NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून-2024 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

11. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए

सूची-I (कहानी)-सूची-II (पात्र)-
Aराजा निरबंसियाIमिस्टर शामनाथ
Bकोसी का घटवारIIशाहनी
Cसिक्का बदल गयाIIIजगपती
Dचीफ की दावतIVहवलदार धरम सिंह

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) A-III, B-IV, C-II, D-I
Solution:दी गयी कहानियों और उनके पात्रों का सुमेलन निम्नवत् है-
कहानी-पात्र
राजा निरबंसिया-जगपती
कोसी का घटवार-हवलदार धरम सिंह
सिक्का बदल गया-शाहनी
चीफ की दावत-मिस्टर शामनाथ

दी गई कहानियों के अन्य पात्र इस प्रकार हैं-
राजा निरबंसिया - रानी लक्ष्मी, चंदा, जगपति, बचन सिंह
कोसी का घटवार - गुसाई, लछमा
सिक्का बदल गया - शाहनी, शेरा, बेग पटवारी, शाह जी, हुसैना दाऊद ।
चीफ की दावत - बूढ़ी माँ, पत्नी।

12. आधुनिकता के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?

A. आधुनिकता यथार्थ बोध पर आधारित है
B. आधुनिकता ईश्वर का चित्रण मनुष्य रूप में करती है।
C. आधुनिकता किसी निर्दिष्ट प्रणाली पर न चलकर अपनी संवेदना आसपास के जीवन से ग्रहण करती है
D. आधुनिकता सामाजिक उत्तरदायित्व से मुक्त है
E. आधुनिकता आनंद के साथ कर्म की प्रेरणा देती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, C और E
Solution:आधुनिकता के संबंध में सत्य कथन निम्नलिखित हैं- आधुनिकता यथार्थ बोध पर आधारित है। आधुनिकता किसी निर्दिष्ट प्रणाली पर न चल कर अपनी संवेदना आस-पास के जीवन से ग्रहण करती है। आधुनिकता आनंद के साथ कर्म की प्रेरणा देती है।

13. उपरोक्त पंक्तियां चंदबरदाई ने किस संदर्भ में लिखी है?

रासउ असंभु नवरस सरस छंद चंदु किअ अमिअ सम।
श्रृंगार वीर करुणा विभछ भय अद्भुत्तह संत सम ॥

Correct Answer: (c) रासउ की व्याख्या
Solution:रासउ असंभु नवरस सरस छंद चंदु किअ अमि सम।
श्रृंगार वीर करुणा विभछ भय अद्भुत्तह संत सम।।
उपरोक्त पंक्तियाँ चंदबरदाई ने रासउ की व्याख्या के संदर्भ में लिखी है।

14. विद्यानिवास मिश्र के निबंध मेरे राम का मुकुट भीग रहा है का प्रकाशन वर्ष क्या है?

Correct Answer: (c) 1974
Solution:विद्यानिवास मिश्र के निबंध 'मेरे राम का मुकुट भीग रहा है' का प्रकाशन वर्ष 1974 है। इनके अन्य निबंध एवं प्रकाशन वर्ष निम्नवत् है-
निबंध-प्रकाशन वर्ष
'हल्दी दूब'-1955 ई.
'कदम की फूली डाल'-1956 ई.
'तुम चन्दन हम पानी'-1957 ई.
आँगन का पंक्षी और बंजारामन-1963 ई.
मैं ने सिल पहुँचाई-1966 ई.
'वसंत आ गया पर कोई उत्कण्ठा नहीं'-1972 ई.
मेरे राम का मुकुट भीग रहा है-1974 ई.
कौन तू फुलवा बीननहारि-1980 ई.
भ्रमरानन्द के पत्र-1981 ई.
संचारिणी-1982 ई.
अंगद की नियति-1984 ई.
'शिरीष की याद आई'-1995 ई.

15. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने आधुनिक काल के किन दो निबंधकारों को हिंदी का 'स्टील' और 'एडीसन' कहा है :

Correct Answer: (a) बालकृष्ण भट्ट और प्रताप नारायण मिश्र
Solution:आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने आधुनिककाल के दो निबंधकारों बालकृष्ण भट्ट और प्रतापनारायण मिश्र को क्रमशः 'स्टील' और 'एडीसन' कहा है। बालकृष्ण भट्ट के प्रमुख निबंध निम्नवत् हैं- 1- चन्द्रोदय, 2- संसार महानाटकशाला, 3- इंगलिश पढ़े तो बाबू होय, (4) आत्मनिर्भरता, (5) कल्पना, (6) मेला ठेला, (7) माता का स्नेह, (8) कालचक्र का चक्कर, (9) प्रतिभा, (10) माधुर्य, (11) आशा, (12) आत्मगौरव, (13) रुचि, (14) भिक्षा- वृत्ति इत्यादि ।
प्रताप नारायण मिश्र मूलतः आत्मव्यंजक निबंधकार हैं। इनके प्रमुख निबंध निम्नवत् हैं- धोखा, दाँत, बालक, वृद्ध, आप, बात, खुशामद, भौं, नारी, मनोयोग, मुच्छ, परीक्षा, समझदार की मौत, ह, द, नास्तिक, ईश्वर की मूर्ति, जुआ, इत्यादि ।

16. निम्नलिखित निबंधकारों का जन्म वर्ष के अनुसार सही आरोही क्रम क्या है?

A. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र  B. सरदार पूर्ण सिंह
C. रामचंद्र शुक्ल       D. नामवर सिंह
E. विद्यानिवास मिश्र
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) A, B, C, D, E
Solution:दिए गए निबंधकारों का जन्म वर्ष के अनुसार सही आरोही क्रम निम्नवत् है-
निबंधजन्म वर्षमृत्यु वर्ष
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र1850 ई.1885 ई.
सरदार पूर्ण सिंह1881 ई.1939 ई.
रामचन्द्र शुक्ल1884 ई.1941 ई.
विद्यानिवास मिश्र1926 ई.2005 ई.
नामवर सिंह1926 ई.2019 ई.

17. निम्नलिखित निबंधों का उनके प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही आरोही क्रम क्या है?

A. भारतवर्षोत्रति कैसे हो सकती है।
B. नाखून क्यों बढ़ते हैं
C. शिवशंभु के चिट्टे
D. कविता क्या है
E. संस्कृति और सौंदर्य
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A, C, D, B, E
Solution:दिए गए निबंधों का उनके प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही आरोही क्रम निम्नवत् है-
निबंधप्रकाशन वर्षनिबंधकार
‘भारत वर्षोंन्नति कैसे हो सकती है’1884 ई.भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
शिवशंभु के चिट्ठे1903 ई.बालमुकुन्द गुप्त
कविता क्या है1909 ई.रामचन्द्र शुक्ल
नाखून क्यों बढ़ते हैं1951 ई.हजारी प्रसाद द्विवेदी
संस्कृति और सौन्दर्य1982 ई.नामवर सिंह

18. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I/उपन्याससूची-II/प्रकाशन वर्ष
A.झूठा सच
B.मैला आँचल
C.गोदान
D.मानस का हंस
Correct Answer: (d) A-II, B-IV, C-I, D-III
Solution:दिए गए उपन्यासों और उनका प्रकाशन वर्ष निम्नवत् है-
उपन्यास-प्रकाशन वर्ष
झूठा सच-1958 ई.
मैला आँचल-1954 ई.
गोदान-1935 ई.
मानस का हंस-1974 ई.

'झूठा सच' उपन्यास के उपन्यासकार यशपाल, 'मैला आँचल' के उपन्यासकार फणीश्वरनाथ 'रेणु', 'गोदान' के उपन्यासकार प्रेमचन्द्र तथा 'मानस का हंस' के उपन्यासकार अमृतलाल नागर हैं।

19. अंधायुग नाटक के संबंध में सत्य कथन है/हैं

A. 'अंधायुग' का घटना काल महाभारत के अट्ठारहवें दिन के पूर्व से लेकर प्रभास तीर्थ में कृष्ण की मृत्यु की घोषणा तक है।
B. अंधायुग के पहले अंक का शीर्षक 'कौरव नगरी' और दूसरे अंक का शीर्षक पशु का उदय है।
C. 'अंधायुग' के पांचवें अंक का शीर्षक विजय एक क्रमिक आत्महत्या है।
D. गांधारी का शाप अंक के अन्तर्गत धृतराष्ट्र एवं गांधारी द्वारा युयुत्स व कृष्ण को दिए शाप की कथा वर्णित है।
E. कृतवर्मा युयुत्सु की आज्ञा को अश्वत्थामा की सहायता से पूर्ण करता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) B, C
Solution:'अंधायुग' नाटक के संबंध में सत्य कथन निम्नवत् है- 'अंधायुग' के पहले अंक का शीर्षक 'कौरव नगरी' और दूसरे अंक का शीर्षक 'पशु का उदय' है।
अंधायुग के पाँचवे अंक का शीर्षक 'विजय एक क्रमिक आत्महत्या' है। शेष दिए गए अन्य कथन असंगत हैं। अंधायुग नाटक के नाटककार धर्मवीर भारती हैं। इस गीतिनाट्य का प्रकाशन वर्ष सन् 1954 ई. है। इसका कथानक महाभारत युद्ध के अंतिम दिन पर आधारित है। अश्वत्थामा, गांधारी, धृतराष्ट्र, कृतवर्मा, संजय, वृद्ध याचक प्रहरी- 1, व्यास, विदुर, युधिष्ठिर, कृपाचार्य, युयुत्सू, गूँगा भिखारी, कृष्ण इत्यादि इस नाटक के प्रमुख पात्र हैं।

20. निम्न में से कौन सा से कथन आकाशदीप कहानी से संबंधित है हैं?

A. दोनों बंदी नाव स्वतंत्र होने के कारण मुक्त हो गए।
B. वरूण बालिकाओं के लिए लहरों से पन्ना और सोने क्रीड़ा शैल मालायें बना रही थीं
C. चम्पा आजीवन दीप स्तंभ में आलोक जलाती रही।
D. बुधगुप्त ने उस जगह का कोई नाम न होने के कारण उसे बुध-द्वीप कहने का निर्णय लिया।
E. बुधगुप्त ने चंपा से कहा कि छोटी नाव पर इधर घूमना ठीक नहीं है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल A,C और E
Solution:आकाशदीप कहानी से संबंधित कथन निम्नवत् हैं-
दोनों बंदी नाव स्वतंत्र होने के कारण मुक्त हो गए। चम्पा आजीवन दीप स्तम्भ में आलोक जलाती रही। बुधगुप्त ने चंपा से कहा कि छोटी नाव पर इधर घूमना ठीक नहीं है।
शेष कथन असंगत हैं।
'आकाशदीप' जयशंकर प्रसाद की कहानी है। इस कहानी संग्रह का नाम भी 'आकाशदीप' है और इसका प्रकाशन सन् 1929 में हुआ था। इस कहानी की नायिका चंपा तथा नायक बुद्धगुप्त हैं।