदः॥"

– दण्डी
• "लोको विद्याप्रकीर्णस्य काव्यांगानि।"– वामन

• "शक्तिनिपुणता लोककाव्य शास्त्राद्यवेक्षणात्।
काव्यज्ञ शिक्षयाऽभ्यास इति हेतुस्तदुद्भवे॥"

– मम्मट