NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून-2024 (दृश्य कला)

Total Questions: 100

91. इस कलाकृति का कलाकार निम्नलिखित में से किस कला स्कूल से संबद्ध हैं?

Correct Answer: (a) गवर्नमेन्ट स्कूल ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट, मद्रास
Solution:

कलाकृति मालाबार के किसानों का जीवन का कलाकार के.सी.एस. पन्निकर ने 1936 ई. में गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड क्रॉफ्ट्स, मद्रास में देवी प्रसाद राय चौधरी के निर्देशन में अपनी कला शिक्षा प्रारंभ की किंतु इससे पूर्व ही पन्निकर के चित्र 1926 ई. में आयोजित फाईन आर्ट्स सोसायटी मद्रास की अखिल भारतीय प्रदर्शनी के साथ प्रकाश में आ चुके थे। 1940 ई. में कला डिप्लोमा करने के पश्चात् यहीं आपकी नियुक्ति कला अध्यापक के रूप में हो गयी तथा यहीं से प्रधानाचार्य के रूप में आप सेवानिवृत्त हुए।

92. इस कलाकृति को निम्नलिखित में से किस संस्थान में रखा गया है?

Correct Answer: (b) राष्ट्रीय आधुनिक कला वीथि (नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट)
Solution:

कलाकृति मालाबार के किसानों का जीवन राष्ट्रीय आधुनिक कला वीथि (नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट) संस्थान में रखा गया है। इसकी रचना के.सी.एस. पन्निकर ने की थी।

इनकी अन्य प्रसिद्ध कृतियाँ फ्रूट सेलर, बोटिंग, रिवर सीन, वर्ड्स एंड सिम्बल्स, लव, ट्रीज इन अ लैंडस्केप, पिक्चर इन येलो एंड ब्लू, लुम्बिनी, मदर एंड चाइल्ड, डॉग, क्रो, क्राउडेड मार्केट, प्रेगनेंट वूमेन आदि।

93. प्रदत्त कलाकृति के वर्णन (वृत्तांत) के आधार पर कलाकार द्वारा दिये गये शीर्षक को चिह्नांकित कीजिए -

Correct Answer: (d) मालाबार के किसानों का जीवन (लाइफ ऑफ मालाबार पीजेन्ट)
Solution:

प्रदत्त कलाकृति के वर्णन (वृत्तांत) के आधार पर कलाकार द्वारा दिए गए शीर्षक चित्र मालाबार के किसानों का जीवन (लाइफ ऑफ मालाबार पीजेंट) है।

जिसे के.सी.एस. पन्निकर ने 1958 ई. में कैनवास पर तैल रंग में चित्रित किया था। जो वर्तमान में राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा नई दिल्ली में संग्रहीत है।

94. इस कलाकृति का कलाकार निम्नलिखित में से कौन है?

Correct Answer: (d) के.सी.एस. पणिकर
Solution:

कलाकृति 'मालाबार के किसानों का जीवन' का कलाकार के.सी.एस. पणिकर हैं। इनका पूरा नाम कोलाविझी चेरंबथुर शंकरन पन्निकर था। इनकी कला प्राकृतिक सौंदर्य से प्रभावित होकर विकसित हुई थी।

पणिकर का जन्म कोयम्बटूर, तमिलनाडु के मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। प्रारंभ में पन्निकर दृश्यचित्रण करते थे तथा उत्तरोत्तर रेखा की संगीतात्मकता, प्रतीकों के साहचर्य तथा विचार की सहजता की ओर अग्रसर हुए।

95. चित्र में प्रदत्त आर्टवर्क (कलाकृति) के माध्यम को चिह्नित कीजिए-

Correct Answer: (b) तैल
Solution:

चित्र में प्रदत्त आर्टवर्क मालाबार के किसानों का जीवन का माध्यम तैल रंग है जिसे के.सी.एस. पन्निकर ने 1958 में कैनवास पर तैल रंग में बनाया था। पन्निकर दक्षिणी भारत की कला में आधुनिकता के जन्मदाता व अग्रदूत रहे हैं तथा कलाकारों की युवा पीढ़ी के प्रेरणा स्रोत भी।

युवा कलाकार आपके बीज गणितीय सृजन व प्रयोगात्मकता से ही प्रभावित नहीं हुए, वरन् कलाकार ग्राम चोलामंडल की अवधारणा से भी प्रभावित हुए। आप प्रथम कलाकार थे, जिसने आकृतिमूलक कला के चक्रव्यूह को तोड़ा।

96. इस ऐतिहासिक पुरा स्थल का निर्माण काल निम्नलिखित में से कौन सा है?

Correct Answer: (a) प्रथम शताब्दी ई.पू.
Solution:

ऐतिहासिक पुरास्थल साँची का निर्माण काल प्रथम शताब्दी ई.पू. है। साँची विदिशा से 9 किमी. उत्तर-पश्चिम की ओर मध्य रेलवे के बीना तथा भोपाल जंक्शनों के बीच रायसेन जिले में स्थित है। अपने अप्रतिम बौद्ध स्मारकों तथा पुरातात्त्विक सामग्री के कारण साँची संपूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है।

97. प्रदत्त चित्र का पुरास्थल निम्नांकित में से कौन सा है?

Correct Answer: (c) विदिशा-साँची
Solution:

प्रदत्त चित्र का पुरास्थल विदिशा-साँची है। जर्नल टेलर ने साँची के स्मारकों की ओर जनता का ध्यान आकृष्ट किया। अशोक द्वारा निर्मित 84,000 स्तूपों में से साँची भी एक है,

जिसमें स्तूप 1, 2,3 सुरक्षित अवस्था में मिले थे। साँची के सभी तोरण द्वार ई.पू. पहली शताब्दी के हैं।

सबसे पहले दक्षिणी द्वार बनवाया गया था। यह मुख्य प्रवेश द्वार था। इसके बाद क्रमशः उत्तरी, पूर्वी व पश्चिमी तोरण द्वार बने। इन तोरणों में चौपहल दो खंभे हैं, जो 24 फूट ऊँचे हैं।

98. निम्नलिखित में से उस राजवंश को चिह्नित कीजिए जिसमें नीचे प्रदत्त स्मारक का चित्र सर्वप्रथम निर्मित किया गया था?

Correct Answer: (d) मौर्य
Solution:

वह राजवंश मौर्य है, जिसमें प्रदत्त स्मारक का चित्र सर्वप्रथम निर्मित किया गया था। मूल रूप से साँची का स्तूप अशोक द्वारा लगभग उसी समय बनवाया गया था,

जब इसके पास अशोकीय स्तंभ खड़ा किया था, पर तब से लेकर अब तक इसमें काफी परिवर्तन हुए। मार्शल ने साँची के महास्तूप की कला का नामकरण ही 'वनस्पति शैली' कर दिया है।

99. प्रदत्त चित्र में निम्नलिखित में से कौन-सी जातक कथा प्रस्तुत है?

Correct Answer: (b) वेस्सान्तर जातक
Solution:

प्रदत्त चित्र में वेस्तान्तर जातक कथा प्रस्तुत है। साँची के तोरण पर अंकित केवल पाँच जातक दृश्यों को पहचाना गया है। वे हैं-छदन्त, वेस्सान्तर, साम, महाकपि तथा अलम्बुस । इनमें वेस्सान्तर जातक संबंधी प्रमुख घटना उत्तरी तोरण की एक बड़ेरी पर, साम जातक उत्तरी तोरण के बाएँ स्तंभ पर और छदन्त जातक दृश्य 3 बड़ेरियों पर अंकित हैं। वेस्सान्तर जातक तथा साम जातक दृश्य में इंद्र उपस्थित हैं।

100. पैनल का प्रदत्त चित्र वास्तव में किस माध्यम में निर्मित किया गया है?

Correct Answer: (c) बलुआ पत्थर (सैंड स्टोन)
Solution:

पैनल का प्रदत्त चित्र वास्तव में बलुआ पत्थर (सैंड स्टोन) माध्यम में निर्मित किया गया है। साँची पर खुदाई कर बनाए हुए विषयों की शैली ऐसी है कि इन्हें मूर्ति की अपेक्षा 'पत्थर पर उभारे चित्र' कहना अधिक उपयुक्त है,

क्योंकि यह खुदाई हाथी दाँत की नक्काशी के नमूने पर हुई है। जॉन इरविन ने कहा है कि "साँची की कला में आध्यात्मिकता और भौतिकता एक हो गई है।"