NTA यू.जी.सी. नेट/ जेआरएफ पुनर्परीक्षा,जून 2024 (हिन्दी)

Total Questions: 100

61. निम्नलिखित में कौन सा उद्धरण 'जिन्दगीनामा' उपन्यास का हैं?

(A) सिर हिलाकर कहा- "यहाँ लड़ाई-झगड़ा नहीं, खंडन-मंडन हो रहा है। सुनो भी और सुनाओं भी।
(B) आप यह क्या कहते हैं? आप मेरे बड़े हैं। मैं आपका बरताव और तरह कैसे समझ सकता था?
(C) हवा थी, उड़ गई। समझा दिया लोगों को कि आपकी मरजी के बिना आपका पैसा इस्तेमाल नहीं होगा।
(D) मामला हो सीधा-सादा तो अदालत भी लम्बी- चौड़ी तराश खराश नहीं करती।
(E) बिना दान दहेज के बड़े आदमियों का कहीं व्याह होता है पगली?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल (A), (C), (D)
Solution:'जिन्दगी नामा' उपन्यास की लेखिका कृष्णा सोबती है। दिए गये विकल्प में केवल (A), (C), (D) जिन्दगी नामा उपन्यास का उद्धरण है जो निम्न है-
1. सिर हिलाकर कहा- यहाँ लड़ाई झगड़ा नहीं, खण्डन मण्डन हो रहा है। सुनो भी और सुनाओ भी।
2. हवा थी उड़ गई। समझा दिया लोगों को कि आपकी मरजी के बिना आपका पैसा इस्तेमाल नहीं होगा।
3. मामला हो सीधा-सादा तो अदालत भी लम्बी-चौड़ी तराश खराश नहीं करती।

62. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I/(अधिनियम)सूची-II/(वर्ष)
A. राजभाषा अधिनियमI. 1968
B. राजभाषा संकल्पII. 1963
C. प्राधिकृत पाठ (केन्द्रीय विधि) अधिनियमIII. 1976
D. राजभाषा नियमIV. 1973

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर कीजिए :

Correct Answer: (b) (A)-(II), (B)-(I), (C)-(IV), (D)-(III)
Solution:सूची-I तथा सूची-II का सही मिलान निम्न है-
सूची-I (अधिनियम)सूची-II (वर्ष)
राजभाषा अधिनियम1963
राजभाषा संकल्प1968
प्राधिकृत पाठ (केन्द्रीय विधि) अधिनियम1973
राजभाषा नियम1976

63. "मैं बहुत दिन नहीं जीऊँगी, भट्ट थोड़े दिनों की अतिथि हूँ। मेरा एक अनुरोध तुम्हें रखना होगा।" यह कथन किसका है?

Correct Answer: (a) निपुणिका
Solution:"मैं बहुत दिन नहीं जीऊँगी भट्ट थोड़े दिनों की अतिथि हूँ। मेरा एक अनुरोध तुम्हें रखना होगा।" यह कथन निपुणिका का है। 'निपुणिका' बाणभट्ट की आत्मकथा उपन्यास की पात्र है। बाणभट्ट की आत्मकथा उपन्यास के लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी है। हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित अन्य उपन्यास है- चारूचन्द्र लेख, पुनर्नवा, अनामदास का पोथा आदि।

64. "छायावाद हिस्टिरिया की भांति हिन्दी कविता का एक मानसिक रोग है" उक्ति है :

Correct Answer: (d) प्रभाकर माचवे
Solution:"छायावाद हिस्टिरिया की भांति हिन्दी कविता का एक मानसिक रोग है।" यह उक्ति प्रभाकर माचवे का है। प्रभाकर माचवे का जन्म 1917 ई. ग्वालियर मध्य प्रदेश में हुआ था। यह तारसप्तक के कवि हैं। इनके द्वारा रचित काव्य संग्रह है- स्वप्नभंग, अनुक्षण तथा विश्वकर्मा आदि।

65. निम्नलिखित में कौन की पंक्ति रागदरबारी उपन्यास से संबंधित नहीं है?

(A) इसी समय मैं उसे अच्छी तरह देख सका। उसका रंग मैला था, परन्तु आँखों में अपूर्व माधुर्य था।
(B) मैंने देखा कि वह घटना पुनरावृत्ति की ओर आ रही है। मैं अब स्थिर न रह सका।
(C) शहर का किनारा। उसे छोड़ते ही भारतीय देहात का महासागर शुरु हो जाता था।
(D) मैं और भी चक्कर में पड़ गया। भोला सही, देवता भी सही, पर इसमें डरने की बात क्या हो सकती है?
(E) 'जनता शान्ति चाहती है', 'हमारी सभ्यता की नींव विश्वबन्धुत्व और प्रेम पर पड़नी चाहिए।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल (A), (B), (D)
Solution:दिए गये विकल्पों में केवल (A), (B), (D) विकल्पों की पंक्ति रागदरबारी उपन्यास से संबंधित नहीं है-
रागदरबारी उपन्यास से संबंधित पंक्ति निम्न है-
1. शहर का किनारा। उसे छोड़ते ही भारतीय देहात का महासागर शुरु हो जाता है।
2. जनता शांति चाहती है, हमारी सभ्यता की नींव विश्वबन्धुत्व और प्रेम पर पड़नी चाहिए।
रागदरबारी (1968), उपन्यास के लेखक श्रीलाल शुक्ल हैं। इस उपन्यास पर इन्हें 1969 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था। 'रागदरबारी' उपन्यास समस्याप्रधान है। इसमें केवल शिवपाल गंज की समस्या का चित्रण न करके शिवपालगंज को केन्द्र मानकर भारत देश की सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक तथा शैक्षणिक समस्याओं को प्रकट किया है। श्रीलाल शुक्ल द्वारा रचित अन्य उपन्यास है- सूनीघाटी का सूरज, अंगद का पांव, इत्यादि ।

66. डॉ. ग्रियर्सन के अनुसार कुमाऊंनी की कितनी उपबोलियां हैं :

Correct Answer: (b) बारह
Solution:डॉ. ग्रियर्सन के अनुसार कुमाऊंनी की बारह उपबोलियां हैं। भाषा वैज्ञानिक डा. ग्रियर्सन के अनुसार ध्वनि तत्व तथा रूप रचना के आधार पर कुंमाऊंनी भाषा के चार वर्ग तथा 12 उपबोलियां निर्धारित की जो निम्न हैं-
1. पूर्वी कुमाऊँनी वर्गकुमैया, सोर्पाली, सीराली, अस्कोटी
2.पश्चिमी कुमाऊंनी वर्गखसपर्जिया, पछाई, चौगर्खिया, गंगोली, दानपुरिया फल्दाकोटी
3. उत्तरी कुमाऊँनी वर्गजोहारी
4. दक्षिणी कुमाऊंनी वर्ग -
रौचसि

67. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से सत्य कथन है?

(A) सूर को भावाधिपति और सूर के प्रेम को जीवनोत्सव कहा था।
(B) मानलीला और दानलीला को आनन्दोल्लास का विधान कहा था।
(C) गोपियों की वचनवक्रता अमर्यादित है।
(D) ज्ञान के साथ भावना का भी विकास होता है।
(E) सूरसागर में जगह-जगह दृष्टि कूट वाले पद विद्यापति का अनुकरण नहीं है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल (A), (B), (D)
Solution:दिये गये विकल्पों में केवल (A), (B), (D), कथन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के संदर्भ में सत्य है। जो निम्न है-
1. सूर को भावाधिपति और सूर्य के प्रेम को जीवनोत्सव कहा था।
2. मानलीला और दानलीला को आनन्दोल्लास का विधान कहा था।
3. ज्ञान के साथ भावना का भी विकास होता है।
4. सूरदास ने बिना आँखों के जितना बारीक वर्णन किया, उतना कोई दूसरा कवि नहीं कर सका।
5. सूर का संयोग वर्णन एक क्षणिक घटना नहीं है, प्रेम-संगीतमय जीवन की एक गहरी चलती धारा है। जिसमें अवगाहन करने वाले को दिव्य माधुर्य के अतिरिक्त और कुछ नहीं दिखाई पड़ता।

68. 'इन सबकी जिन्दगियाँ चौपट करने का जिम्मेदार मैं हूँ। फिर भी मैं इस घर से चिपका हूँ क्योंकि अन्दर से मैं आराम तलब हूँ, घरघुसरा हूँ, मेरी हड्डियों में जंग लगा है।' यह कथन किस नाटक से लिया गया है?

Correct Answer: (d) आधे-अधूरे
Solution:इन सब की जिन्दगी चौपट करने का जिम्मेदार मैं हूँ। फिर भी मैं इस घर से चिपका हूँ क्योंकि अन्दर से मैं आराम तलब हूँ, घरघुसरा हूँ, मेरी हड्डियों में जंग लगा है। यह कथन आधे-अधूरे नाटक से लिया गया है। आधे अधूरे नाटक के लेखक मोहन राकेश है। यह नाटक आधुनिक युग के आधे-अधूरे समाज, परिवार, व्यक्ति, संबंधों आदि के मूल बिन्दुओं को दर्शाता है। इसमें स्त्री पुरुष संबंधों के तनाव और विखराव को रेखांकित किया गया है। इस नाटक में तीन स्त्रीपात्र तथा पाँच पुरुष पात्र है। मोहन राकेश द्वारा रचित अन्य नाटक हैं- आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस, पैरो तले जमीन (अधूरा)।

69. संदर्भित पंक्तियाँ 'अंधेर नगरी' नाटक के किस अंक में कही गई है?

'जहाँ न धर्म न बुद्धि नहिं नीति न सुजन समाज।
ते ऐसहि आपुहि नसैं, जैसे चौपट राज ।'

Correct Answer: (d) छठा
Solution:"जहाँ न धर्म न बुद्धि नहिं नीति न सुजन समाज ते ऐसहि आपुहि नसें जैसे चौपट राज ।।” संदर्भित पंक्तियाँ अधेर नगरी नाटक के छठा अंक में कही गयी है।
अंधेर नगरी प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का सर्वाधिक लोकप्रिय नाटक है। छह अंकों के इस नाटक में विवेकहीन और निरंकुश शासन व्यवस्था पर करारा व्यंग्य करते हुए उसे अपने कर्मों द्वारा नष्ट होते दिखाया गया है। इस नाटक के प्रमुख पात्र है- महंत, गोवर्धनदास, नारायणदास, हलवाई, कुजड़िन, भिश्ती, बनिया, राजा, मंत्री, फरियादी, घासीराम इत्यादि ।

70. निम्नलिखित में से कौन से सिद्धांत भाषा की उत्पत्ति से संबंधित नहीं है:

(A) दिव्योत्पत्ति सिद्धांत                    (B) भौगोलिक सिद्धांत
C) पुह-पुह सिद्धांत                           (D) श्रमध्वनि सिद्धांत
(E) श्रवण सिद्धांत
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल (B) और (E)
Solution:'भौगोलिक सिद्धांत और 'श्रवण सिद्धांत' भाषा की उत्पत्ति से संबंधित नहीं है। भाषा की उत्पत्ति के प्रमुख सिद्धांत और उसके प्रवर्तक निम्न हैं-
सिद्धांतप्रवर्तक
दिव्योत्पत्ति सिद्धांत-प्राचीन धर्म ग्रंथ
पुह-पुह सिद्धांत-हेनरी स्वीट
श्रम ध्वनि सिद्धांत-न्वारे
संकेत सिद्धांत-रूसो
रणन सिद्धांत  -प्लेटो, हेस एवं मैक्समूलर