NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून-2024 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

21. भारतेन्दु ने ददरी मेले के अवसर पर भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है विषय पर ओजस्वी और सारगर्भित भाषण किस स्थान पर दिया था?

Correct Answer: (d) बलिया
Solution:भारतेन्दु ने ददरी मेले के अवसर पर 'भारत वर्षोन्नति कैसे हो सकती है' विषय पर ओजस्वी और सारगर्भित भाषण बलिया (उत्तर प्रदेश) में दिया था। हिंदी प्रचार के लिए बलिया में एक बड़ी भारी सभा हुई थी। इसी सभा में उन्होंने कहा था-
निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल ।
बिनु निज भाषा ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल ।।

22. देवनागरी लिपि के संदर्भ में कौन सा कथन असत्य है?

A. देवनगर अर्थात् काशी में प्रचार के कारण इसे देवनागरी कहा गया।
B. ग्रियर्सन ने देवनागरी को शारदा लिपि की बहन माना है।
C. ललितविस्तर में उल्लिखित नाग लिपि ही नागरी है।
D. अरबी लिपि की भांति इस लिपि की उत्पत्ति पुरानी सामी लिपि की उत्तरी शाखा से हुई है।
E. नगरों में प्रचलन के कारण इसका नाम नागरी पड़ा है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल B, D
Solution:देवनागरी लिपि के संदर्भ में दिए गए निम्नलिखित कथन असत्य हैं- 'प्रियर्सन' ने देवनागरी को शारदा लिपि की बहन माना है। अरबी लिपि की भाँति इस लिपि की उत्पत्ति पुरानी सामी लिपि उत्तरी शाखा से हुई है। जबकि इस संबंध में सत्य कथन हैं- देवनगर अर्थात् काशी में प्रचार के कारण इसे देवनागरी कहा गया। 'ललित विस्तर' में उल्लिखित नाग लिपि ही नागरी है। नगरों में प्रचलन के कारण इसका नाम नागरी पड़ा है

23. भेख है यह। आप विचार कर देखिए। जैसे आपका यह खध्धड़ कपड़ा है। मलमल और मारकीन कपड़ा पहनने वाले मन से भले ही महतमा जी के पन्थ को मानें, लेकिन आप उन्हें सुराजी तो नहीं कहिएगा?

उपरोक्त कथन 'मैला आँचल' के किस पात्र द्वारा कहा गया है-

Correct Answer: (a) लछमी
Solution:"भेख है यह । आप विचार कर देखिए। जैसे आपका यह खध्धड़ कपड़ा है। मलमल और मारकीन कपड़ा पहनने वाले मन से भले ही महतमा जी के पन्थ को माने, लेकिन आप उन्हें सुराजी तो नहीं कहिएगा"
उपर्युक्त कथन 'मैला आँचल' के पात्र 'लछमी' के द्वारा कहा गया है। जबकि अन्य पात्रों के कथन निम्नवत् हैं-
बालदेव - "तुम तो आज आए हो, हम सन् तीस से जानते हैं। टीक-मोंछ काटकर मुर्गी का अंडा खिलाकर कामरेड बनाया जाता है। कफ जेहल में कितने लोगों को कामरेड होते देखा है। मुजफ्फरपुर कृ एक सोशलिस्ट नेता थे। उनका काम यही था लोगों की टीक मोछ काटना।”
डॉ. प्रशान्त का कथन - "दिल नाम की कोई चीज आदमी के शरीर में है, हमें नहीं मालूम। पता नहीं आदमी लंग्स को दिल कहता है या हॉर्ट को। जो भी हो हार्ट, लंग्स लीवर का प्रेम से कोई संबंध नहीं है।"
बावनदास का कथन - "पिकेटिंग के समय कांग्रेस के वालेंटियरों को पीटने वाला चानमल मारवाड़ी का बेटा सागरमल नरपत नगर थाना कांग्रेस का सभापति है जबकि नेपाल से लड़कियाँ भगाकर लाने वाला दुलारचंद कापरा कटहा थाने का सेक्रेटरी है।"
कालीचरण के कथन -  "यह जो लाल झंडा है आपका झंडा है, जनता का झंडा है, अवाम का झंडा है, इंकलाब का झंडा है। इसकी लाली उगते हुए आफताब की लाली है। यह खुद आफताब है। इसकी लाली, इसका रंग क्या है रंग नहीं है। यह गरीबों, महरूमों, मजदूरों के खून में रंगा हुआ झंडा है।"

24. निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए

A. साहित्य को जनजीवन के समीप लाने का श्रेय भारतेंदु युग के निबंधों को जाता है।
B.विचार प्रधानता और गंभीर मनोभावों का विवेचन द्विवेदी युग के निबंधों की विशेषता है।
C. छायावाद युग के निबंध केवल ललित निबंध की श्रेणी में आते हैं।
D. हजारी प्रसाद द्विवेदी ने केवल विचार प्रधान निबंध ही लिखे हैं।
E. कुबेरनाथ राय ललित निबंधकार हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल A, B, E
Solution:दिए गए कथनों में से सही कथन निम्नवत् हैं- साहित्य को जनजीवन के समीप लाने का श्रेय भारतेन्दु युग के निबंधों को जाता है। विचार प्रधानता और गम्भीर मनोभावों का विवेचन द्विवेदी युग के निबंधों की विशेषता है। तथा कुबेरनाथ राय ललित निबंधकार हैं। जबकि अन्य कथन असंगत हैं।

25. सादे ढंग से केवल कुछ अत्यंत व्यंजक घटनाएँ और थोड़ी बातचीत सामने लाकर क्षिप्र गति से किसी एक गंभीर संवेदना या मनोभाव से पर्यवेक्षित होने वाली यह कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने किस कहानी के संदर्भ में कहा है?

Correct Answer: (c) उसने कहा था
Solution:

सादे ढंग से केवल कुछ अत्यंत व्यंजक घटनाएँ और थोड़ी बातचीत सामने लाकर क्षित्र गति से किसी एक गंभीर संवेदना या मनोभाव से पर्यवेक्षित होने वाली।' यह कथन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने 'उसने कहा था' कहानी के संदर्भ में कहा है। यह कहानी 1915 ई. में 'सरस्वती' पत्रिका में छपी थी। इसके कहानीकार - चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी' हैं। जबकि एक टोकरी-भर मिट्टी के कहानीकार माधव राव सप्रे हैं। 'दुलाई वाली' कहानी की कहानीकार बंग महिला हैं, 'कानों में कंगना' कहानी के कहानीकार राधिकारमण सिंह हैं।

26. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए -

सूची-I पात्रसूची-II नाटक
A.लीलाIआषाढ़ का एक दिन
B.दन्तुलIIआधे अधूरे
C.अशोकIIIएक और द्रोणाचार्य
D.देवकीIVस्कंदगुप्त

नीचे दिए गए विकल्पों में से  सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A-III, B-I, C-II, D-IV
Solution:दिए गए पात्रों एवं उनके नाटकों का सही सुमेलन इस प्रकार है-
सूची-I (पात्र)-सूची-II (नाटक)
लीला-एक और द्रोणाचार्य
दन्तुल-आषाढ़ का एक दिन
अशोक-आधे-अधूरे
देवकी-स्कंदगुप्त

'आषाढ़ का एक दिन' तथा आधे-अधूरे नाटक मोहन राकेश, 'एक और द्रोणाचार्य' नाटक शंकर शेष तथा 'स्कंदगुप्त' जयशंकर प्रसाद का नाटक है।

27. निम्नलिखित रचनाओं का प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही आरोही क्रम क्या है?

A. प्रेमचंद घर में
B. आवारा मसीहा
C. संस्कृति के चार अध्याय
D. अरे यायावर रहेगा याद
E. एक कहानी यह भी
नीचे दिए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A, D, C, В, Е
Solution:दी गई रचनाओं का प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही आरोही क्रम इस प्रकार है -
रचनाएँप्रकाशन वर्षरचनाकारविधा
प्रेमचंद घर में1944 ई.शिवरानी देवीजीवनी
अरे यायावर रहेगा याद1953 ई.अज्ञेययात्रावृत्तांत
संस्कृति के चार अध्याय1956 ई.रामधारी सिंह 'दिनकर'-
आवारा मसीहा1974 ई.विष्णु प्रभाकरजीवनी
एक कहानी यह भी2007 ई.मन्नु भण्डारीआत्मकथा

28. निम्नलिखित में से कौन से युग्म सही है हैं?

A. याद रखो, सूरज सारी दुनिया, लोक-परलोक, ऊपर थल्ले में, धरती आकाश में सबसे बड़ा है- जिंदगीनामा
B. तिरस्कार भारी आँखों से देखकर कहा-मुझे लाकर यहाँ बैठा दिया। आप परदेश की राह ली गोदान
C. उस दृष्टि में कोई जिज्ञासा नहीं थी, न उसमें कोई भाव था, न विभाव था, ना राग था, न विराग था। रागदरबारी
D. जब एक बार धुरी गड़बड़ा जाती है तो फिर जिन्दगी लड़खड़ा ही जाती है आपका बंटी
E. ग्रान्ट या कर्ज देने वाली किसी नयी स्कीम के बारे में योजना आयोग के सोचने भर की देर थी, वे उसके बारे में सब कुछ जान जाते थे-बाणभट्ट की आत्मकथा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A, B, D
Solution:दिये गये युग्मों में से सही युग्मों के कथन एवं उनके उपन्यास इस प्रकार हैं-
(1) याद रखो, सूरज सारी दुनिया, लोक परलोक, ऊपर थल्ले में, धरती आकाश में सबसे बड़ा है जिंदगीनामा
(2) तिरस्कार भरी आँखों से देखकर कहा मुझे लाकर यहाँ बैठा दिया गया। आप परदेश की राह ली गोदान (3) जब एक बार धुरी गड़बड़ा जाती है तो फिर जिंदगी लड़खड़ा ही जाती है - आपका बंटी
अन्य युग्मों में दिये गए कथन एवं उपन्यास सुमेलित नहीं हैं।
• कृष्णा सोबती द्वारा रचित 'जिन्दगीनामा' (1979 ई.) उपन्यास में पंजाब की साझा संस्कृति, पारिवारिक सामाजिक मानवीय संबंधों, आपसी प्रेम और पारस्परिक राग विराग को अधिक महत्व दिया गया है। मित्रोमरजानी (1967 ई.), समय सरगम (2000 ई.)कृष्णो सोबती द्वारा रचित अन्य प्रमुख उपन्यास हैं।
• 'गोदान' (1936 ई.) मुंशी प्रेमचन्द द्वारा रचित औपनिवेशिक शासन के अन्तर्गत किसानों का महाजनी व्यवस्था में चलने वाले निरंतर शोषण तथा उससे उत्पन्न संत्रास की कथा है। प्रेमा (1907), सेवासदन (1918), वरदान (1921), प्रेमाश्रय (1922), रंगभूमि (1925), कायाकल्प (1926), निर्मला (1927), गबन (1931), कर्मभूमि (1932) प्रेमचंद द्वारा रचित अन्य उपन्यास हैं।
• 'आपका बंटी' (1971 ई.) उपन्यास प्रसिद्ध लेखिका मन्नू भण्डारी द्वारा रचित है। इस उपन्यास में एक तलाकशुदा दंपत्ति के तनावपूर्ण सम्बन्धों के बीच में एक बच्चा किस प्रकार पिसता है, उसकी मनः स्थिति का बहुत मार्मिक चित्रण किया गया है। इनके द्वारा रचित एक अन्य प्रमुख उपन्यास महाभोज (1979 ई.) है। 'राग दरबारी' (1968 ई.) श्रीलाल शुक्ल का तथा 'बाणभट्ट की आत्मकथा' (1946 ई.) हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है।

29. मगही के अंतर्गत आने वाली बोलियां हैं :

Correct Answer: (c) कुड़माली, खोटाली
Solution:मगही के अंतर्गत आने वाली बोलियाँ कुड़माली तथा खोटाली हैं। 'मागधी' अपभ्रंश के अन्तर्गत 'बिहारी हिन्दी' का विकास हुआ। इसी 'बिहारी हिंदी' से भोजपुरी, मगही तथा मैथिली बोलियों का विकास हुआ। मगही गया, पटना, मुंगेर और हजारीबाग जिलों की बोली है, साथ ही पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के पश्चिम में दक्षिण बिहार के कुछ बसे हुए समुदायों की भी बोली है।
• तिरहारी, कुंदरी, खटोला, निभट्टा, पंवारी, सिंकरवारी, बनाफरी, बुन्देली की प्रमुख उपबोलियाँ हैं।
• 'सरगुजिया' छत्तीसगढ़ी बोली की उत्तरी उप बोली है। संपूर्ण सरगुजा क्षेत्र में सरगुजिया संपर्क भाषा के रूप में व्यवहत होती है।
• 'नागपुरी' जिसे 'सादरी' के नाम से भी जाना जाता है, यह झारखण्ड, छत्तीसगढ़, ओड़िशा और बिहार के कुछ भागों में बोली जाती है। यह मुख्य रूप से पश्चिमी और मध्य छोटानागपुर पठार क्षेत्र में बोली जाती है।

30. निम्नलिखित में से कौन सी कृति शमशेर बहादुर सिंह की है?

A. सतपुड़ा के जंगल            B. अमन का राग
C. यहाँ से देखो                    D. सलोना जिस्म
E. पृथ्वी कला
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल B, D
Solution:

अमन का राग और सलोना जिस्म शमशेर बहादुर सिंह द्वारा रचित काव्य-कृतियाँ हैं। इनको 'प्रेम और सौन्दर्य का कवि कहा जाता है। अज्ञेय ने इन्हें 'कवियों का कवि' कहा है।
शमशेर की प्रमुख काव्य कृतियाँ - कुछ कविताएँ (1959 ई.), कुछ और कविताएँ (1961 ई.), चुका भी हूँ नहीं मैं (1975 ई.), इतने अपने पास (1980 ई.), उदिता अभिव्यक्ति का संघर्ष (1980 ई.), बात बोलेगी (1981 ई.), काल तुमसे होड़ है मेरी (1988), कहीं बहुत दूर से सुन रहा हूँ (1995 ई.), सुकून की तलाश (1998) इत्यादि हैं।
शमशेर बहादुर सिंह की चर्चित कविताएँ - टूटी हुई बिखरी हुई, अमन का राग (लम्बी कविता), एक पीली शाम, धूप कोठरी के आईने में खड़ी, घिर गया है समय का रथ, समय साम्यवादी । इत्यादि ।
भवानी प्रसाद मिश्र की चर्चित रचनाएँ - सतपुड़ा के जंगल, कमल के फूल, वाणी की दीनता, टूटने का सुख, गीतफरोश, चकित है दुख, अँधेरी कविताएँ, बुनी हुई रस्सी, खुशबू के शिलालेख, अनाम तुम आते हो, परिवर्तन जिये, तूस की आग, कालजयी (खण्डकाव्य) ।
केदारनाथ सिंह की कृतियाँ - अभी बिल्कुल अभी, जमीन पक रही है, यहाँ से देखो, अकाल में सारस, बाघ (लम्बी कविता) ताल्सताय और साईकिल, बनारस, अनागत, फर्क नहीं पड़ता।
गिरिजाकुमार माथुर की काव्य कृतियाँ  - मंजीर (1941 ई.), नाश और निर्माण (1946), धूप के धान, शिलापंख चमकी ले, छाया मत छूना, भीतरी नदी की यात्रा, अभी कुछ और, साक्षी रहे वर्तमान, पृथ्वीकल्प ।