Solution:काल में सूर्य कर्क रेखा पर लम्बवत् चमकता है जिससे इस क्षेत्र में दिन की अवधि अधिकतम होती है। कर्क रेखा से दूरी बढ़ने के साथ दिन की अवधि में कमी देखने को मिलती है। जम्मू की अक्षांशीय स्थिति 32045'N है
तथा चेन्नई की अक्षांशीय स्थिति 13°06'N है। इस प्रकार जम्मू क्षेत्र, कर्क रेखा से चेन्नई की अपेक्षा अधिक नजदीक है। अतः ग्रीष्मकाल में जम्मू में चेन्नई की तुलना में दिन की अवधि अधिक लम्बी होगी। अधिकतम सूर्यातप मण्डल का विस्तार कर्क तथा मकर रेखाओं के बीच (23.5° उ.से 23.5° द. अक्षांश) पाया जाता है।
सूर्य के उत्तरायण एवं दक्षिणायन होने के कारण इस मण्डल में प्रत्येक स्थान पर सूर्य की किरणें वर्ष में दो बार लम्बवत् पड़ती है। कर्क रेखा के उत्तर में स्थित होने के कारण वाराणसी पर कभी भी लम्बवत् नहीं चमकेगा।हिमालय के दक्षिणी ढाल उत्तरी ढाल की तुलना में अधिक सूर्यातप प्राप्त करते हैं,
धरातलीय ढाल का वह भाग जो सूर्य की ओर (सूर्योन्मुखी) होता है, अपेक्षाकृत अधिक सूर्यातप प्राप्त करता है क्योंकि सौर्यक किरणें लगभग सीधी पहुँचती हैं। अतः सूर्योन्मुखी ढाल पर सूर्यविमुखी ढाल की अपेक्षा अधिक तापमान होता है
क्योंकि सूर्यविमुखी ढाल पर सूर्य की किरणों के तिरक्षेपन के कारण कम सूर्यातप प्राप्त होता है। विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम का उनकी तरंगदैर्ध्य का बढ़ता क्रम है- गामा किरणें, एक्स किरणें, पराबैगनी किरणें, दृश्य किरणे, अवरक्त किरणें, माइक्रोवेब व रेडियो तरंगें।
अतः कुल सूर्यातप में दृश्य तरंगदैर्ध्य का हिस्सा पराबैगनी तरंगदैर्ध्य के हिस्से से अधिक होता है।
UCAR COMET कार्यक्रम के अनुसार, सूर्य से निकलने वाली विकिरण ऊर्जा का लगभग 43% स्पेक्ट्रम के दृश्य भाग में, लगभग 49% इनफ्रारेड में, लगभग 7% पराबैगनी किरणों तथा 1% से कम सौर्य विकिरण एक्स रे, गामा किरणों और रेडियों तरंगो के रूप में उत्सर्जित होता है।
अतः कथन (A), (C) और (D) सत्य है तथा कथन (B) असत्य है, इसलिए विकल्प (b) सही है।