NTA यू.जी.सी. नेट/ जेआरएफ पुनर्परीक्षा,जून 2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

41. 'कविता क्या है?' निबन्ध को आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने विभिन्न उपशीर्षकों में विभाजित किया है। इन उपशीर्षकों का :

(A) मर्मिक तथ्य
(B) सभ्यता के आवरण और कविता
(C) काव्य और व्यवहार
(D) भावना या कल्पना
(E) कविता पर अत्याचार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) (B), (A), (C), (D), (E)
Solution:"कविता क्या है? 'निबन्ध को आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने विभिन्न उपशीर्षकों में विभाजित किया है। इन उप शीर्षकों का सही क्रम इस प्रकार है-
1. सभ्यता के आवरण और कविता
2. मार्मिक तथ्य
3. काव्य और व्यवहार
4. भावना या कल्पना
5. कविता पर अत्याचारा
• 'कविता क्या है?' रामचन्द्र शुक्ल द्वारा संम्पादित 'चिन्तामणि' भाग -1 में 17 निबंध संकलित हैं।
• आचार्य शुक्ल का चिन्तामणि (भाग -1) प्रथमतः 'विचार वीथी' नाम से सन् 1930 ई. में प्रकाशित हुआ था।

42. 'सफलता और चरितार्थता में अंतर है। मनुष्य मारणास्त्रों के संचयन से, बाह्य उपकरणों के बाहुल्य से उस वस्तु को पा भी सकता है, जिसे उसने बड़े आडंबर के साथ सफलता का नाम दे रखा है।' यह पंक्तियाँ किस निबंध से ली गई हैं?

Correct Answer: (d) नाखून क्यों बढ़ते है
Solution:• सफलता और चरितार्थता में अन्तर है। मनुष्य मारणास्त्रों के संचयन से, बाह्य उपकरणों के बाहुल्य से उस वस्तु को पा भी सकता है, जिसे उसने बड़े आडम्बर के साथ सफलता का नाम दे रखा है।' उपर्युक्त पंक्तियाँ हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबंध 'नाखून क्यों बढ़ते हैं?' से ली गई हैं।
• 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' निबन्ध हजारी प्रसाद द्विवेदी के 'कल्पलता' (1951 ई.) निबन्ध संग्रह में संकलित है।
• यह विचार-प्रधान व्यक्तिनिष्ठ निबन्ध है। इसमें नाखून का बढ़ना पशुता का प्रतीक है और नाखून का काटना मानवता का प्रतीक माना गया है।
• कल्पलता निबन्ध संग्रह में 20 निबन्ध संकलित हैं।
• दिल्ली दरबार दर्पण (1877 ई.) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का शिवशंभु के चिट्टे (1907-1908 ई.) बाल मुकुंद

43. निम्नलिखित में से खरोष्ठी लिपि की विशेषता नहीं है:

(A) खरोष्ठी दाएं से बाएं की ओर लिखी जाती है।
(B) खरोष्ठी में वर्णों की संख्या केवल 30 है।
(C) खरोष्ठी आर्य-भाषा की समस्त ध्वनियों को अंकित करने में समर्थ है।
(D) खरोष्ठी में संयुक्ताक्षर लिखने की सुविधा नहीं है।
(E) खरोष्ठी में स्वरों तथा मात्राओं में हस्व तथा दीर्घ का भेद नहीं है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल (B) और (C)
Solution:खरोष्ठी में वर्णों की संख्या केवल 30 है।
• खरोष्ठी आर्य-भाषा की समस्त ध्वनियों को अंकित करने में समर्थ है। उपर्युक्त कथन खरोष्ठी लिपि की विशेषताएं नहीं है।
• खरोष्ठी लिपि की विशेषताएं निम्नलिखित हैं-
1. खरोठी दाएं से बाएं की ओर लिखी जाती है।
2. खरोष्ठी में संयुक्ताक्षर लिखने की सुविधा नहीं है।
3. खरोष्ठी में स्वरों तथा मात्राओं में हस्व तथा दीर्घ का भेद नहीं हैं।
4. इसमें 37 वर्ण होते हैं।
5. खरोष्ठी लिपि का प्राचीनतम नमूना पश्चिमोत्तर भारत के शाहबाज गढ़ी (पंजाब का युसुफजई जिला) और मानेसरा (पंजाब का हजार जिला) में अशोक के अभिलेखों में प्राप्त हुआ है।

44. निम्नलिखित में कौन सा कथन 'संस्कृति के चार अध्याय' से संबंधित नहीं है?

(A) राजनीति के धरातल पर परस्पर बँटे हुए लोग धर्म के धरातल पर एक होने लगे।
(B) सत्य के प्रचार से जैसे जीवन के अन्य मूल्य नष्ट होते हैं, वैसे ही, एकता और प्रेम भी।
(C) सूफियों और कलन्दरों के प्रभाव से भारत में इस्लाम का रूप बदल गया।
(D) अचरज यह है कि ऐसा करने की अनुमति उन्हें खुद पोप ने नहीं दी थी।
(E) कलकत्ते के मदरसे और काशी के संस्कृत कॉलेज के बाद कम्पनी सरकार ने कई वर्ष तक शिक्षा की दिशा में तीसरा कदम उठाया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (B), (D), (E)
Solution:सत्य के प्रचार से जैसे जीवन के अन्य मूल्य नष्ट होते हैं, वैसे ही, एकता और प्रेम भी।
• अचरज यह है कि ऐसा करने की अनुमति उन्हें खुद पोप ने नहीं दी थी। कलकत्ते के मदरसे और काशी के संस्कृत कॉलेज के बाद कम्पनी सरकार ने कई वर्ष तक शिक्षा की दिशा में तीसरा कदम उठाया।
उपर्युक्त कथनों का संबंध संस्कृति के चार अध्याय से नहीं हैं।
• संस्कृति के चार अध्याय से संबंधित कथन -
• राजनीति के धरातल पर बेटे हुए लोग धर्म के धरातल पर एक होने लगे।
• सूफियों और कलंदरों के प्रभाव से भारत में इस्लाम का रूप बदल गया।
• संस्कृति के चार अध्याय (1956ई.) रामधारी सिंह 'दिनकर' रचना है। जो चार अध्याय में विभक्त है।
1. प्रथम अध्याय में 3 प्रकरण है।
2. द्वितीय अध्याय में 7 प्रकरण है।
3. तृतीय अध्याय में 12 प्रकरण है।
4. चतुर्थ अध्याय में 17 प्रकरण है (कुल मिलाकर 39 प्रकरण है)।
• इस पुस्तक की प्रस्तावना नेहरु द्वारा लिखा गया है। की
• यह भारतीय संस्कृति का सर्वेक्षण है जिसके लिए 'दिनकर' जी को 1959 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

45. राजनीति में कहा है "राजा सुख भोगहि सदा मंती करही सम्हार । राजकाज बिगेर कछु तो मंत्री सिर भार।" परीक्षा गुरु उपन्यास में यह किसका कथन है?

Correct Answer: (d) पुरुषोत्तमदास
Solution:राजनीति मैं कहा है “राजा सुख भोगहि सदा मंत्री करहि सम्हार।।"
राजकाज बिगेर कछू तो मंत्री सिर भार।।” परीक्षा गुरु उपन्यास में यह कथन पुरुषोत्तमदास का है।
• लाला श्रीनिवासदास कृत 'परीक्षा गुरू (1882ई.) उपन्यास हिंदी का प्रथम उपन्यास है।
• आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने परीक्षा गुरु को अंग्रेजी के ढंग का हिंदी का पहला मौलिक उपन्यास माना है।
• यह उपन्यास 41 छोटे-छोटे प्रकरणों में विभक्त है।
प्रमुख पात्र लाल मदन मोहन, लाला ब्रजकिशोर, प्रियम्बदा, मुंशी चुन्नी लाल, मास्टर शिम्भूदयाल, बाबू लाल, पुरूषोत्तम, हकीम अहमद हुसैन ।

46. 'जैनेन्द्र की सृजन-प्रक्रिया में नैतिक विशिष्टता और अज्ञेय में वैयक्तिक विशिष्टता के बावजूद कहीं-कहीं उसके सामान्यीकरण के अन्तर्द्धन्द का भी आभास मिलता है, जहाँ पात्र और स्थितियाँ स्वयं प्रमुख हो उठती हैं।' यह कथन किस कथालोचक का है?

Correct Answer: (b) कमलेश्वर
Solution:"जैनेद्र की सृजन प्रक्रिया में नैतिक विशिष्टता और अज्ञेय में वैयक्तिक विशिष्टता के बावजूद कहीं-कहीं उसके सामान्यीकरण के अन्तर्द्वन्द्व का भी आभास मिलता है, जहाँ पात्र और स्थितियाँ स्वयं प्रमुख हो उठती हैं।" उक्त कथन कथालोचक कमलेश्वर' का है।
• आलोचक नामवर सिंह ने कहा है कि “विश्व साहित्य में भारतीय कहानियों का अपना मौलिक चरित्र है और विश्व साहित्य में जब कभी भारतीय कहानियों की बात होगी तो प्रेमचंद के साथ जैनेन्द्र को जरूर याद किया जाएगा।
जैनेन्द्र की प्रमुख कृतियाँ - फाँसी (1929 ई.), वातायन (1930 ई.), नीलम देश की राजकन्या (1933ई.), एक रात (1934ई.), दो चिड़ियाँ (1935 ई.), पाजेब (1942 ई.), जयसंधि (1949 ई.), आदि।

47. खड़ी बोली गद्य के विकास से सम्बन्धित निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार बाद से पहले के क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

(A) फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना
(B) आगरा में स्कूल बुक सोसाइटी की स्थापना
(C) हिन्दी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का प्रकाशन
(D) लल्लूजी लाल द्वारा प्रेमसागर की रचना
(E) राजा शिव प्रसाद 'सितारे हिन्द' द्वारा 'बनारस' अखबार का प्रकाशन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) (A), (D), (C), (B), (E)
Solution:खड़ी बोली गद्य के विकास से सम्बन्धित घटनाओं का कालक्रमानुसार बाद से पहले का क्रम इस प्रकार है
1. फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना
2. लल्लूजी लाल द्वारा प्रेमसागर की रचना
3. हिंदी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का प्रकाशन
4. आगरा में स्कूल बुक सोसाइटी की स्थापना
5. राजा 'शिव प्रसाद' सितारे हिंद द्वारा बनारस अखबार का प्रकाशन ।
• फोर्ट विलियम कालेज की स्थापना सन् 1800 ई. में मार्किवस वेलेजली ने किया।
• लल्लू लाल द्वारा प्रेम सागर की रचना 1810 ई. की गई। प्रेमसागर या नागरी दशम चतुर्भुज मिश्र के भागवत पुराण के दशम स्कन्ध के ब्रज भाषानुवाद का खड़ी बोली में अनुवाद ।
• हिंदी के पहले समाचार पत्र 'उदन्त मार्तण्ड' 30 मई 1826 ई. को कानपुर निवासी पं. जुगल किशोर के सम्पादकत्व में कलकत्ता से प्रकाशित हुई।
• आगरा स्कूल बुक सोसाइटी की स्थापना सन् 1833 ई. में हुई।
• राजा शिव प्रसाद 'सितारे हिंद' द्वारा बनारस अखबार का प्रकाशन 1845 ई. में काशी से साप्ताहिक प्रकाशित होती थी।

48. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के काव्य-संग्रहों को प्रकाशन वर्ष के आधार पर व्यवस्थित कीजिए :

(A) गीतिका
(B) गीतगुंज
(C) अर्चना
(D) अणिमा
(E) कुकुरमुत्ता
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) (A), (E), (D), (C), (B)
Solution:सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला के काव्य संग्रहों का प्रकाशन वर्ष के आधार पर व्यवस्थित क्रम इस प्रकार हैं-
काव्य संग्रहप्रकाशन वर्ष
गीतिका1936 ई.
कुकुरमुत्ता1942 ई.
अणिमा1943 ई.
अर्चना1950 ई.
गीतगुंज1954 ई.
सांध्यकाकली1969 ई.

• पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' को हिंदी में मुक्त छंद का  प्रवर्तक माना जाता है।
• निराला ने कविता को जातीय छंद कहा है।
• निराला ओज, औदात्य और विद्रोह के कवि हैं।
• आचार्य शुक्ल के अनुसार, "बहुवस्तुस्पर्शिनी प्रतिभा निराला जी में है।"

49. रायमल्ल पांडे कृत 'हनुमच्चरित्र' का रचनावर्ष है?

Correct Answer: (a) संवत् 1696
Solution:रायमल्ल पांडे कृत 'हनुमच्चरित्र' का रचनावर्ष संवत् 1696 (1639 ई.) है।
अन्य राम भक्त कवि एंव उनकी रचनाएं-
कविरचनाएँ
प्राणचंद चौहानरामायण महानाटक (1610 ई.)
माधवदास चरणरामरासो (1618 ई.), अध्यात्म रामायण (1624 ई.)
हृदयरामहनुमन्नाटक (1623 ई.)
नरहरि बारहटपौरुषेय रामायण
लालदासअवध विलास (1643 ई.)
कपूरचंद्र त्रिखारामायण (1646 ई.)

50. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-I/(रचना)सूची-II/(रचनाकार)
A.निर्वासनI.राकेश मिश्र
B.नागरी सभ्यताII.अखिलेश
C.काल मृग की पीठ परIII.शिवमूर्ति
D.अगम बहे दरियावIV.जितेन्द्र श्रीवास्तव

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) (A)-(II), (B)-(I), (C)-(IV), (D)-(III)
Solution:सूची-I से सूची-II का सही मिलान इस प्रकार है-
रचनारचनाकार
निर्वासनअखिलेश
नागरी सभ्यताराकेश मिश्र
कालमृग की पीठ परजितेन्द्र श्रीवास्तव
अगम बहे दरियावशिवमूर्ति