Solution:एक छोटे बाजार कस्बे जिसमें परम्परागत मूल्यों की अभी भी मान्यता है जबकि आधुनिक सुविधाओं का उदय भी प्रारंभ हो गया है, के रूप में परिभाषित किया जा सकता है,
नगरों की इस अवस्था को पोलीस की अवस्था कहते है। लेविस ममफोर्ड (1938) ने अपनी पुस्तक "The Culture of Cities" में नगरीय विकास की छः अवस्थाओं का वर्णन किया है जो निम्नलिखित है-
1. इओपोलिस (पूर्वनगर) यह मानव सभ्यता के विकास के प्रथम चरण की द्योतक है जिसमें कृषि सभ्यता के विकास के प्रथम चरण की द्योतक है जिसमें कृषि तथा पशुपालन जैसे प्राथमिक कार्यों का विकास प्रारंभ होता है।
2. पोलिस या नगर इस अवस्था में बड़े ग्रामों का रूपांतरण लघु नगर या कस्बा के रूप में होने लगता है और सम विभाजन के विकास में प्रत्येक परिवार विशिष्टीकरण प्राप्त कर लेता है जिसमें नगरीय कार्यों का प्रभुत्व बढ़ता जाता है।
3. मेट्रोपोलिस या महानगर इस अवस्था में कुछ नगर विशाल हो हो जाते है ओर अपने समीपवर्ती नगरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों की सेवा करते है।
4. मेगालोपोलिस यह नगरीय विकास की चरम अवस्था का द्योतक है जिसमें व्यापार तथा समृद्धि में वृद्धि से नगर में मकानों तथा जनसंख्या का जमघट पाया जाता है।
5. टायरेनोपोलिस या हासोन्मुख नगर नगर में उद्योग, व्यापार, सेवाओं आदि का हास होने लगता है, यह अवस्था नगर की अधोगति की सूचक है।
6. नेक्रोपोलिस या नष्टप्राय नगर- यह नगरीय ह्रास की अंतिम अवस्था है, जिसमें नगर नष्ट प्राय हो जाता है ओर उसका आर्थिक - सामाजिक महत्व लगभग समाप्त हो जाता है केवल उसका नाम ही शेष रहा जाता है। अतः विकल्प (a) सही है।