Correct Answer: (a) घनाक्षरी
Solution:घनाक्षरी छन्द को मनहरण या कवित्व भी कहा जाता है यह वार्णिक समवृत्त छन्द है। इसमें 31 वर्ण होते हैं। 16-15 या 8- 8-8-7 वर्गों पर यति होती है और अन्तिम वर्ण गुरू होता है। तुक चारों चरणों में होती है।
जैसे - सहज विलास हास, पिय की हुलास तजि। (8+8=16) दुख के निवास प्रेम, पास पारियत है। (8+7=15)