NTA यू.जी.सी. नेट/ जेआरएफ पुनर्परीक्षा,जून 2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

21. 'अब के जाड़े में यह आम खूब फलेगा। चाचा-भतीजा दोनों यहीं बैठकर आम खाना। जितना बड़ा तेरा भतीजा है उतना ही यह आम।' यह कथन किस कहानी से लिया गया है?

Correct Answer: (d) उसने कहा था
Solution:"अब के जाड़े में यह आम खूब फलेगा। चाचा-भतीजा दोनों यहीं बैठकर आम खाना। जितना बड़ा तेरा भतीजा है उतना ही यह आम।” यह कथन 'उसने कहा था' कहानी से लिया गया है।
• चंद्रधर शर्मा गुलेरी' कृत उसने कहा था (1915ई.) प्रथम विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि पर लिखी गई प्रथम प्रेम कहानी है।
कहानी के प्रमुख पात्र - लहना सिंह, हजारा सिंह, सूबेदार, सुबेदारिनी,वजीरा सिंह आदि। सुखमय जीवन, बुद्ध का काँटा 'गुलेरी' जी अन्य कहानियाँ हैं। आकाशदीप (1929ई.) जयशंकर प्रसाद की, सिक्का बदल गया (1948 ई.) कृष्णा सोबती की तथा पिता (1965 ई.) ज्ञान रंजन' की कहानी है।

22. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I/लक्षणसूची-II/आचार्य
A.दोषा: विपत्तये तत्र गुणा: सम्पत्तये तथा।I.दण्डी
B.गुणविपर्ययात्मनो दोषा:।II.मम्मट
C.मुख्यार्थहतिर्दोष:, रसश्च मुख्य:। इतिरपकर्ष:III.वामन
D.दोष: सर्वात्मना त्याज्यो रस हानिकरो हि स:।IV.केशव मिश्र

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) (A)-(1), (B)-(III), (C)-(II), (D)-(IV)
Solution:सूची-I का सूची-II के साथ सही मिलान इस प्रकार है-
लक्षणआचार्य
दोषा: विपत्तये तत्र: गुणा: सम्पत्तये तथा।दण्डी
गुण विपर्ययात्मानो दोषा:।वामन
मुख्यार्थ हतिर्दोष:, रसश्च मुख्य:। इतिरपकर्ष:मम्मट
दोष: सर्वात्मना त्याज्यो रस हानिकरो हि स:।केशव मिश्र

23. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I/पत्रिकासूची-II/संपादक
A. आनंद कादम्बिनीI. रामचन्द्र शुक्ल
B. विचारII. चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
C. समालोचकIII. भगवती चरण वर्मा
D. सुदर्शनIV. देवकी नन्दन खत्री

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर  का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (A)-(1), (B)-(III), (C)-(II), (D)-(IV)
Solution:सूची-I से सूची-II का सही मिलान इस प्रकार है-
पत्रिकासंपादक
आनंद कादम्बिनीरामचन्द्र शुक्ल
विचारभगवती चरण वर्मा
समालोचकचन्द्रधर शर्मा गुलेरी
सुदर्शनदेवकी नंदन खत्री

24. 'कुछ भावों के विषय तो अमूर्त तक होने लगे, जैसे कीर्ति की लालसा। ऐसे भावों को ही बौद्धदर्शन में 'अरूपराग' कहते हैं।' यह अभिमत किस निबंध में लिखा गया है?

Correct Answer: (b) कविता क्या है
Solution:कुछ भावों के विषय तो अमूर्त तक होने लगे, जैसे कीर्ति की लालसा। ऐसे भावों को ही बौद्ध दर्शन में अरूपराग कहते हैं। यह अभिमत आचार्य रामचन्द्र शुक्ल कृत 'कविता क्या है?' निबंध में लिखा गया है।
कविता क्या हैं निबंध आचार्य रामचन्द्र शुक्ल द्वारा संपादित निबंध संग्रह चिन्तामणि (भाग-1) में संकलित है। चिन्तामणि (भाग-1) में संकलित अन्य निबंध भाव या मनोविकार उत्साह, श्रद्धा और भक्ति, करुणा, लज्जा और ग्लानि, लोभ और प्रीति, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, तुलसी का भक्ति मार्ग, मानस की धर्मभूमि, काव्य में लोक मंगल की साधनावस्था, साधरणीकरण और व्यक्ति वैचितत्र्यवाद, रसात्मक बोध के विविध रूप आदि।
आचार्य शुक्ल ने चिन्तामणि (भाग एक) में लिखा है, "इस पुस्तक में मेरी अन्तर्यात्रा में पड़ने वाले कुछ प्रदेश है। यात्रा के लिए निकलती रही है बुद्धि पर हृदय को भी साथ लेकर"। शुक्ल जी का चिन्तामणि (भाग-1) प्रथमतः विचार वीथी नाम से सन् 1930 ई.में प्रकाशित हुआ था।
'कविता क्या है?' निबन्ध सर्वप्रथम सरस्वती पत्रिका में सन् 1909 ई. में प्रकाशित हुआ।
संस्कृति और सौन्दर्य (1982 ई.) नामवर सिंह का, मजदूरी और प्रेम' सरदार पूर्ण सिंह का तथा उठ जाग मुसाफिर (2012 ई.) विवेकी राय का निबंध है।

25. निम्नलिखित में जयप्रकाश कर्दम का उपन्यास है :

Correct Answer: (a) छप्पर
Solution:छप्पर (1994 ई.) जय प्रकाश कर्दम का उपन्यास है। 'मुक्तिपर्व' मोहनदास नैमिशराय का, 'हिडिम्बा' नरेन्द्र कोहली का उपन्यास तथा 'तलाश' जयप्रकाश कर्दम का पहला कहानी संग्रह है।

26. 'सुधाकर' अखबार के संपादक निम्नलिखित में से कौन हैं?

Correct Answer: (c) तारा मोहन मित्र
Solution:'सुधाकर' अखबार के संपादक तारामोहन मित्र हैं। हिंदी के प्रमुख समाचार पत्र-पत्रिकाओं की रूपरेखा निम्नांकित है-
समाचार पत्रसम्पादकवर्षप्रकारस्थान
सुधाकरतारा मोहन मित्र1850साप्ताहिककाशी
बंगदूतराजाराम मोहन राय1829साप्ताहिककलकत्ता
समाचार सुधावर्षणश्यामसुन्दर सेन1854दैनिककलकत्ता
ज्ञान प्रदायिनी पत्रिकानवीनचन्द्र राय1867मासिकलाहौर
बिहार बंधुकेशवराम भट्ट1872मासिकबांकीपुर

27. 'जायसी में मृत्युबोध की त्रासद अन्तर्दृष्टि है' पद्भावत का प्रतिपाद्य पद्मिनी का सती होना नहीं है।' यह पंक्ति किस इतिहासकार की है?

Correct Answer: (d) बच्चन सिंह
Solution:'जायसी में मृत्युबोध की त्रासद अन्तर्दृष्टि हैं' पद्मावत का प्रतिपाद्य पद्मिनी का सती होना नहीं है।' उक्त कथन बच्चन सिंह का है। पद्मावत मलिक मोहम्मद जायसी द्वारा रचित सूफी महाकाव्य है। यह दोहा और चौपाई छंद में लिखा गया है। इस महाकाव्य की भाषा 'अवधी' है।
• विजयदेव नारायण साही ने 'पद्मावत' को हिन्दी में अपने ढंग की अकेली ट्रेजिक कृति कहा है।
• आचार्य शुक्ल के अनुसार 'पदमावत' की कथा का पूर्वार्द्ध 'कल्पित' और उत्तरार्द्ध का ऐतिहासिक है।
जायसी के महत्वपूर्ण ग्रंथ- पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा, मसलानामा, कन्हावत ।

28. 'सर्वदमन' किस उपन्यास का पात्र है?

Correct Answer: (c) रागदरबारी
Solution:श्रीलाल शुक्ल कृत 'रागदरबारी' (1968 ई.) उपन्यास का पात्र 'सर्वदमन' है।
रागदरबारी उपन्यास पर श्रीलाल शुक्ल को 1969 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
प्रमुख पात्र बद्री पहलवान, रुप्पन बाबू, रंगनाथ, जोगनाथ, सनीचर (मंगलदास), कालिका प्रसाद, वैद्य जी, मास्टर मोतीराम, बाबू रामाधीन आदि।
इनकी अन्य रचनायें - सुनी घाटी का सूरज, अज्ञातवास, आदमी का जहर, सीमाएं टूटती हैं, मकान आदि। धरती धन न अपना (1972 ई.) जगदीशचन्द्र का 'तमस' (1973 ई.) भीष्म साहनी का तथा आपका बंटी (1971 ई.) मन्नू भण्डारी का उपन्यास है।

29. 'अर्थवान, कण्ठोद्गीर्ण ध्वनि समष्टि ही भाषा है'- भाषा की उपयुक्त परिभाषा किस विद्वान ने दी है?

Correct Answer: (c) सुकुमार सेन
Solution:'अर्थवान, कण्ठोद्गीर्ण ध्वनि समष्टि ही भाषा है, भाषा की उपर्युक्त परिभाषा 'सुकुमार सेन' ने दी है।
भाषा के संबंध में अन्य विद्वानों के मत
• "जिन ध्वनि चिहनों द्वारा मनुष्य परस्पर विचार विनिमय करता है, उनको समष्टि रूप से भाषा कहते हैं-" बाबू राम सक्सेना
• "ध्वन्यात्मक शब्दों द्वारा हृदयगत भावों तथा विचारों का प्रकटीकरण ही भाषा है।" - डॉ. पी.डी गुणे
• "भाषा एक प्रकार का चिह्न है, चिहन से तात्पर्य उन प्रतीकों से ह जिनके द्वारा मनुष्य अपना विचार दूसरों पर प्रकट करता है। ये
प्रतीक भी कई प्रकार के होते हैं। जैसे नेत्रग्राह्य, श्रोतग्राह्य एवं स्पर्श ग्राह्य। वस्तुतः भाषा की दृष्टि से श्रोतग्राह्य प्रतीक ही सर्वश्रेष्ठ है।" - वांद्रेये
• "भाषा उस स्पष्ट, सीमित तथा सुसंगठित ध्वनि को कहते हैं। जो अभिव्यंजना के लिए नियुक्त की जाती है।" क्रोचे

30. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-I (काव्य सिद्धांत)सूची-II (दार्शनिक मत)
A. उत्पत्तिवादI. सांख्यदर्शन
B. अनुमितिवादII. मीमांसा दर्शन
C. भुक्तिवादIII. न्याय दर्शन
D. अभिव्यक्तिवादIV. शैव दर्शन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) (A)-(II), (B)-(III), (C)-(I), (D)-(IV)
Solution:सूची-I से सूची-II का सही मिलान इस प्रकार है-
काव्य सिद्धान्तदार्शनिक मत
उत्पत्तिवादमीमांसा दर्शन
अनुमितिवादन्याय दर्शन
भुक्तिवादसांख्य दर्शन
अभिव्यक्तिवादशैव दर्शन