NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून 2024 भूगोल

Total Questions: 100

71. 2022-23 के दौरान घरेलू पर्यटकों द्वारा दूसरा सबसे अधिक भ्रमण किया गया स्मारक_______ था।

Correct Answer: (b) सूर्य मंदिर, कोणार्क
Solution:

2022-23 के दौरान घरेलू पर्यटकों द्वारा दूसरा सबसे अधिक भ्रमण किया गया स्मारक सूर्य मंदिर, कोणार्क था। वर्ष 2022-23 के दौरान घरेलू पर्यटकों के द्वारा सबसे अधिक भ्रमण किये जाने वाले 5 स्मारक स्थल निम्नलिखित हैं-

क्रम संख्यास्मारक / स्थलपर्यटकों की संख्या % में
(1)ताज महल10.55%
(2)सूर्य मंदिर, कोणार्क5.02%
(3)लाल किला4.62%
(4)कुतुब मीनार3.69%
(5)आगरा का लाल किला3.60%

वर्ष 2022-23 के अनुसार भारत में विदेशी पर्यटकों द्वारा देखें जाने वाले प्रमुख स्थल स्मारक हैं- (1) ताज महल (27. 46%), (2) आगरा का लाल किला (9.64%), (3) कुतुब मीनार (7.97%), (4) हुमायूँ का मकबरा (6.93%), (5), फतेहपुर सिकरी (4.31%) ।

72. अपक्षय के संदर्भ में सही कथनों की पहचान करें।

A. अधिक दैनिक तापान्तर के कारण रासायनिक अपक्षय मरुस्थली क्षेत्रों में सामान्य है।
B. यांत्रिक अपक्षय ठंडे क्षेत्रों में तुषार क्रिया के कारण होता है।
C. पौधों द्वारा एक प्रकार का यांत्रिक अपक्षय चिलशन कहलाता है।
D. चूना पत्थर पवन क्रिया के लिये बहुत प्रतिरोधी है, किन्तु वर्षा जल के लिये सुप्रभाव्य है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल B और D
Solution:

अधिक दैनिक तापांतर के कारण रासायनिक अपक्षय नही बल्कि भौतिक अपक्षय मरुस्थली क्षेत्रों में सामान्य घटना है। भौतिक अपक्षय प्रक्रियाओं में तापीय परिवर्तन का प्रभाव चट्टानों पर अधिक पड़ता है। यांत्रिक अपक्षय ठंडे क्षेत्रों में तुषार क्रिया के कारण होता है।

तुषार द्वारा यांत्रिक अपक्षय के अन्तर्गत चट्टानों के बड़े-बड़े टुकड़ों में विघटन शीतोष्ण तथा शीत कटिबंधीय भागों में अधिक प्रचलित है। चेलेशन, पौधों द्वारा जैव रासायनिक अपक्षय को कहा जाता है।

जैविक पदार्थों द्वारा शैलों में विघटन एवं वियोजन अर्थात रासायनिक अपक्षय को जैव रासायनिक अपक्षय कहते हैं। चूना पत्थर पवन क्रिया के लिए बहुत प्रतिरोध होता है, किंतु वर्षा जल के लिए सुप्रभाव्य है। चूने का पत्थर साधारण जल द्वारा नहीं घुल पाता है

परन्तु जब उसका संयोग कार्बन डाईऑक्साइड गैस से होता है, तो चूने का पत्थर कैल्सियम बाई कार्बोनेट में बदल जाता है जो कि आसानी से जल में घुलकर मिल जाता है। अतः विकल्प (a) सही है।

73. _______ भूगोल में व्यवहारवादी आंदोलन से सम्बद्ध नहीं था?

Correct Answer: (a) हावे
Solution:

डेविड हार्वे का संबंध भूगोल में व्यवहारवादी आंदोलन से नहीं बल्कि क्रांतिकारी भूगोल के विकास से था। व्यवहारवाद का मूल दर्शन संवृतिशास्त्र या घटना क्रियाविज्ञान है जो मूल्य निरपेक्ष और वस्तुनिष्ठ अध्ययन को अपूर्ण मानता है तथा मनुष्यों के अनुभव एवं संज्ञान को अधिक महत्व प्रदान करता है।

व्यवहारवाद की मूल मान्यता थी कि मनुष्य एक विवेकशील तथा संवेदनशील प्राणी है।और अपने पर्यावरण के सम्बन्ध में उसके द्वारा लिये गये निर्णय प्रत्यक्ष कार्य कारण प्रतिक्रिया का प्रतिफल न होकर वास्तविक स्थिति के मानसिक बोध के परिणाम होते है।

अतः भौगोलिक अध्ययन में व्यवहारवादी उपागम के विकास में विलियम किर्क, जूलियन वोल्पर्ट, काक्स, गोलिज, गुडी, प्रेड, डाउन्स, गोल्ड, विलिथम्सन आदि विद्वानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अतः विकल्प (a) सही है।

74. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए

सूची-I (खाई/गर्त)सूची-II (महासागर)
A. प्यूटो रिको खाईI. आर्कटिक
B. जावा-सुण्डा खाईII. प्रशांत
C. चैलेंजर खड्डIII. हिन्द
D. मौली खड्डIV. अटलांटिक

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) A-IV, B-III, C-II, D-I
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है-

सूची-I (खाई/गर्त)सूची-II (महासागर)
प्यूटोरिको की खाईअटलांटिक महासागर
जावा-सुण्डा खाईहिन्द महासागर
चैलेंजर खड्डप्रशांत महासागर
मौली खड्डआर्कटिक महासागर

अतः विकल्प (d) सही सुमेलित है।

75. सूर्यातप के संदर्भ में सही कथनों की पहचान करें।

A. ग्रीष्मकाल में जम्मू में चेन्नई की तुलना में दिन की अवधि अधिक लम्बी होगी।
B.  एक साल में वाराणसी पर सूर्य की किरणें दो बार लम्बवत होती हैं।
C. हिमालय के दक्षिणी ढाल उत्तरी ढालों की तुलना में अधिक सूर्यातप प्राप्त करते हैं।
D. कुल सूर्यातप में दृश्य तरंगदैर्ध्य का हिस्सा पराबैंगनी तरंगदैर्ध्य के हिस्से से अधिक होता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, C और D
Solution:

काल में सूर्य कर्क रेखा पर लम्बवत् चमकता है जिससे इस क्षेत्र में दिन की अवधि अधिकतम होती है। कर्क रेखा से दूरी बढ़ने के साथ दिन की अवधि में कमी देखने को मिलती है। जम्मू की अक्षांशीय स्थिति 32045'N है

तथा चेन्नई की अक्षांशीय स्थिति 13°06'N है। इस प्रकार जम्मू क्षेत्र, कर्क रेखा से चेन्नई की अपेक्षा अधिक नजदीक है। अतः ग्रीष्मकाल में जम्मू में चेन्नई की तुलना में दिन की अवधि अधिक लम्बी होगी। अधिकतम सूर्यातप मण्डल का विस्तार कर्क तथा मकर रेखाओं के बीच (23.5° उ.से 23.5° द. अक्षांश) पाया जाता है।

सूर्य के उत्तरायण एवं दक्षिणायन होने के कारण इस मण्डल में प्रत्येक स्थान पर सूर्य की किरणें वर्ष में दो बार लम्बवत् पड़ती है। कर्क रेखा के उत्तर में स्थित होने के कारण वाराणसी पर कभी भी लम्बवत् नहीं चमकेगा।हिमालय के दक्षिणी ढाल उत्तरी ढाल की तुलना में अधिक सूर्यातप प्राप्त करते हैं,

धरातलीय ढाल का वह भाग जो सूर्य की ओर (सूर्योन्मुखी) होता है, अपेक्षाकृत अधिक सूर्यातप प्राप्त करता है क्योंकि सौर्यक किरणें लगभग सीधी पहुँचती हैं। अतः सूर्योन्मुखी ढाल पर सूर्यविमुखी ढाल की अपेक्षा अधिक तापमान होता है

क्योंकि सूर्यविमुखी ढाल पर सूर्य की किरणों के तिरक्षेपन के कारण कम सूर्यातप प्राप्त होता है। विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम का उनकी तरंगदैर्ध्य का बढ़ता क्रम है- गामा किरणें, एक्स किरणें, पराबैगनी किरणें, दृश्य किरणे, अवरक्त किरणें, माइक्रोवेब व रेडियो तरंगें।

अतः कुल सूर्यातप में दृश्य तरंगदैर्ध्य का हिस्सा पराबैगनी तरंगदैर्ध्य के हिस्से से अधिक होता है।

UCAR COMET कार्यक्रम के अनुसार, सूर्य से निकलने वाली विकिरण ऊर्जा का लगभग 43% स्पेक्ट्रम के दृश्य भाग में, लगभग 49% इनफ्रारेड में, लगभग 7% पराबैगनी किरणों तथा 1% से कम सौर्य विकिरण एक्स रे, गामा किरणों और रेडियों तरंगो के रूप में उत्सर्जित होता है।
अतः कथन (A), (C) और (D) सत्य है तथा कथन (B) असत्य है, इसलिए विकल्प (b) सही है।

76. उन कथनों की पहचान करें जो सीमांतों और सीमाओं के बारे में सही नहीं हैं।

A. सीमाएं द्विविमीय होती हैं जबकि सीमांत त्रिविमीय होते हैं।
B. सीमाएँ 'डी फक्टो' जबकि सीमांत 'डी ज्यूर' हैं।
C. सीमाएँ राज्यों द्वारा निर्धारित की जाती है तथा इनका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता।
D. सीमांतों की एक निश्चित स्थिति होती है तथा इनकी सीमाएं बदली नहीं जा सकती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल B और D
Solution:

सीमांत क्षेत्र दो सामाजिक व्यवस्थाओं अथवा इकाइयों के मध्य एक क्षेत्र होता है अर्थात् यह एक भौगोलिक क्षेत्र है जो कि पृष्ठभूमि के आगे होता है तथा इसकी भौगोलिक स्थिति दो प्रतिद्वन्द्वी शक्तियों के विस्तार को निष्क्रिय एवं संतुलित करती है।

दूसरी ओर सीमा एक रेखा के रूप में होती है तथा यह संप्रभुता का एक आवश्यक अंग है। संप्रभुता निश्चित रूप से परिबद्ध होती है, सम्प्रभु राज्यों का विश्व सीमाओं द्वारा विभाजित विश्व है। इस प्रकार से, सीमा आधुनिक विश्व अर्थव्यवस्था का एक आवश्यक तत्व है।

सीमाएं द्विविमीय होती है जबकि सीमांत त्रिविमीय होती है क्योंकि सीमांतों का एक निश्चित आकार एवं आकृति होती है। सीमाएं 'डी फक्टो' नहीं बल्कि 'डी ज्यूर' होती हैं जबकि सीमांत 'डी फक्टो होती है अर्थात सीमाएं काल्पनिक तथा सीमांत वास्तविक होते हैं,

उनका एक निश्चित क्षेत्रफल होता है जिसकी भौतिक स्थिति होती है। सीमाएं राज्यों द्वारा निर्धारित की जाती है तथा इनका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता है। क्योंकि यह दो देशों क्षेत्रों के समझौते का परिणाम होता है। सीमांतों की एक निश्चित स्थिति होती है

जिसको बढ़ती भौगोलिक क्षेत्रों की जानकारी, आर्थिक एवं तकनीकी विकास, जनसंख्या में वृद्धि संसाधनों के प्रति जागरूकता तथा राजनीतिक एवं सैन्य विकास के परिणामस्वरूप सीमान्त प्रदेश कालांतर में सीमा रेखा में परिवर्तित हो जाते हैं।

अतः स्पष्ट है कि कथन (B) और कथन (D) सत्य नहीं हैं जबकि कथन (A) तथा (C) सत्य है, इसलिए विकल्प (a) सही है।

77. कथन "समस्त इतिहास को भौगोलिक दृष्टि से देखा जाना चाहिए और समस्त भूगोल को ऐतिहासिक दृष्टि से देखा जाना चाहिए"_______''द्वारा दिया गया था।

Correct Answer: (c) हेरोडोटस
Solution:

“समस्त इतिहास को भौगोलिक दृष्टि से देखा जाना चाहिए और समस्त भूगोल को ऐतिहासिक दृष्टि से देखा जाना चाहिए, " यह कथन हेरोडोटस द्वारा दिया गया था। हेरोडोटस एक प्रसिद्ध यूनानी इतिहासकार और भूगोलवेत्ता थे

जिन्होंने भूमध्य सागर और काला सागर के समीपवर्ती देशों की यात्राएं की और उनका भौगोलिक वर्णन किया। हेरोडोटस प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने अफ्रीका और एशिया महाद्वीपों को लाल सागर द्वारा विभाजित बताया था। इन्होंने 'डेल्टा' शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किया तथा मिस्त्र को 'नील नदी का वरदान' कहा।

78. विपरीत - शहरीकरण के विषय में सही कथनों की पहचान करें।

A. लोग बड़े शहरी क्षेत्रों से छोटे शहरी अधिवासों में जाते हैं।
B. लोग छोटे शहरी क्षेत्रों से बड़े शहरी अधिवासों में जाते हैं।
C. इन प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों के जनसांख्यिकीय भविष्य में पुनर्जागरण हुआ है।
D. इन प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप शहरी क्षेत्रों के जनसांख्यिकीय भविष्य में पुनर्जागरण हुआ है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A और C
Solution:

विपरीत शहरीकरण में लोग बड़े शहरी क्षेत्रों से छोटे शहरी अधिवासों की ओर जाते है क्योंकि एक ही स्थान पर तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या के कारण गृह निर्माण से समस्या, आवासीय समस्या, रोजगार की समस्या तथा पर्यावरणीय समस्याओं के कारण लोग विपरीत शहरीकरण के लिए मजबूर होते हैं।

नगर में तीव्र जनसख्या वृद्धि, औद्योगीकरण, भीड़-भाड़, प्रदूषण आदि समस्याओं से त्रस्त होकर नागरिक समुचित स्थल की तलाश में उपान्त क्षेत्र की ओर प्रवास करते हैं। विपरीत शहरीकरण की प्रक्रिया के परिणाम स्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों के जनसांख्यिकीय भविष्य में पुनर्जागरण हुआ है

जबकि शहरी क्षेत्रों के विषय में ऐसा नहीं हुआ। अतः कथन (A) और (C) सही हैं जबकि कथन (B) और (D) गलत है। इस प्रकार विकल्प (a) सही है।

79. अपरदन चक्र की डेविसियन संकल्पना______द्वारा प्रकाशित पुस्तक के केन्द्रीय विचार से प्रेरित थी।

Correct Answer: (b) डार्विन
Solution:

अपरदन चक्र की डेविसियन संकल्पना डार्विन द्वारा प्रकाशित पुस्तक "द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज" के केन्द्रीय विचार से प्रेरित थी। डेविस के अनुसार अपरदन चक्र वह कालावधि है जिससे होकर एक नवीन उत्थित भूपृष्ठ अपरदन द्वारा युवा, प्रौढ़ तथा जीर्णावस्था से गुजरता हुआ

अंततः समप्राय मैदान (पेनीप्लेन) के रूप में परिवर्तित हो जाता है। इस अपरदन चक्र को डेविस महोदय ने भौगोलिक चक्र (Geographical cycle) नाम दिया है। डेविस ने अपने भौगोलिक चक्र की संकल्पना का प्रतिपादन 1899 में किया।

डेविस के अनुसार किसी भी क्षेत्र में स्थलरूपों का उद्भव एवं विकास तीन कारकों अर्थात् संरचना, प्रक्रम तथा समय (अवस्था) द्वारा नियंत्रित होता है। इन तीन कारकों को डेविस का त्रिकूट कहते हैं। अतः विकल्प (b) सही है।

80. अस्तित्व में आने वाला अगला हवाई द्वीप, जिसका नामकरण लोही हो चुका है, श्रृंखला के______छोर पर महासागर तल पर निर्मित हो रहा है।

Correct Answer: (c) दक्षिण-पूर्वी
Solution:

अस्तित्व में आने वाला अगला हवाई द्वीप, जिसका नामकरण लोही हो चुका है, श्रृंखला के दक्षिण-पूर्वी छोर पर महासागर तल पर निर्मित हो रहा है।

लोही द्वीप प्रशांत महासागर के हवाई द्वीप के दक्षिण-पूर्वी भाग में पानी के नीचे का एक ज्वालामुखी और समुद्री पर्वत है जो समुद्र की सतह की ओर एक द्वीप का रूप ले रहा है जिसे कामा एहुआकानालोआ के नाम से भी जाना जाता है।