NTA यू.जी.सी. नेट/ जेआरएफ पुनर्परीक्षा,जून 2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

आनन्दवर्धन से पूर्व 'अलंकार' को काव्य का सर्वस्व और 'रीति' को काव्य की आत्मा के रूप में घोषित किया जा चुका था। अपने मत की पुष्टि के लिए आनन्दवर्धन ने लक्षणा शब्दशक्ति के अतिरिक्त इन दोनों तत्वों (अलंकार और रीति) का भी खण्डन किया। पहले अलंकार तत्व को लीजिए। भामह आदि अलंकारवादियों के समर्थकों की ओर से कहा जा सकता है कि 'अलंकार' नामक तत्व की स्वीकृति किये जाने पर 'ध्वनि' नामक तत्व की आवश्यकता ही नहीं है- 'तस्याऽभावं जगदुरपरे', क्योंकि भामह प्रस्तुत प्रतिवस्तूपमा दण्डी- प्रस्तुत व्यतिरेक; भामह, दण्डी और उद्धट द्वारा प्रस्तुत पर्यायोक्ति आदि अंलकारों में ध्वनि तत्व के स्पष्ट संकेत मिल जाते हैं। इसी प्रकार अलंकारव्यंग्य को भी 'ध्वनि' न मान कर 'अलंकार' ही माना जा सकता है।

आनन्दवर्धन ने इनका खण्डन प्रस्तुत करते हुए कहा है कि उक्त प्रतिवस्तूपमा आदि अलंकारों में 'व्यंग्यार्थ' की प्रतीति होने पर भी इसका कथन प्रधान रूप से नहीं होता, उनमें प्रधान चमत्कार अलंकार तत्व का ही रहता है। अतः इन्हें 'ध्वनि' न कहकर अलंकार कहना चाहिए। हाँ, व्यंग्यांश समन्वित इन पर्यायोक्ति आदि अलंकारों का चमत्कार अन्य वाच्यालंकारों-
उपमा, रूपक आदि की तुलना में कहीं अधिक बढ़ जाता है। और यदि, कहीं इन अलंकारों के उदाहरणों में व्यंग्यार्थ की प्रधानता हो भी, तो उन्हें इन अलंकारों के स्थान पर 'ध्वनि' का ही उदाहरण माना जायेगा। आनन्दवर्धन के अनुसार ध्वनि अंगी और अलंकार, गुण और वृत्तियाँ उसके अंग है।
गद्यांश के अनुसार आनन्दवर्द्धन से पूर्व काव्य का सर्वस्व किसे माना जाता था?

Correct Answer: (a) अलंकार
Solution:गद्यांश के अनुसार आनंदवर्धन से पूर्व काव्य का सर्वस्व 'अलंकार' को माना जाता है।

92. उद्धट द्वारा प्रस्तुत किस अलंकार में ध्वनि तत्व के स्पष्ट संकेत प्राप्त होते हैं?

Correct Answer: (c) पर्यायोक्ति
Solution:उद्धट द्वारा प्रस्तुत पर्यायोक्ति अलंकार में ध्वनि तत्व के स्पष्ट संकेत प्राप्त होते हैं।

93. गद्यांश के अनुसार ध्वनि के संबंध में कौन सा कथन सत्य है?

Correct Answer: (c) आनन्दवर्धन के अनुसार प्रतिवस्तूपमा आदि अलंकारों को ध्वनि नहीं माना जाना चाहिए।
Solution:आनन्दवर्धन के अनुसार प्रतिवस्तूपमा आदि अलंकारों को ध्वनि नहीं माना जाना चाहिए। उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार ध्वनि के संबंध में सत्य है। जबकि अन्य कथन असत्य हैं।

94. गद्यांश के अनुसार व्यंग्यांश समन्वित होने से किस अलंकार का चमत्कार अधिक बढ़ जाता है?

Correct Answer: (d) पर्यायोक्ति
Solution:गद्यांश के अनुसार व्यंग्यांश समन्वित होने से पर्यायोक्ति अलंकार का चमत्कार अधिक बढ़ जाता है।

95. अपने मत की पुष्टि के लिए आनन्दवर्धन द्वारा निम्नलिखित में से किस का खण्डन नहीं किया गया है?

Correct Answer: (c) ध्वनि
Solution:अपने मत की पुष्टि के लिए आनन्दवर्धन द्वारा ध्वनि का खण्डन नहीं किया गया है। आनन्दवर्धन के अनुसार ध्वनि अंगी और अलंकार गुण और वृत्तियाँ उसके अंग हैं।

96. निम्नलिखित अवतरण को ध्यान पूर्वक पढ़िए और सम्बन्धित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

सच्चे लेखक और कलाकार की कसौटी दोब्रोल्युबोव ने यह मानी है कि वह मानव हृदय तथा जीवन की गहराई में कितनी दूर तक प्रविष्ट होकर ऐसे विचारों को जन्म दे सका है, जो सम्पूर्ण मनुष्यता के लिए प्रेरक हो। ऐसे लेखकों का कृतित्व ही हमे वह समझ प्रदान करता है, जो अब तक हममें न थी, और जिसके स्वामी बन कर हम स्वयं अपने को सम्पन्न अनुभव करने लगे है। ये लेखक मानवीय चेतना के उच्चतर स्तर के प्रतिनिधि होते है, अवर मनुष्यता इन्हें इतिहास पुरुषों के रूप में स्मरण करती है। मानवता के समक्ष जीवन के सर्वांगीण विकास का पथ प्रशस्त करने वाले, मनुष्यता को उसकी अपनी जीवन्त शक्ति का, उसके अपने सहज रूप का बोध कराने वाले, ऐसे ही लेखकों की पंक्ति में दोब्रोल्युबोव ने शेक्सपीयर का स्मरण किया है।

मध्य प्रतिभा वाले लेखकों की स्थिति को भी दोब्रोल्युबोव ने स्वीकार किया है। ऐसे लेखकों के लिए उनका कथन है कि उनके लिये यही बहुत है कि वे 'सहायक भूमिका का निर्वाह' करें। जब वे दुनिया को अपना कुछ मौलिक दे नहीं सकते, जो कुछ महान प्रतिभाओं ने दुनिया को दिया है उसके अनुरूप मनुष्यता आगे बढ़ती रहे, उसे इस स्तर पर भी सक्रिय नहीं कर सकते, तो फिर  आवश्यक है कि वे अपनी असलियत को पहचान कर सब ओर हाथपैर फैलाने के बजाय, कुछ खास लक्ष्यों तक अपने को सीमित रखें। जनता को महान प्रतिभाओं के कृतित्व से परिचित कराएँ तथा अपने बारे में जिन बातों को मनुष्य अभी तक नहीं समझ सका है, यथासम्भव समझने की इस प्रक्रिया में उसकी मदद करें।
गद्यांश में लेखक ने किसे सहायक भूमिका का निर्वाह करने की सलाह दी है?

Correct Answer: (b) मध्य प्रतिभावान
Solution:गद्यांश में लेखक ने मध्य प्रतिभावान को सहायक भूमिका का निर्वाह करने की सलाह दी है।

97. गद्यांश के लेखक ने शेक्सपीयर को किस रूप में स्मरण किया है?

Correct Answer: (a) मनुष्यता को उसकी जीवंत शक्ति का स्मरण कराने वाले लेखक के रूप में।
Solution:गद्यांश के लेखक ने शेक्सपीयर को 'मनुष्यता को उसकी जीवंत शक्ति का स्मरण कराने वाले लेखक के रूप में स्मरण किया है।

98. गद्यांश के अनुसार मनुष्यता किसे इतिहास पुरुष के रूप में स्मरण नहीं करती है?

Correct Answer: (d) जो लेखक मानव विकास के जटिल रूप का बोध कराते हैं।
Solution:गद्यांश के अनुसार जो लेखक मानव विकास के जटिल रूप का बोध कराते हैं। मनुष्यता उसे इतिहास पुरुष के रूप में स्मरण नहीं करती है।

99. गद्यांश के रूप में अवतरित दोब्रोल्यबोव का यह चिन्तन मूलतः किस विषय पर केन्द्रित है?

Correct Answer: (b) कलाकार की कसौटी
Solution:गद्यांश के रूप में अवतरित दोब्रोल्युबोव का यह चिन्तन मूलतः कलाकार की कसौटी पर आधारित है।

100. गद्यांश के अनुसार मानवीय चेतना के उच्चतर स्तर का प्रतिनिधि करने वाले लेखक में निम्न में से कौन सा गुण नहीं होता है?

Correct Answer: (d) आत्मगौरव से परिपूर्ण
Solution:गद्यांश के अनुसार मानवीय चेतना के उच्चतर स्तर का प्रतिनिधि करने वाले लेखक में आत्म गौरव से परिपूर्ण गुण नहीं होता है।