Correct Answer: (b) केवल C
Solution:'राग दरबारी' उपन्यास में जिला कार्यालय में आई स्कीम के अन्तर्गत रुपये पाने के लिए 'सनीचर कालिका प्रसाद' ने योजना बनाई थी। श्री लाल शुक्ल द्वारा रचित 'राग दरबारी' (1968 ई.) उपन्यास पूर्णतः व्यंग्य शैली में लिखा गया है यह उपन्यास स्वतंत्र भारत की ईमानदारी, नैतिकता, न्याय और शिक्षा व्यवस्था की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाता है।
• इस उपन्यास के लिए श्रीलाल शुक्ल को 1969 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
'राग दरबारी' पैंतीस अंशों में विभक्त रिपोर्ताज शैली में रचित उपन्यास है। इस उपन्यास में लेखक ने शिवपालगंज नामक गाँव के माध्यम से स्वातंत्रयोत्तर भारत की शासन व्यवस्था, न्याय व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था आदि की पोल खोलकर रख दिया है।
• मुख्य पात्र - वैद्य जी, बद्री पहलवान, रुप्पन, रंगनाथ, छोटे पहलवान, प्रिसिंपल साहब, खन्ना मास्टर, मास्टर मोतीराम, जोगनाथ, सनीचर, लंगड़, बेला, रामाधीन भीकमखेड़वी।
• गौण पात्र - कालिका प्रसाद, कुसहर प्रसाद, गयादीन, पंडित राधेलाल, रिपुदमन, सर्वदमन सिंह, डा. बलराम सिंह
श्रीलाल शुक्ल के अन्य प्रमुख उपन्यास - सूनी घाटी का सूरज (1957 ई.), अज्ञातवास (1962 ई.), सीमाएँ टूटती हैं (1973 ई.), मकान (1976 ई.), पहला पड़ाव (1976), विश्रामपुर का संत (1998)