Solution:कपास का फसल क्षेत्र भारत में उच्च वर्षण के क्षेत्र तक सीमित नहीं है। दक्कन पठार के शुष्कतर भागों में काली मिट्टी कपास उत्पादन के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इस फसल को उगाने के लिए उच्च तापमान, हल्की वर्षा या सिंचाई, 210 पाला रहित दिन और खिली धूप की आवश्यकता होती है। यह खरीफ की फसल है और इसे पक कर तैयार होने में 6 से 8 महीनें लगते हैं।
महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा और उत्तर-प्रदेश कपास के मुख्य उत्पादक राज्य हैं। रबड़ भूमध्य-रेखीय क्षेत्र की फसल है परंतु विशेष परिस्थितियों में उष्ण और उपोष्ण क्षेत्रों में भी उगाई जाती है।
इसको 200 सेमी. से अधिक वर्षा और 25°C से अधिक तापमान वाली नम और आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है। चाय का पौधा उष्ण और उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु, ह्यूमस और जीवांश युक्त गहरी मिट्टी तथा सुगम जल विकास वाले ढलवाँ क्षेत्रों में भली भाँति उगाया जाता है।
वर्ष भर समान रूप से होने वाले वर्षा की बौछारें इसकी कोमल पत्तियों के विकास में सहायक होती हैं। पटसन को 'सुनहरा रेशा' कहा जाता है।
पटसन की फसल बाढ़ के मैदानों में जल निकास वाली उर्वरक मिट्टी में उगाई जाती है। जहाँ हर वर्ष बाढ से आई नई मिट्टी जमा होती रहती है। अतः विकल्प (a) सही है।