NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून-2024 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

31. 'अमृतसर आ गया' कहानी में बाबू की मुस्कान वीभत्स होने के पीछे क्या कारण हो सकता है?

Correct Answer: (d) विभाजन की विभीषिका का प्रभाव
Solution:'अमृतसर आ गया' कहानी में बाबू की मुस्कान 'वीभत्स' होने के पीछे का कारण विभाजन की विभीषिका का प्रभाव हो सकता है।
• 'अमृतसर आ गया' कहानी के लेखक भीष्मसाहनी हैं। यह कहानी भारत के विभाजन के दौरान की घटनाओं पर आधारित है। इस कहानी में शरणार्थियों के एक समूह की यात्रा का जिक्र है, जो पाकिस्तान से भारत के सीमावत शहर अमृतसर की ओर जा रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वे जो भयावहता और विनाश देखते हैं, उसका वर्णन इसमें मिलता है।
भीष्म साहनी के प्रमुख कहानी संग्रह - भाग्य रेखा (1953 ई.), पहला पाठ (1957 ई.), भटकती राख (1966 ई.), पटरियाँ (1973 ई.), वाचू (1978 ई.), शोभायात्रा (1981 ई.), निशाचर (1983 ई.), पाली (1989 ई.), डायन (1998 ई.) हैं।

32. 'माटी की मूरतें' किस विधा की रचना है?

Correct Answer: (d) संस्मरण
Solution:'माटी की मूरतें' संस्मरण विधा की रचना है। इसके लेखक रामवृक्ष 'बेनीपुरी' हैं। इसका प्रकाशन 1946 ई.में हुआ था। इनका एक अन्य संस्मरण 'जंजीरे और दीवारें' है। हिन्दी के प्रथम संस्मरणकार पद्मसिंह शर्मा हैं। इनकी प्रमुख रचना 'पद्म पराग' सन् 1929 ई. में प्रकाशित हुई थी।

33. इनमें से कौन से सा युग्म सही सुमेलित है/ हैं?

A. भारतेंदु -दिल्ली दरबार दर्पण
B. प्रतापनारायण मिश्र शिवमूर्ति
C. अध्यापक पूर्ण सिंह-नाखून क्यों बढ़ते हैं
D. नामवर सिंह उठ जाग मुसाफिर
E. विवेकी राय संस्कृति और सौंदर्य
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल A, B
Solution:दिये गये विकल्पों में सुमेलित युग्म है-
'भारतेन्दु - दिल्ली दरबार दर्पण' तथा 'प्रताप नारायण मिश्र - शिवमूर्ति' अन्य रचनाकार एवं रचनाओं का सुमेलन निम्न है-

34. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए

सूची-Iसूची-II
A. शब्दार्थौ सहितौ काव्यं गद्यं-पद्यं च तद्विधाI वामन
B. काव्य शब्दोऽयं गुणालङ्कार संस्कृतयोः शब्दार्थयोर्वर्ततेII मम्मट
C. तददोषौ शब्दार्थौ सगुणावनलङ्कृतीपुनः क्वापिIII भामह
D. वाक्यं रसात्मकं काव्यंIV विश्वनाथ

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A-III, B-I, C-II, D-IV
Solution:सूची-I और सूची-II का मिलान इस प्रकार है-
सूची-Iसूची-II
शब्दार्थौ सहितौ काव्यं गद्यं-पद्यं च तत् द्विधाI
काव्य शब्दोऽयं गुणालङ्कार संस्कृतयोः शब्दार्थयोर्वर्ततेII
तददोषौ शब्दार्थौ सगुणावनलंकृतीपुनः क्वापिIII
वाक्यं रसात्मकं काव्यंIV

35. 'एक कहानी यह भी' किस विधा की रचना है?

Correct Answer: (a) आत्मकथा
Solution:

'एक कहानी यह भी' आत्मकथा विधा की रचना है। यह मन्नू भण्डारी द्वारा लिखित आत्मकथा है। इसका प्रकाशन 2007 ई.में हुआ था।
मन्नू भण्डारी की प्रमुख रचनाएँ -
कहानी संग्रह -
मैं हार गयी (1957 ई.), यही सच है (1966 ई.) एक प्लेट सैलाब (1958 ई.), तीन निगाहों की तस्वीर (1968 ई.) त्रिशंकु (1978 ई.)
उपन्यास - आपका बंटी (1971 ई.), महाभोज (1979 ई.)
नाटक- बिना दीवारों के घर (1965 ई.), महाभोज (1982 ई.)

36. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-Iसूची-II
A.बुलंदशहरIसिरमौरी
B.फतेहपुरIIकन्नौजी
C.मंडीIIIखड़ी बोली
D.इटावाIVअवधी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) A-III, B-IV, C-I, D-II
Solution:सूची-I का सूची-II से सुमेलन निम्नवत् है-
सूची-(I) क्षेत्र-सूची-(II) बोली
बुलंदशहर-खड़ी बोली
फतेहपुर-अवधी
मंडी-सिरमौरी
इटावा-कन्नौजी

37. 'राग दरबारी' उपन्यास में जिला कार्यालय में आई स्कीम के अन्तर्गत रुपए पाने के लिए इनमें से किस युग्म ने योजना बनाई?

A. सनीचर छोटे पहलवान
B. सनीचर - रंगनाथ
C. सनीचर - कालिका प्रसाद
D. सनीचर कुसहर प्रसाद
E. सनीचर खन्ना मास्टर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल C
Solution:'राग दरबारी' उपन्यास में जिला कार्यालय में आई स्कीम के अन्तर्गत रुपये पाने के लिए 'सनीचर कालिका प्रसाद' ने योजना बनाई थी। श्री लाल शुक्ल द्वारा रचित 'राग दरबारी' (1968 ई.) उपन्यास पूर्णतः व्यंग्य शैली में लिखा गया है यह उपन्यास स्वतंत्र भारत की ईमानदारी, नैतिकता, न्याय और शिक्षा व्यवस्था की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाता है।
• इस उपन्यास के लिए श्रीलाल शुक्ल को 1969 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
'राग दरबारी' पैंतीस अंशों में विभक्त रिपोर्ताज शैली में रचित उपन्यास है। इस उपन्यास में लेखक ने शिवपालगंज नामक गाँव के माध्यम से स्वातंत्रयोत्तर भारत की शासन व्यवस्था, न्याय व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था आदि की पोल खोलकर रख दिया है।
मुख्य पात्र - वैद्य जी, बद्री पहलवान, रुप्पन, रंगनाथ, छोटे पहलवान, प्रिसिंपल साहब, खन्ना मास्टर, मास्टर मोतीराम, जोगनाथ, सनीचर, लंगड़, बेला, रामाधीन भीकमखेड़वी।
गौण पात्र - कालिका प्रसाद, कुसहर प्रसाद, गयादीन, पंडित राधेलाल, रिपुदमन, सर्वदमन सिंह, डा. बलराम सिंह
श्रीलाल शुक्ल के अन्य प्रमुख उपन्यास - सूनी घाटी का सूरज (1957 ई.), अज्ञातवास (1962 ई.), सीमाएँ टूटती हैं (1973 ई.), मकान (1976 ई.), पहला पड़ाव (1976), विश्रामपुर का संत (1998)

38. 'सभी संथालों को दामुल हौज हो गया'- 'मैला आँचल' की पंक्ति के आधार पर दामुल हौज शब्द का अर्थ बताइए:-

Correct Answer: (c) आजीवन कारावास
Solution:'सभी संथालों को दामुल हौज हो गया है - 'मैला आंचल' की पंक्ति के आधार पर दामुल 'हौज' शब्द का अर्थ 'आजीवन कारावास' है।
• 'मैला आंचल' फणीश्वरनाथ रेणु द्वारा रचित आँचलिक उपन्यास है। इसका प्रकाशन 1954 ई. में हुआ था। 'मैला आँचल' में बिहार के मिथिला अंचल के गाँव मेरीगंज को आधार बनाकर उस अंचल के जनसामान्य के सुख-दुख, रहन-सहन, संस्कृति, संघर्ष और लोक जीवन को अत्यन्त कुशलता व कलात्मकता से प्रस्तुत किया गया है। इस उपन्यास में जातिवाद, अफसरशाही, अवसरवादी, राजनीति, मठों और आश्रमों का पाखंड भी दर्शाया गया है।
रेणु के प्रमुख उपन्यास - मैला आँचल (1954 ई.), परती परिकथा (1957 ई.), दीर्घतपा (1963 ई.), जूलूस (1965 ई.), कितने चौराहे (1966 ई.), पल्लू बाबू रोड (1979 ई.) राम रतनराय (1971) अपूर्ण।

39. निम्नलिखित पंक्तियों में भक्तिकाल के कवियों द्वारा लिखित काव्य पंक्तियां कौन सी है?

A. अँसुवन जल सींचि-सींचि, प्रेम बेलि बोई
B. सघन कुंज छाया सुखद, सीतल मंद समीर
C. मोर पखा सिर ऊपर राखिहीं, गुंज की माल गरे पहिरोंगी
D. बड़े-बड़े नैनन सो आँसू भरि भरि रि।
E. ताही छन उडुराज, उदित रस-राज सहायक नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, C, E
Solution:दी गई पंक्तियों में भक्तिकाल के कवियों द्वारा लिखित काव्य पंक्तियाँ निम्नवत् है -
• 'अँसुवन जल सीचिं-सीचिं, प्रेम बेलि बोई
• 'मोर पंखा सिर ऊपर राखिहाँ गुंज की माल गरे पहिरोगी'
• 'ताही छन उडुराज' उदित रस-राज सहायक'
'अँसुवन जल सीचिं सिचिं प्रेम बेलि बोई' पंक्ति की कवयित्री मीरा बाई हैं, 'मोर पंखा सिर ऊपर राखिहौं, गुंज की माल गरे पहिरोंगी' पंक्ति कवि रसखान की है तथा 'ताही छन उडुराज उदित रस-राज सहायक' पंक्ति के कवि नंददास हैं। यह पंक्ति रासपंचाध्यायी से उद्धृत है। यह रोला छंद में रचित है। जबकि दी गई पंक्ति- 'सघन कुंजन छाया सुखद, सीतल मंद समीर' पंक्ति बिहारी लाल की तथा 'बड़े-बड़े नैनन सो आँसू भरि भरि ढरि' पंक्ति देव की है।

40. निम्नलिखित वक्तव्यों में से कौन सा से कथन 'गैंग्रीन' कहानी से संबंधित है हैं?

A. मालती एक पंखा उठा लाई और मुझे हवा करने लगी। मैंने आपत्ति करते हुए कहा, "नहीं मुझे नहीं चाहिए।"
B. महेश्वर खाना आरम्भ करते हुए मेरी ओर देखकर बोले, "आपको तो खाने का मजा क्या ही आएगा, ऐसे बेवक्त खा रहे हैं?"
C. शहर में आग लगी थी। बात डिब्बे - भर के मुसाफिरों को पता चल गई और वे लपक लपक कर खिड़कियों में से आग का दृश्य देखने लगे।
D. ताल के किनारे किनारे हम चले जा रहे थे। हमारे ओवरकोट तर हो गए थे। बारिश नहीं मालूम होती थी, पर वहाँ तो ऊपर-नीचे हवा से कण-कण में बारिश थी।
E. अनन्त जलनिधि में उषा का मधुर आलोक फूट उठा। सुनहली किरणों और लहरों की कोमल सृष्टि मुस्कान लगी।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, B
Solution:दिए गए वक्तव्यों में से गैंग्रीन कहानी से संबंधित वक्तव्य हैं-
• 'मालती एक पंखा उठा लाई और मुझे हवा करने लगी। मैंने आपत्ति करते हुए कहा, "नहीं मुझे नहीं चाहिए।"
• महेश्वर खाना आरम्भ करते हुए मेरी ओर देखकर बोले- आपको तो खाने का मजा क्या ही आएगा, ऐसे बेवक्त खा रहे हैं। जबकि शेष अन्य कथन असंगत हैं।
• गैंग्रीन कहानी के कहानीकार 'अज्ञेय' हैं। बाद में यह कहानी 'रोज' शीर्षक से छपी थी। अज्ञेय की अन्य कहानियाँ - मेजर चौधरी, कविप्रिया, रमन्ते तत्र देवता, नारंगियाँ, मनसो, पठार का धीरज, पुरुष का भाग्य इत्यादि हैं। अज्ञेय के कहानी संग्रह इस प्रकार हैं- विपथगा (1937), परम्परा (1940), कोठरी की बात (1945), शरणार्थी (1948), जयदोल (1951), ये तेरे प्रतिरूप (1961), अमर वल्लरी (1945)।