NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून-2024 (दृश्य कला)

Total Questions: 100

11. भुक्तिवाद का सिद्धांत निम्नलिखित में से किसने दिया था?

Correct Answer: (a) भट्ट नायक
Solution:

भुक्तिवाद का सिद्धांत भट्ट नायक ने दिया है। भट्ट नायक ने गंभीर दार्शनिक आधार पर रस विवेचन का प्रयास किया है। उन्होंने रसास्वाद को ब्रह्मास्वाद सहोदर माना है। उन्होंने अपने पूर्ववर्ती मतों का खंडन करते हुए कहा कि रस की न तो प्रतीति होती है, न उत्पत्ति होती है तथा न अभिव्यक्ति ।

अनुभव और स्मृति के अभाव में रस प्रतीति संभव नहीं है। इनके सिद्धांत को भुक्तिवाद कहा जाता है किंतु भुक्ति का अर्थ रस का भोग है। भट्ट नायक के अनुसार निष्पत्ति का अर्थ भुक्ति नहीं भाविति है।

पहले रस-भावित होता है फिर उसका भोग होता है। इसलिए निष्पत्ति का अर्थ भाविति होता है जो भुक्ति के पहले की अवस्था है।

12. निम्नांकित में से किन कलाकारों ने 'हैयटर्स एटेलियर17' में कार्य किया है?

A. आर.एम. पलानी अप्पन
B.एन. के. दीक्षित
C. ललिता लाजमी
D. सोमनाथ होरे
E. बिमल बनर्जी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल B और E
Solution:

उपर्युक्त में से एन.के. दीक्षित और विमल बनर्जी कलाकारों ने हैयटर्स एटेलियर-17 में कार्य किया है। एटलियर 17 एक कला विद्यालय और स्टूडियो था, जो 20वीं सदी में प्रिन्टमेकिंग के शिक्षण और प्रचार में प्रभावशाली था और मूल रूप से पेरिस में स्थित था।

13. भरहुत की जातक कहानियों की पहचान करें-

A. धम्भपुक जातक
B. लातुकिट जातक
C. नच्छ जातक
D. नापित जातक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, B और C
Solution:

भरहुत की जातक कहानियों की पहचान इस प्रकार है- धम्भपुक जातक, लातुकिट जातक और नच्छ जातक। भरहुत की कला शैली में अभी तक निर्विवाद रूप से पहचाने गए जातकों को तीन वर्गों मानवीय रूप, पशु रूप तथा यक्षी रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।

इनमें मानवीय रूपों में सुजात जातक, महाबोधि जातक, महाजनक जातक, सूचि जातक, मिगपोतक जातक, अंडभूति जातक, महाउम्मग जातक, मधादेव जातक, मूगपक्ख जातक, कंडरी जातक, अलंबुसा जातक, भिस जातक, दूमियमक्कट जातक, महाबोधि जातक, छम्मसाटक जातक, वेस्सान्तर जातक, रूरु जातक, सूचि जातक, महाकपि जातक, आरमदूसक जातक, लटुकिक जातक, दम्भपुष्फ जातक, नच्छ जातक, सम्मोदमान जातक, तक्करिय जातक, समुग्ग जातक, विधुरपंडित जातक, कुवकुट जातक, थपण्ण जातक आदि हैं।

14. हेनरी मूर की मूर्तिशिल्पों की पहचान करें-

A. हारबिंजर बर्ड - III - 1960
B. रिक्लाइनिंग फिगर - 1929
C. ग्लेनकिन क्रास 1955
D. हीमेट हेड नं. 2-1950
E. बर्ड बास्केट - 1939
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल B, C, D और E
Solution:

हेनरी मूर की मूर्तिशिल्पों की पहचान इस प्रकार है- रिक्लाइनिंग फिगर 1929, ग्लेनकिन क्रास 1955, हीमेट हेड नं. 2-1950 और बर्ड बास्केट- 1939|

15. सामान्यतः कांस्य धातुओं की मिश्रधातु का संघटन है, इसमें रजत और स्वर्ण के साथ निम्नलिखित में से कौन सी धातुओं का परिवर्ती अनुपात शामिल है?

Correct Answer: (a) ताम्र, टिन, सीसा
Solution:

सामान्यतः कांस्य धातुओं की मिश्रधातु का संघटन है, इसमें रजत और स्वर्ण के साथ ताम्र, टिन और सीसा धातुओं का परिवर्ती अनुपात शामिल है। कांस्य मुख्य रूप से तांबे से बना एक मिश्र धातु है,

जिसमें आमतौर पर लगभग 12-12.5% टिन होता है और अक्सर इसमें अन्य धातुएँ (एल्युमीनियम, मैंगनीज, निकल या जस्ता सहित) और कभी-कभी गैर-धातुएँ, जैसे फॉस्फोरस या मेटालॉयड, जैसे आर्सेनिक या सिलिकॉन शामिल होते हैं। इन मिश्रणों से कई प्रकार के मिश्र धातु बनते हैं जो अकेले ताँबे से ज्यादा कठोर हो सकते हैं या उनमें अन्य उपयोगी गुण हो सकते हैं। जैसे कि ताकत, लचीलापन या मशीनीकरण।

16. वात्स्यायन द्वारा रचित "कामसूत्र" में प्राचीन भारत की 64 कलाओं का उल्लेख है, जबकि "ललित विस्तर" ग्रंथ में कितनी कलाओं की गणना है?

Correct Answer: (b) 86
Solution:

वात्स्यायन द्वारा रचित कामसूत्र में प्राचीन भारत की 64 कलाओं का उल्लेख है, जबकि ललित विस्तार ग्रंथ में 86 कलाओं की गणना है। ललितविस्तार महायान बौद्ध संप्रदाय का ग्रंथ है।

इसमें गौतम बुद्ध की लीलाओं का वर्णन है। इसकी रचना किसी एक व्यक्ति ने नहीं की बल्कि इसकी रचना में कई व्यक्तियों का योगदान है। इसकी रचना तीसरी सदी ई.पू. में माना जाता है। इसमें 27 अध्याय हैं।

17. मूर्तिकला की मथुरा शैली में चित्तमुद्राओं (भाव को उद्दिष्ट करने वाले) के निर्वचन को चिह्नांकित कीजिए

A. पृष्ठ भाग के सामने की हथेली के अंगूठे से जुड़ी दिशासूचक अंगुला
B. इस मुद्रा में महात्माबुद्ध को उपदेश देते हुए दर्शाया गया है।
C. इससे इनके अनुनयन का प्रयास अभिव्यक्त होता है।
D. यह मुद्रा मध्यमा ऊँगली से जुड़े अंगूठे को दर्शाती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल B और C
Solution:

मूर्तिकला की मथुरा शैली में चित्तमुद्राओं (भाव को उद्दिष्ट करने वाले) के निर्वचन का चिह्नांकित इस प्रकार है इस मुद्रा में महात्मा बुद्ध को उपदेश देते हुए दर्शाया गया है, क्योंकि इससे इनके अनुनयन का प्रयास अभिव्यक्त होता है।

18. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (कलाकार)सूची-II (तकनीक/माध्यम)
A. गगनेन्द्रनाथ टैगोरI. काष्ठ उत्कीर्ण नक्काशी (वुड इन्टैग्लियो)
B. एम. वी. धुरंधरII. लीथोग्राफी
C. सनत करIII. क्रोमोलीथोग्राफी
D. एन. वी. जोगलेकरIV. ओलियोग्राफ़ी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन
कीजिए :

Correct Answer: (a) A-III, B-IV, C-I, D-II
Solution:

सूची-I के साथ सूची-II का सही मिलान है-

कलाकारतकनीक/माध्यम
गगनेन्द्रनाथ टैगोरक्रोमोलीथोग्राफी
एम. वी. धुरंधरओलियोग्राफ़ी
सनत करकाष्ठ उत्कीर्ण नक्काशी (वुड इन्टैग्लियो)
एन. वी. जोगलेकरलीथोग्राफी

19. निम्नलिखित में से किस कलाकार (चित्रकार) ने 'स्ट्रीट कार्नर', 'ओल्ड पोएम' और 'सिस्टर्स एट ट्रारलेट' नामक निक्षारण (अम्ललेखन) की रचना की है?

Correct Answer: (b) वाई.के. शुक्ल
Solution:

वाई. के. शुक्ल कलाकार (चित्रकार) ने स्ट्रीट कार्नर, ओल्ड पोएम और सिस्टर्स एट ट्रारलेट नामक निक्षारण (अम्ललेखन) की रचना की है।

20. बिस्किट फायरिंग के लिए आदर्श तापमान निम्नांकित में से कौन सा है?

Correct Answer: (d) 850 - 1020°C
Solution:

बिस्किट फायरिंग के लिए आदर्श तापमान 850- 1020°C होता है। बिस्किट किसी भी मिट्टी के बर्तन को संदर्भित करता है, जिसे सिरेमिक ग्लेज के बिना भट्ठी में पकाया गया है।

यह एक अंतिम उत्पाद हो सकता है, जैसे-बिस्किट चीनी मिट्टी के बर्तन या बिना ग्लेज वाले मिट्टी के बर्तन (जैसे टेराकोटा) या, सबसे आमतौर पर, एक चमकदार अंतिम उत्पाद में एक मध्यवर्ती चरण।