गुरुत्व के अधीन गति-(भौतिक विज्ञान)

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21. विनाशकारी भूकंप के गुरुत्व के कारण त्वरण होगा- [I.A.S. (Pre) 1994]

Correct Answer: (d) > 980 सेमी./से.²
Solution:विनाशकारी भूकंप के गुरुत्व के कारण त्वरण का मान 980 सेमी./से.².या 9.8 मी./से. से अधिक होगा।

22. एक वस्तु का पृथ्वी पर द्रव्यमान 100 किग्रा. है (गुरुत्व जनित त्वरण, ge 10 मी./से².)। अगर चन्द्रमा पर गुरुत्व जनित त्वरण (gₑ/6) है. तो चन्द्रमा पर वस्तु का द्रव्यमान होगा- [LA.S. (Pre) 2001]

Correct Answer: (c) 100 किग्रा.
Solution:किसी वस्तु के द्रव्यमान पर गुरुत्वीय त्वरण में परिवर्तन का कोई प्रभाव नहीं पड़ता तथा वह स्थिर रहता है। गुरुत्वीय त्वरण में परिवर्तन से वस्तु के भार में परिवर्तन होता है।

23. भारहीनता होती है- [M.P. P.C.S. (Pre)1991]

Correct Answer: (a) गुरुत्वाकर्षण की शून्य स्थिति
Solution:भारहीनता, वह अवस्था है जब पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल ऊपर की ओर लगने वाले बल से संतुलित हो जाए। हम जानते हैं कि पिण्ड का भार W = m.g होता है (जहां m वस्तु का द्रव्यमान तथा g गुरुत्वीय त्वरण है)। यदि ऊपर की तरफ प्रक्षेपित वस्तु का त्वरण गुरुत्वाकर्षण को संतुलित कर दे, तो-

W = m (g+g') = m. [g+ (-g)] = m.(0) = 0

24. पृथ्वी अपने कक्ष में लगभग 4400 किमी. प्रति घंटा की गति से घूमती है। इस तेज गति को हम अनुभव क्यों नहीं करते हैं? [U.P.P.C.S. (Mains) 2013]

Correct Answer: (b) अपने कक्ष में पृथ्वी की गति की अपेक्षा में हमारी गति शून्य है।
Solution:हम पृथ्वी की घूर्णन गति का अनुभव नहीं करते, क्योंकि अपने कक्ष में पृथ्वी की गति की अपेक्षा में हमारी गति शून्य है।

25. यदि पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल अचानक लुप्त हो जाता है, तो निम्न में से कौन-सा परिणाम सही होगा? [U.P. P.C.S. (Mains) 2012]

Correct Answer: (a) वस्तु का भार शून्य हो जाएगा, परंतु द्रव्यमान वही रहेगा
Solution:पृथ्वी की सतह के निकट किसी पिंड पर लगने वाला पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल यदि अचानक लुप्त हो जाए, तो वस्तु का भार शून्य हो जाएगा परंतु द्रव्यमान वही रहेगा।

26. पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा कर रहा कृत्रिम उपग्रह इसलिए पृथ्वी पर नीचे नहीं गिरता, क्योंकि पृथ्वी का आकर्षण- [I.A.S. (Pre) 2011]

Correct Answer: (d) उसकी गति के लिए आवश्यक त्वरण प्रदान करता है।
Solution:पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करते हुए कृत्रिम उपग्रह पर दो प्रकार के बल कार्य करते हैं। एक है- केंद्रीय बल और दूसरा-प्रक्षोभ बल। केंद्रीय बल गोलाकार पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल है, जिसके कारण उपग्रह अपनी गति के लिए आवश्यक अपकेंद्री त्वरण प्राप्त कर पृथ्वी की वृत्तीय अथवा दीर्घवृत्तीय कक्षा में परिक्रमा करता है और पृथ्वी पर नीचे नहीं गिरता । प्रक्षोभ बल के अंतर्गत वायुमंडलीय कर्षण, पृथ्वी की गोलाई में त्रुटि, चंद्र एवं सौर के गुरुत्वाकर्षण, खिंचाव, सौर विकिरण, दाब आदि से उत्पन्न बल आते हैं। इन बलों का योग यद्यपि कम है किंतु इनके कारण उपग्रह के पथ में विचलन आ जाता है। अधिक ऊंचाई वाली कक्षा (भूस्थिर कक्षा; 36,000 किमी. या अधिक) में स्थापित उपग्रह तो वायुमंडलीय कर्षण से अप्रभावित रहते हैं, परंतु निम्न कक्षा वाले उपग्रहों की कक्षीय त्रिज्या वायुमंडलीय कर्षण से प्रभावित होकर धीरे-धीरे कम होती जाती है और अंततः ऐसे उपग्रह पृथ्वी के सघन वायुमंडल में पहुंचकर भस्म हो जाते हैं।

27. अपने कक्ष में एक उपग्रह पृथ्वी के चक्कर लगाता रहता है। वह ऐसा निम्न में से किस कारण से करता है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2013]

Correct Answer: (b) केंद्राभिमुखी बल
Solution:उपग्रह अपने कक्ष में अभिकेंद्र बल के कारण पृथ्वी का चक्कर लगाता रहता है।

28. एक भू-उपग्रह अपने कक्ष में निरंतर गति करता है। यह अभिकेंद्र बल के प्रभाव से होता है, जो प्राप्त होता है- [U.P.P.C.S. (Pre) 2006]

Correct Answer: (b) पृथ्वी द्वारा उपग्रह पर लगने वाले गुरुत्वाकर्षण से
Solution:उपग्रह अपने कक्ष में अभिकेंद्र बल के कारण पृथ्वी का चक्कर लगाता रहता है।

29. प्रकृति के ज्ञात बलों को चार वर्गों में विभाजित किया जा सकता है. जैसे कि गुरुत्व, विद्युत चुंबकत्व, दुर्बल नाभिकीय बल और प्रबल नाभिकीय बल। उनके संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही नहीं है? [I.A.S. (Pre) 2013]

Correct Answer: (a) गुरुत्य, चारों में सबसे प्रबल है।
Solution:चार आधारभूत बलों में गुरुत्वीय बल सबसे क्षीण बल है, जबकि प्रबल नाभिकीय बल समस्त मूलभूत बलों में प्रबलतम है।

30. किसी लिफ्ट में बैठे हुए व्यक्ति को अपना भार कब अधिक मालूम पड़ेगा- [U.P. P.C.S. (Pre) 1990]

Correct Answer: (a) जब लिफ्ट त्वरित गति में ऊपर जा रही हो।
Solution:माना व्यक्ति का द्रव्यमान 'm' तथा भार 'W' है तथा लिफ्ट त्वरण 'a'

से ऊपर की ओर जा रही है। व्यक्ति पर लगने वाला बल-

1. गुरुत्व के कारण लगने वाला बल : mg

2. लिफ्ट द्वारा ऊपर की दिशा में प्रतिक्रिया : ma

न्यूटन के द्वितीय नियम के द्वारा-

W-mg = ma

W=m(g+a)

स्पष्ट है कि लिफ्ट द्वारा त्वरित गति से ऊपर की ओर जाने पर व्यक्ति को अपने भार W के बढ़ने का आभास होगा। इसके विपरीत लिफ्ट द्वारा नीचे की ओर गति करने से व्यक्ति को अपने भार में कमी का आभास

होगा, क्योंकि उस दशा में त्वरण (a) ऋणात्मक हो जाएगा।