NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून-2024 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

91. आचरण का विकास जीवन का परमोद्देश्य है। आचरण के विकास के लिए नाना प्रकार की सामग्रियों का, जो संसार-संभूत शारीरिक, प्राकृतिक, मानसिक और आध्यात्मिक जीवन में वर्तमान है, उन सभी का किसी मनुष्य अथवा जाति के आचरण के विकास के संदर्भ में विचार किया जाना चाहिए।

आचरण के विकास के लिए जितने भी कर्म निर्धारित किए गए हैं, उन सभी को संघटनकर्ता धर्म का अंग मानना चाहिए। चाहे कोई कितना भी बड़ा महात्मा हो जाए, वह निश्चयपूर्वक यह नहीं बता सकता कि यही रास्ता सही है, दूसरा नहीं। आचरण को बेहतर, बनाने के लिए सभी को एक ही पथ नहीं बताया जा सकता। आचरणशील महात्मा स्वयं तो किसी बनी बनाई सड़क से नहीं आया, उसने भी अपनी सड़क स्वयं बनायी थी। हर किसी को अपने देश काल के अनुसार राम प्राप्ति की इच्छा रखते हुए अपनी नैया खुद ही बनानी होगी और अपने आप ही चलानी भी होगी। प्राकृतिक सभ्यता के आने पर ही मानसिक सभ्यता आती है और मानसिक सभ्यता के आने पर आचरण सभ्य बनता है।
उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार एक आचरणशील महात्मा का कार्य होना चाहिए-

Correct Answer: (c) अपने लिए स्वयं सड़क का निर्माण करना
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार एक आचरणशील महात्मा का कार्य होना चाहिए कि 'वह अपने लिए स्वयं सड़क का निर्माण करें'। आचरणशील महात्मा स्वयं तो किसी बनी बनाई सड़क से नहीं आया, उसने भी अपनी सड़क स्वयं बनायी थी।

92. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार धर्म की प्राप्ति और आचरण के विकास के लिए इनमें से क्या करना अनिवार्य है?

Correct Answer: (c) कर्म के प्रति समर्पण
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार धर्म की प्राप्ति और आचरण के विकास के लिए इनमें से कर्म के प्रति समर्पण होना अनिवार्य है। तथा आचरण के विकास के लिए जितने भी कर्म निर्धारित किए गए हैं उन सभी को संघटनकर्ता धर्म का अंग मानना चाहिए।

93. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार सबसे अधिक बल किस तत्व पर दिया गया है?

Correct Answer: (a) कर्म को ही धर्म मानने पर
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार सबसे अधिक बल 'कर्म को ही धर्म मानने पर दिया गया है।

94. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार इनमें से कौन सा उदाहरण प्राकृतिक सभ्यता और मानसिक विकास का वास्तविक उदाहरण है?

Correct Answer: (c) आँधी, पानी, गरम, सरदी झेलकर कर्म रूपी धर्म की रक्षा
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार आंधी, पानी, गरम, सरदी झेलकर कर्म रूपी धर्म की रक्षा प्राकृतिक और मानसिक विकास का वास्तविक उदाहरण है।

95. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार आचरण को बेहतर बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए?

Correct Answer: (d) अपने पथ का निर्माण स्वयं करना चाहिए।
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार आचरण को बेहतर बनाने के लिए अपने पथ का निर्माण स्वयं करना चाहिए। जैसे आचरणशील महात्मा स्वयं तो किसी बनी बनाई सड़क से नहीं आया, उसने भी अपनी सड़क स्वयं बनायी थी।

96. दक्षिण की ओर से जो भक्तिधारा आई, उसने उत्तर भारत को पूरी तरह प्रभावित किया। रामानन्द दक्षिण से भक्ति का बीज लेकर आए जो उत्तर भारत में आकर वृक्ष बन गया।

नाथों और संतों की काव्यधारा से विकसित होने वाला ज्ञान और मुस्लिम एकेश्वरवाद से प्राप्त होने वाले प्रेम से निर्गुण ईश्वर को पाने का स्वप्न कबीर, जायसी ने देखा वहीं तुलसीदास और सूरदास ने राम और कृष्ण के सगुण रूप की उपासना की। सभी धाराओं के केन्द्र में लोकभाषा ने सदा स्थान बनाए रखा। अवधी, ब्रज, सधुक्कड़ के साथ दक्षिण भारत की ओर देखें तो अनेक सूफी संतों ने दक्खिनी में विपुल साहित्य लिखा। शाह मीराजी, शाह बुरहानुद्दीन द्वारा दक्खिनी में लिखित काव्य को आगे चलकर खड़ी बोली का ही रूप माना गया। हिंदी को देश भर में प्रचलित करने का कार्य वैष्णव धर्म ने किया। रामानन्द एवं वल्लभाचार्य ने हिंदी के माध्यम से ही भक्ति आन्दोलन को सशक्त बनाया। साहित्य एवं संगीत की दृष्टि से भी हिंदी समृद्ध भाषा है। समान उद्‌गम स्रोत वाली भाषाओं, मराठी, गुजराती, बंगाली, उड़िया से समानता के कारण भी हिंदी को प्रोत्साहन मिला। मुगलकाल में व्यापार केन्द्र उत्तर भारत में रहे। हिंदीतर प्रदेशों में व्यापारी भी लेनदेन के लिए हिंदी का प्रयोग करते थे। राजनैतिक कारणों से भी हिंदी को इस काल में पर्याप्त प्रोत्साहन प्राप्त हुआ।
उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार दक्षिण भारत से भक्ति की धारा उत्तर भारत में लाने का श्रेय इसमें से किसे दिया जाता है?

Correct Answer: (b) आचार्य रामानन्द
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार दक्षिण भारत से भक्ति की धारा उत्तर भारत में लाने का श्रेय आचार्य रामानन्द को दिया जाता है। रामानन्द दक्षिण से भक्ति का बीज लेकर आए जो उत्तर भारत में आकर वृक्ष बन गया।

97. उपर्युक्त अनुच्छेद में भक्तिकालीन हिंदी के संदर्भ में कौन कथन नहीं कहा गया है?

Correct Answer: (a) नाथों और संतों की विचारधारा ने ज्ञान और प्रेम तत्व को प्रधानता दी।
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद में भक्तिकालीन हिन्दी के संदर्भ में कथन "नाथों और संतों की विचारधारा के ज्ञान और प्रेम तत्व को प्रधानता दी" सही नहीं है। जबकि प्रेम तत्व की प्रधानता संत काव्य के प्रेमाश्रयी शखी की विशेषता है। इस काव्य धारा में जायसी मुख्य कवि थे। अन्य सभी विकल्प संगत हैं।

98. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार मुस्लिम एकेश्वरवाद का प्रभाव किस धारा पर दिखाई देता है?

Correct Answer: (b) सूफी काव्य धारा
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार 'मुस्लिम एकेश्वरवाद' का प्रभाव सूफी काव्य धारा पर दिखाई देता है। सूफी काव्य धारा के प्रमुख कवियों में जायसी का नाम आता है।

99. उपर्युक्त अनुच्छेद में हिंदी के विकास के किस रूप की चर्चा नहीं की गई है?

Correct Answer: (d) आध्यात्मिक विकास
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद में हिंदी विकास के 'आध्यात्मिक विकास' के रूप की चर्चा नहीं की गई है। जबकि अनुच्छेद में आर्थिक विकास, राजनैतिक विकास तथा साहित्यिक विकास की चर्चा की गई है।

100. उपर्युक्त अनुच्छेद में हिंदी से समान उद्‌गम के संदर्भ में किन भाषाओं का उल्लेख किया गया है?

Correct Answer: (c) गुजराती, बंगाली एवं उड़िया
Solution:उपर्युक्त अनुच्छेद में हिन्दी से समान उद्‌गम के संदर्भ में गुजराती, बंगाली एवं उड़िया भाषाओं का उल्लेख किया गया है।