NTA यू.जी.सी. नेट/ जेआरएफ पुनर्परीक्षा,जून 2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

11. 'कल्पना' सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन असत्य हैं?

(A) कॉलरिज ने कल्पना पर तर्कसंगत ढंग से विचार किया और कहा यह बेशक दिव्य शक्ति हो सकती है किन्तु रहस्यमय नहीं हैं।
(B) कॉलरिज ने कल्पना के प्रारम्भिक और विशिष्ट दो भेद माने हैं।
(C) मुख्य या प्रारम्भिक कल्पना एक आत्मिक ऊर्जा है जिसमें मनः शक्ति अथवा आत्मशक्ति के अन्य सभी पहलू प्रत्यक्ष ज्ञान शक्ति, विचार शक्ति, संकल्प शक्ति, मनोवेग आदि सभी समाहित हो जाते हैं।
(D) कॉलरिज प्रज्ञा को प्रतिभा से ऊँचा मानते हैं, उसी प्रकार ललित कल्पना को कल्पना से श्रेष्ठ समझते हैं।
(E) कॉलरिज ने गौण या विधायक कल्पना को मुख्य कल्पना की प्रतिध्वनि माना है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल (C) और (D)
Solution:'कल्पना सिद्धान्त' के संबंध में निम्नलिखित कथन असत्य हैं-
1. मुख्य या प्रारम्भिक कल्पना एक आत्मिक ऊर्जा है जिसमें मनः शक्ति अथवा आत्मशक्ति के अन्य सभी पहलू प्रत्यक्ष ज्ञान शक्ति, विचार शक्ति, संकल्प शक्ति, मनोवेग आदि सभी समाहित हो जाते हैं।
2. कॉलरिज प्रज्ञा को प्रतिभा से ऊँचा मानते हैं, उसी प्रकार ललित कल्पना को कल्पना से श्रेष्ठ समझते हैं।
• कॉलरिज प्रत्ययवादी थे और उनकी काव्य संबंधी धारण जैववादी सिद्धान्त पर आधारित है।
• कॉलरिज ने कल्पना के संबंध में लिखा है, "इसमें संश्लेषणात्मक तथा जादुई शक्ति होती है जो विरोधी या विसंवादी धर्मों में सन्तुलन स्थापित करती है।"
• कॉलरिज ने कल्पना पर तर्कसंगत ढंग से विचार किया और कहा यह बेशक दिव्य शक्ति हो सकती है किन्तु रहस्यमय नहीं है।
• कॉलरिज ने गौण या विधायक कल्पना को मुख्य कल्पना की प्रतिध्वनि माना है।

12. 'नागमती वियोग खंड' की निम्नलिखित पंक्तियों को पहले से बाद के क्रम में लगाइएः

(A) जिन्ह घर कंता ते सुखी, तिन्ह गारौ औ गर्व
(B) झुरि झुरि पींजर हौं भई बिरह काल मोहि दीन्ह
(C) बरस दिवस धनि रोइ कै, हारि परी चित झंखि ।
(D) पिउ सौ कहेउ संदेसडा, हे भौरा ! हे काग !
(E) यह तन जारौं छार कै, कहीं कि 'पवन ! उड़ाव '।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) (B), (A), (D), (E), (C)
Solution:'नागमती वियोगखण्ड' की निम्नलिखित पंक्तियाँ पहले से बाद के क्रम में इस प्रकार हैं-
1. झुरि झुरि पींजर हैं। भई बिरह काल मोहि दीन्ह ।
2. जिन्ह घर कंता ते सुखी, तिन्ह गारौ औ गर्व ।
3. पिउ सौ कहेड संदेसड़ा, हे भौंरा ! हे काग !
4. यह तन जारों छार कै, कहाँ कि 'पवन ! उड़ाव' !
5. बरस दिवस धन रोड़ कै, हारि परि चित झंखि । मलिक मोहम्मद जायसी कृत 'पदमावत' का 'नागमती वियोग खण्ड' हिंदी साहित्य की अनुपम निधि है।
• जायसी कृत पदमावत में कुल 57 खण्ड हैं और इनका प्रिय अलंकार उत्प्रेक्षा है।
जायसी द्वारा रचित महत्वपूर्ण ग्रंथ - पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा, मसलानामा, कन्हावत ।

13. 'साकेत' नवम सर्ग की निम्नलिखित पंक्तियों को पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

(A) करुणे, क्यों रोती है? 'उत्तर' में और अधिक तू रोई
(B) वेदने तू भी भली बनी
(C) मानस मन्दिर में सती, पति की प्रतिमा थाप
(D) सखि पतंग भी जलता है हां दीपक भी जलता है
(E) निरख सखी, ये खंजन आये
नीचे दिए गए विक्ल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) (A), (C), (B), (D), (E)
Solution:मैथिलीशरण गुप्त कृत 'साकेत' (1931 ई.) काव्य के नवम सर्ग की निम्नलिखित पंक्तियाँ पहले से बाद के क्रम में इस प्रकार हैं-
1.करुणे, क्यों रोती है? 'उत्तर' में और अधिक तू रोई।
2. मानस मन्दिर में सती, पति की प्रतिमा थाप ।
3. वेदने तू भी भली बनी।
4. सखि पतंग भी जलता है हाँ दीपक भी जलता है।
5.निरख सखी, ये खंजन आये।
• हिंदी साहित्य में 'रामचरितमानस' के बाद रामकाव्य का दूसरा स्तम्भ मैथिलीशरण गुप्त कृत 'साकेत' है।
• साकेत महाकाव्य में 12 सर्ग हैं।
• इस कृति में राम के भाई लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला के विरह का जो चित्रण गुप्त जी ने किया है वह अत्यधिक मार्मिक और गहरी मानवीय संवेदनाओं और भावनाओं से ओत-प्रोत है।
गुप्त जी के प्रमुख काव्य ग्रंथ - रंग में भंग, जयद्रथवध, भारतभारती, यशोधरा, द्वापर, जय भारत, विष्णु प्रिया,सिद्धराज, पंचवटी इत्यादि

14. निम्नलिखित काव्यशास्त्रीय आचार्यों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए :

(A) रुद्रभट्ट
(B) रुद्रट
(C) अभिनवगुप्त
(D) भट्टतीत
(E) धनिक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) (B), (A), (D), (C), (E)
Solution:काव्य शास्त्रीय आचार्यों का कालक्रम इस प्रकार है-
काव्यशास्त्रीय विद्वानसमय
रुद्रट9वीं सदी
रुद्र भट्ट10वीं सदी
भट्टतौत10वीं सदी
अभिनव गुप्त10वीं-11वीं सदी
धनिक11वीं सदी

15. चीफ की दावत कहानी से उद्वत कौन सा कथन 'शामनाथ' का नहीं है?

(A) मुझे गाँव के लोग बहुत पसन्द है तब तो तुम्हारी माँ गाँव के गीत और नाच भी जॉनती होंगी
(B) मैं नहीं चाहता कि उस बुढ़िया का आना-जाना यहाँ फिर से शुरू है। पहले ही बड़ी मुश्किल से बन्द किया था।
(C) "यह फटी हुई है, साहब मैं आपको नयी बनवा दूंगा।
(D) वाह! तुम माँ और बेटे की बातों में मैं क्यों बुरी बनू ! तुम जानों और वह जानें।
(E) तिनककर बोले- यह कौन सा राग छेड़ दिया माँ ! सीधा कह दो नहीं है जेवर, बस ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल (D) और (A)
Solution:भीष्म साहनी कृत 'चीफ की दावत' (1956ई.) कहानी से उद्धृत निम्न कथन शामनाथ के नहीं हैं- 1. "मुझे गाँव के लोग बहुत पसंद हैं, तब तो तुम्हारी माँ गाँव के गीत और नाच भी जानती होंगी ?" 2. वाह तुम माँ और बेटे की बातों में मैं क्यूँबुरी बनूँ! तुम जानों और वह जानें।
जबकि शेष अन्य कथन शामनाम के है जो निम्नवत् है-
1. मैं नहीं चाहता कि उस बुढ़िया का आना-जाना यहाँ फिर से शुरु हो। पहले ही बड़ी मुश्किल से बन्द किया था।
2. यह फटी हुई है, साहब मैं आपको नयी बनवा दूँगा।
3. तिनककर बोले-यह कौन सा राग छेड़ दिया माँ ! सीधा कह दो नही है जेवर, बस।
• 'चीफ की दावत' कहानी 'व्यंग्यात्मक शैली' में लिखी गयी है। जो पंजाबी परिवेश और एक स्वार्थ परक पारिवारिक ढाँचे के ऊपर आधारित है।
• यह कहानी 'पहला पाठ' कहानी संग्रह में संकलित है।
भीष्म साहनी के प्रमुख कहानी संग्रह- भाग्य खा, पहला पाठ, भटकती राख, पटरियाँ, वाड्चू, शोभायात्रा, निशाचर, पाली, डायन आदि।

16. निम्नलिखित में कौन-सी रचना ईश्वरदास की नहीं है?

Correct Answer: (d) रामायण-कथा
Solution:'रामायण कथा' ईश्वरदास की रचना नहीं है बल्कि यह विष्णुदास की रचना है जो रामकथा संबंधी हिंदी का प्रथम प्रबन्ध काव्य है। जबकि रामजन्म, भरत मिलाप, अंगद पैज और सत्यवती कथा नामक ग्रंथों की रचना ईश्वरदास ने की।

17. सूची- I से सूची- II का मिलान कीजिए:

सूची- I / कहानीकारसूची- II / कहानी
A. विश्वम्भरनाथ जिज्जाI. पुरोहित का आत्मत्याग
B. सूर्यनारायण दीक्षितII. दामोदर राव की आत्मकहानी
C. माधवप्रसाद मिश्रIII. विदीर्ण हृदय
D. कार्तिक प्रसाद खत्रीIV. चन्द्रहास का अद्भुत आख्यान

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) (A)-(III), (B)-(IV), (C)-(I), (D)-(II)
Solution:कहानीकार और कहानी का सही सुमेलन इस प्रकार है-
कहानीकारकहानी
विश्वम्भरनाथ जिज्जाविदीर्ण हृदय
सूर्यनारायण दीक्षितचन्द्रहास का अद्भुत आख्यान
माधवप्रसाद मिश्रपुरोहित का आत्मत्याग
कार्तिक प्रसाद खत्रीदामोदर राव की आत्मकहानी

18. आई.ए. रिचर्ड्स की पुस्तकों को प्रकाशन वर्ष के अनुसार पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

(A) दि फिलासफी ऑफ रेटारिक
(B) साइंस एण्ड पोएटी
(C) प्रैक्टिकल क्रिटिसिज्म
(D) दि फाउंडेशन ऑफ ईस्थेटिक
(E) दि प्रिंसिपुल्स आफ लिटररी क्रिटिसिज्म
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) (D), (E), (C), (B), (A)
Solution:आई. ए. रिचर्डस की पुस्तकों का प्रकाशन वर्ष के अनुसार पहले से बाद का क्रम इस प्रकार है-
ग्रंथप्रकाशनवर्ष
दि फाउंडेशन ऑफ ईस्थेटिक1922 ई.
दि प्रिंसिपल्स ऑफ लिटररी क्रिटिसिज्म1924 ई.
प्रैक्टिकल क्रिटिसिज्म1929 ई.
साइंस एण्ड पोएट्री1926 ई.
दि फिलासफी ऑफ रेटारिक1936 ई.

आयोग ने इस प्रश्न का उत्तर विकल्प (c) को माना है। जबकि आई.ए. रिचर्ड्स की पुस्तकों का प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही क्रम इस प्रकार होगा-

ग्रंथप्रकाशनवर्ष
दि फाउंडेशन ऑफ ईस्थेटिक1922 ई.
दि प्रिंसिपल्स ऑफ लिटररी क्रिटिसिज्म1924 ई.
साइंस एण्ड पोएट्री1926 ई.
प्रैक्टिकल क्रिटिसिज्म1929 ई.
दि फिलासफी ऑफ रेटारिक1936 ई.

19. निम्नलिखित में से किस उपन्यास में अपने लिए 'सज्जनों का कृपाभिलाषी' संबोधन का प्रयोग लेखक द्वारा भूमिका में किया गया है?

(A) झूठा सच                (B) तमस
(C) जिन्दगीनामा           (D) धरती धन न अपना
(E) परीक्षा गुरु
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल (E)
Solution:लाला श्रीनिवासदास कृत 'परीक्षा गुरु' (1882ई.) उपन्यास के लिए 'सज्जनों का कृपाभिलाषी' संबोधन का प्रयोग लेखक द्वारा भूमिका में किया गया है।

20. आँख, कान, नाक आदि को लेकर निबंध लिखने वाले निबंधकार हैं?

Correct Answer: (b) बालकृष्ण भट्ट
Solution:आँख, कान, नाक आदि को लेकर निबंध लिखने वाले निबंधकार 'बालकृष्ण भट्ट' हैं।
• हिंदी में मनोविकार संबंधी निबंध का सूत्रपात बालकृष्ण भट्ट ने किया।
• बालकृष्ण भट्ट को आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने हिंदी का स्टील कहा है। इनके प्रमुख निबंध हैं चंद्रोदय, संसार महानाटकशाला, प्रेम के बाग का सैलानी, इंग्लिश पढ़े तो बाबू होय, आत्म निर्भरता, कल्पना, बाल-विवाह, कालचक्र का चक्कर, प्रतिभा, माधुर्य, आशा, आत्म गौरव, रुचि, भिक्षावृत्ति इत्यादि ।
• कुबेरनाथ राय रसधर्मा ललित निबंधकार हैं। इनके प्रमुख निबंध संग्रह हैं - प्रिया नीलकण्ठी, रस आखेटक, गंधमादन, विषाद योग, निषाद बाँसुरी, पर्ण मुकुट, महाकवि की तर्जनी, मराल, उत्तर कुरु, वाणी का क्षीर सागर, आगम की नाव इत्यादि ।
• ग्रामीण चेतना से अनुप्राणित हिंदी के प्रमुख निबंधकार' विवेकी राय' के प्रमुख निबन्ध संग्रह- किसानों का देश, गाँवों की दुनिया, त्रिधारा, फिर बैतलवा डाल पर, आस्था और चिन्तन, गँवई गंध गुलाब, जीवन अज्ञात का गणित है, इत्यादि ।