मूल कर्तव्य

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21. भारत के संविधान में निम्नलिखित में से किस मौलिक कर्तव्य का उल्लेख सबसे पहले किया गया है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 16 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों और संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना
Solution:
  • यह मौलिक कर्तव्य अनुच्छेद 51A (a) में वर्णित है, जो मौलिक कर्तव्यों की सूची में सबसे पहला है।
  • भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम में (a से k तक) व्यवस्थित हैं।
  • संविधान का पालन करना
  • स्वतंत्रता के लिए महान आदर्शों को संजोना
  • भारत की संप्रभुता की रक्षा करना
  • देश की रक्षा करना
  • मौलिक कर्तव्यों का परिचय
    • मौलिक कर्तव्य भारतीय संविधान के भाग IV-A में अनुच्छेद 51A के अंतर्गत वर्णित हैं, जिन्हें 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया था।
    • मूल रूप से 10 कर्तव्य थे, जिनमें से पहला कर्तव्य संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान है
    • जो नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का आधार बनाता है। 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां कर्तव्य जोड़ा गया।​
  • पहला मौलिक कर्तव्य विस्तार से
    • यह कर्तव्य (51A(a)) नागरिकों को संविधान के आदर्शों जैसे न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का पालन करने तथा राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) और राष्ट्रगान ('वंदे मातरम' एवं 'जन गण मन') का सम्मान करने का निर्देश देता है।
    • इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक श्रेष्ठता को मजबूत करना है, जो स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर आधारित था।​
  • सभी मौलिक कर्तव्यों की क्रमबद्ध सूची
    • संविधान का पालन करना तथा उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करना।​
    • उन महान आदर्शों को संजोकर रखना और उनका पालन करना, जिन्होंने हमारे राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित किया।​
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना।​
    • देश की रक्षा करना तथा आह्वान किये जाने पर राष्ट्रीय सेवा करना।​
    • सभी लोगों के बीच सद्भाव और समान भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना; महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग।​
    • हमारी मिश्रित संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देना।​
    • प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करना।​
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना का विकास।​
    • सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और हिंसा का परित्याग।​
    • उत्कृष्टता की ओर प्रयास करना।​
    • 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अवसर देना (2002 में जोड़ा गया)।​

22. निम्नलिखित मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान में उनके उल्लेख के अनुसार क्रमबद्ध रूप से व्यवस्थित करें। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 16 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

  • A. संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों और संस्थानों का सम्मान करना।
  • B. भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना।
  • C. स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय संघर्ष को प्रेरित करने वाले महान आदर्शों को संजोना और उनका अनुसरण करना।
  • D. सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा का त्याग करना।
Correct Answer: (d) A, C, B, D
Solution:
  • उपर्युक्त विकल्पों के मौलिक कर्तव्यों की भारतीय संविधान में उनके उल्लेख के अनुसार, क्रमबद्ध रूप में व्यवस्था निम्नलिखित है, जो हैं-
  • अनुच्छेद 51A(a) संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों, संस्थानों, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना।
  • अनुच्छेद 51A(b) स्वतंत्रता हेतु हमारे राष्ट्रीय संघर्षों को प्रेरित करने वाले महान आदर्शों को संजोना और उनका अनुसरण करना।
  • अनुच्छेद 51A(c)- भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना।
  • अनुच्छेद 51A(i)- सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा का त्याग करना।
  • क्रमबद्ध सूची
  • नीचे मौलिक कर्तव्य उनके संवैधानिक क्रम के अनुसार दिए गए हैं:
    • संविधान का पालन करना तथा उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना।​
    • उन महान आदर्शों को संजोकर रखना और उनका पालन करना, जिन्होंने हमारे राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित किया।​
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना।​
    • देश की रक्षा करना तथा आह्वान किये जाने पर राष्ट्रीय सेवा करना।​
    • भारत के सभी लोगों के बीच धार्मिक, भाषाई, क्षेत्रीय या सांप्रदायिक भेदभाव से ऊपर उठकर सद्भाव और समान भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना
    • महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध अपमानजनक प्रथाओं का त्याग करना।​
    • हमारी मिश्रित संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देना और संरक्षित करना।​
    • वनों, झीलों, नदियों और वन्यजीव सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करना तथा जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और दया का भाव रखना।​
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद तथा जिज्ञासा और सुधार की भावना का विकास करना।​
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा का त्याग करना।​
    • व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयास करना ताकि राष्ट्र सभी क्षेत्रों में उच्च स्तर की उपलब्धि प्राप्त कर सके।​
    • 6 से 14 वर्ष के बालकों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना (यह 2002 में जोड़ा गया अंतिम कर्तव्य है)।​
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • ये कर्तव्य स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं, जो संविधान सभा के सदस्य सरदार स्वर्ण सिंह की अध्यक्षता में गठित हुई थी।
    • इन्हें जोड़ने का उद्देश्य नागरिकों को अधिकारों के साथ कर्तव्यों की याद दिलाना था, हालांकि ये कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं।
    • सर्वोच्च न्यायालय ने इन्हें मौलिक अधिकारों की व्याख्या में सहायक माना है।​
  • महत्व और आलोचना
    • ये कर्तव्य राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। आलोचना यह है
    • इनमें प्रवर्तन का कोई तंत्र नहीं है, फिर भी ये नीति निर्माण और न्यायिक निर्णयों में मार्गदर्शक हैं।

23. निम्नलिखित में से कौन-सा मौलिक कर्तव्य नहीं है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 16 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) कोऑपरेटिव सोसाइटी को बढ़ावा देना
Solution:
  • सहकारी समितियों (Cooperative Societies) को बढ़ावा देना एक मौलिक कर्तव्य नहीं है। इसे 97वें संवैधानिक संशोधन, 2011 द्वारा जोड़ा गया है:
  • भाग III (मौलिक अधिकार) में अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत एक मौलिक अधिकार के रूप में।
  • भाग IV (DPSP) में अनुच्छेद 43B के तहत एक राज्य नीति के रूप में।
  •  जो 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए थे और बाद में 86वें संशोधन (2002) से एक और जोड़ा गया, कुल 11 कर्तव्य हैं।
  • ये कर्तव्य नागरिकों पर नैतिक दायित्व लगाते हैं, जैसे संविधान का पालन, राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान, देश की एकता की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण आदि।​
  • मौलिक कर्तव्यों की पूरी सूची
    • संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों, संस्थानों, राष्ट्रीय ध्वज व राष्ट्रगान का सम्मान करना।​
    • स्वतंत्रता संग्राम के महान आदर्शों को संजोना और उनका पालन करना।​
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना।​
    • देश की रक्षा करना और बुलाए जाने पर राष्ट्रीय सेवा प्रदान करना।​
    • सभी लोगों के बीच सद्भाव और भाईचारे की भावना बढ़ाना, महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग।​
    • हमारी सांस्कृतिक विरासत के स्मारकों, स्थलों और वस्तुओं का संरक्षण।​
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना विकसित करना।​
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और हिंसा का परित्याग।​
    • पर्यावरण की रक्षा और उसके सुधार के लिए प्रयास।​
    • उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयास।​
    • 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अवसर देना (माता-पिता/अभिभावक का कर्तव्य)।​
  • गैर-मौलिक कर्तव्य के उदाहरण
    • प्रश्न में विकल्प न दिए होने से सामान्य रूप से कहा जाए तो "चुनाव में मतदान करना" या "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षण" मौलिक कर्तव्य नहीं हैं
    • ये क्रमशः नागरिक कर्तव्य या मौलिक अधिकार हैं। अनुच्छेद 49 (स्मारकों का संरक्षण) राज्य का नीति-निर्देशक सिद्धांत है
    • नागरिक का मौलिक कर्तव्य। "माता-पिता का पालन" भी स्पष्ट मौलिक कर्तव्य नहीं।​
  • महत्व और आलोचना
    • ये कर्तव्य नागरिकों को अधिकारों के साथ जिम्मेदारी सिखाते हैं, अदालतें इन्हें दिशानिर्देश मानती हैं
    • लेकिन इनमें दंड का प्रावधान नहीं। स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर जोड़े गए।

24. निम्नलिखित में से किस समिति ने पाया कि "मौलिक कर्तव्यों में जो कुछ निहित है वह अनिवार्य रूप से भारतीय जीवन शैली के अभिन्न कार्यों का एक संहिताकरण है"? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) वर्मा समिति
Solution:
  • वर्मा समिति (Justice J.S. Verma Committee, 1999) ने मौलिक कर्तव्यों के संचालन की समीक्षा की थी।
  • इस समिति ने पाया था कि "मौलिक कर्तव्यों में जो कुछ निहित है वह अनिवार्य रूप से भारतीय जीवन शैली के अभिन्न कार्यों का एक संहिताकरण है"।
  • इस समिति ने कुछ मौलिक कर्तव्यों को लागू करने के लिए कानूनी प्रावधानों की पहचान भी की थी।
  • स्वर्ण सिंह समिति ने यह निष्कर्ष निकाला कि मौलिक कर्तव्य भारतीय जीवन शैली के अभिन्न अंगों का संहिताकरण हैं।
  • यह समिति 1976 में गठित हुई थी, जिसकी अध्यक्षता सरदार स्वर्ण सिंह ने की, और इसका मुख्य उद्देश्य संविधान संशोधन के लिए सिफारिशें करना था
  • विशेष रूप से मौलिक कर्तव्यों को शामिल करने पर।​
  • समिति का गठन और पृष्ठभूमि
    • आपातकाल (1975-77) के दौरान कांग्रेस सरकार ने इस समिति का गठन किया ताकि संविधान में नागरिकों के कर्तव्यों को जोड़ा जाए
    • जो अधिकारों के साथ संतुलन बनाए। समिति ने 8 मौलिक कर्तव्यों की सिफारिश की, जिन्हें 42वें संशोधन (1976) द्वारा अनुच्छेद 51A में शामिल किया गया
    • बाद में 10 और फिर 11 हो गए। समिति ने कहा कि ये कर्तव्य भारतीय संस्कृति और मूल्यों का कोडिफिकेशन हैं
    • जैसे संविधान का सम्मान, राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण आदि।​
  • प्रमुख सिफारिशें
    • संविधान में भाग IV-A जोड़ना और कर्तव्यों पर नई अनुसूची (जो अस्वीकृत रही)।​
    • कर्तव्य उल्लंघन पर दंड का प्रावधान (जो नहीं अपनाया गया)।​
    • ये कर्तव्य रूस के संविधान से प्रेरित, लेकिन भारतीय संदर्भ में ढाले गए।​
  • बाद की समितियाँ
    • वर्मा समिति (1998) ने कर्तव्यों को लागू करने के उपाय सुझाए, जैसे शिक्षा में शामिल करना। जस्टिस जी.एन. राय समिति ने भी समीक्षा की।
    • ये कर्तव्य गैर-कानूनी हैं, लेकिन अदालतें इन्हें नीति-निर्माण में मार्गदर्शक मानती हैं।

25. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में यह उल्लेख है कि वैज्ञानिक सोच विकसित करना भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा ? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 51 A (h)
Solution:
  • भारतीय संविधान के मूल कर्तव्य के अनुच्छेद 51A के खंड (h) में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना विकसित करना
  • भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा का उल्लेख है।
  • ध्यातव्य है कि भारतीय संविधान में वर्तमान में कुल 11 मौलिक कर्तव्य हैं।
  • अनुच्छेद 51A का परिचय
    • भारतीय संविधान का भाग IV-A, अनुच्छेद 51A, मौलिक कर्तव्यों को परिभाषित करता है, जिसमें कुल 11 कर्तव्य शामिल हैं।
    • ये कर्तव्य 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़े गए थे, जो स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर लागू हुए।
    • अनुच्छेद 51A(h) विशेष रूप से वैज्ञानिक दृष्टिकोण (scientific temper) पर जोर देता है, जिसे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लोकप्रिय बनाया था।
    • यह कर्तव्य अंधविश्वासों से मुक्ति और तर्कसंगत सोच को बढ़ावा देने के लिए है।​
  • अनुच्छेद 51A(h) की सटीक व्याख्या
    • अनुच्छेद 51A(h) कहता है: "भारत का प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा—वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद तथा जिज्ञासा और सुधार की भावना का विकास करना।
    • यह न केवल व्यक्तिगत स्तर पर तार्किक सोच को प्रोत्साहित करता है, बल्कि समाज में नवाचार, प्रगति और अंधविश्वास-मुक्त संस्कृति को मजबूत करने का उद्देश्य रखता है।
    • नेहरूजी के विचारों से प्रेरित यह प्रावधान नागरिकों को पुराने मतों को नए प्रमाणों के आधार पर बदलने की हिम्मत सिखाता है।​
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • 42वां संशोधन इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लाया गया, जिसमें मौलिक अधिकारों के साथ कर्तव्यों का संतुलन जोड़ा गया।
    • यह संशोधन संविधान सभा की बहसों से आगे बढ़कर नागरिक जिम्मेदारियों को मजबूत करने का प्रयास था।
    • बाद में 86वें संशोधन द्वारा 11वां कर्तव्य जोड़ा गया, लेकिन वैज्ञानिक सोच 1976 से ही मौजूद है।​
  • महत्व और प्रासंगिकता
    • वैज्ञानिक सोच का कर्तव्य आधुनिक भारत के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वासों और गलत सूचनाओं से लड़ने में मदद करता है।
    • शिक्षा, मीडिया और नीतियों में इसका प्रचार राज्यपालों जैसे अधिकारियों द्वारा भी किया जाता है। हालांकि ये कर्तव्य गैर-न्यायसंगत हैं
    • (अदालतें इन्हें सीधे लागू नहीं कर सकतीं), फिर भी ये नैतिक बाध्यता बनाते हैं। आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं द्वारा इसका प्रसार महत्वपूर्ण है।​

26. निम्नलिखित में से किस मौलिक कर्तव्य का उल्लंघन तब होता है, जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी प्राचीन स्मारक को खराब करता है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) हमारी समृद्ध विरासत और समग्र संस्कृति को संरक्षित करना।
Solution:
  • किसी प्राचीन स्मारक को जानबूझकर खराब करना मौलिक कर्तव्य अनुच्छेद 51A (f) का उल्लंघन है
  • जो नागरिकों से हमारी मिश्रित संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देने और संरक्षित करने की अपेक्षा करता है।
  • प्राचीन स्मारक इस समृद्ध विरासत का अभिन्न अंग हैं।
  • अनुच्छेद 51A(i) का पूर्ण विवरण
    • अनुच्छेद 51A(i) भारतीय संविधान के भाग IV-A में शामिल है, जो 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए 11 मौलिक कर्तव्यों में से एक है।
    • यह प्रावधान नागरिकों को सार्वजनिक संपत्ति—जैसे प्राचीन स्मारक, राष्ट्रीय धरोहर, सरकारी भवन, सड़कें या पार्क—की सुरक्षा सुनिश्चित करने का नैतिक दायित्व सौंपता है।
    • जानबूझकर क्षति पहुंचाना, जैसे ग्रैफिटी करना, तोड़फोड़ या प्रदूषण फैलाना, इस कर्तव्य का सीधा उल्लंघन माना जाता है।
    • हालांकि ये कर्तव्य गैर-न्यायसंगत (non-justiciable) हैं, अर्थात अदालतें इन्हें सीधे लागू नहीं कर सकतीं, लेकिन ये कानूनों (जैसे प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम, 1958) के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से बाध्यकारी होते हैं।​
  • अन्य संबंधित कर्तव्यों से तुलना
    • मौलिक कर्तव्यों की सूची में अनुच्छेद 51A(g) पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है, लेकिन प्राचीन स्मारकों जैसी सांस्कृतिक संपदा का मामला विशेष रूप से 51A(i) के अंतर्गत आता है।
    • उदाहरणस्वरूप, ताजमहल या कोणार्क मंदिर को नुकसान पहुंचाना 51A(i) का उल्लंघन है, जबकि वन-वन्यजीव नुकसान 51A(g) से जुड़ सकता है।
    • सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान असामाजिक व्यवहार को रोकने के लिए चेतावनी का काम करता है, जैसा कि संविधान की भावना में वर्णित है।​
  • ऐतिहासिक संदर्भ और महत्व
    • ये कर्तव्य स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं, जो संविधान में अधिकारों के साथ कर्तव्यों का संतुलन लाने के लिए थे।
    • प्राचीन स्मारकों का संरक्षण राष्ट्रीय विरासत को मजबूत करता है, जो पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है।
    • उल्लंघन के मामले में, जैसे vandalism, IPC की धारा 425 (मिसचीफ) या विशेष कानून लागू होते हैं, जो मौलिक कर्तव्य को नैतिक आधार प्रदान करते हैं।
    • आधुनिक संदर्भ में, सोशल मीडिया पर ऐसे कृत्यों का प्रसार इन कर्तव्यों की प्रासंगिकता बढ़ाता है।​

27. भारत के संविधान के भाग IV-A में ....... अनुच्छेद शामिल है/हैं। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) एक
Solution:
  • भारत के संविधान के भाग IV-A में केवल एक ही अनुच्छेद शामिल है: अनुच्छेद 51A, जो मौलिक कर्तव्यों से संबंधित है।
  • भाग IV-A को 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था। यह भाग नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को परिभाषित करता है
  • जो देशभक्ति, एकता और नैतिक जिम्मेदारियों को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए हैं। अनुच्छेद 51A में कुल 11 कर्तव्य उल्लिखित हैं
  • जिनमें से 10 मूल रूप से 1976 में जोड़े गए और 11वां 86वें संशोधन द्वारा 2002 में शामिल किया गया।​
  • अनुच्छेद 51A के कर्तव्य
    • ये कर्तव्य भारतीय नागरिकों पर लागू होते हैं और संविधान के पालन से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक विस्तृत हैं।
    • संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों, संस्थानों, राष्ट्रीय ध्वज व गान का सम्मान करना।​
    • स्वतंत्रता संग्राम के महान आदर्शों को संजोना और उनका पालन करना।
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को असेंड करना।​
    • देश की रक्षा करना और राष्ट्र सेवा के आह्वान पर सेवा करना।
    • विविधताओं के बीच सामंजस्य बढ़ाना और महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार त्यागना।
    • समग्र संस्कृति की विरासत को संरक्षित करना।
    • प्राकृतिक पर्यावरण (वनों, झीलों, नदियों, वन्यजीव) की रक्षा और जीवों के प्रति दया रखना।​
    • वैज्ञानिक स्वभाव, मानवतावाद और सुधार की भावना विकसित करना।
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और हिंसा का त्याग करना।
    • उत्कृष्टता के लिए प्रयास करना ताकि राष्ट्र उच्च स्तर पर पहुंचे।
    • 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना (2002 में जोड़ा गया)।​
  • महत्व और विशेषताएं
    • ये कर्तव्य न्यायोचित हैं, अर्थात् अदालतें इनके उल्लंघन पर दंडित नहीं कर सकतीं, लेकिन ये नीति निर्देशक तत्वों के साथ संतुलन बनाते हैं।
    • स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर इन्हें जोड़ा गया ताकि नागरिक अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भाव जागृत हो।​

28. भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में यह उल्लेख किया गया है कि यह भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा कि वह संविधान का पालन करे और उस के आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) 51A (a)
Solution:
  • यह उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A के खंड (a) में किया गया है। यह मौलिक कर्तव्यों की सूची में पहला कर्तव्य है
  • जो राष्ट्र के मूल प्रतीकों और मूल्यों के प्रति सम्मान की आवश्यकता को स्थापित करता है।
  •  प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा कि वह संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे।
  • यह प्रावधान नागरिकों को संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठा सुनिश्चित करने के लिए जोड़ा गया।​
  • मौलिक कर्तव्यों का ऐतिहासिक संदर्भ
    • मौलिक कर्तव्य 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में शामिल किए गए थे।
    • इन्हें स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर आधारित किया गया, जो अमेरिकी संविधान के प्रेरणा से प्रभावित थी।
    • मूल रूप से 10 कर्तव्य थे, जिन्हें 11वें कर्तव्य के रूप में 86वें संशोधन (2002) द्वारा शिक्षा का कर्तव्य जोड़ा गया।​
  • अनुच्छेद 51A(a) का पूर्ण पाठ
    • अनुच्छेद 51A(a): "संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना।
    • यह कर्तव्य नागरिकों को संविधान के प्रति वफादारी का बोध कराता है, जो लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।
    • अदालतें इसे नीति-निर्देशक सिद्धांतों के साथ जोड़कर व्याख्या करती हैं।​
  • अन्य मौलिक कर्तव्य
    • संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा (51A(b))।
    • स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का पालन (51A(a) से जुड़ा)।
    • पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना।
    • ये कर्तव्य नैतिक बाध्यकारी हैं, कानूनी रूप से प्रवर्तनीय नहीं, लेकिन कानूनों (जैसे फ्लैग कोड) में परिलक्षित होते हैं।​
  • महत्व और कार्यान्वयन
    • ये कर्तव्य नागरिकों को अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां सौंपते हैं, जो सामाजिक सद्भाव बढ़ाते हैं। सरकार जागरूकता अभियान चलाती है
    • जैसे संविधान दिवस पर। सर्वोच्च न्यायालय ने इन्हें मौलिक अधिकारों की व्याख्या में उपयोग किया है।​

29. मौलिक कर्तव्यों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (III-पाली)]

 

  • सरदार स्वर्ण सिंह ने भारत के संविधान में मौलिक कर्तव्यों पर एक अध्याय शामिल करने की अनुशंसा की।
  • सहकारी समितियों को बढ़ावा देना एक मौलिक कर्तव्य है|
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A के तहत मौलिक कर्तव्यों से संबंधित सही कथन यह है कि ये कर्तव्य केवल नागरिकों पर लागू होते हैं
  • इन्हें 42वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया। ये नैतिक रूप से बाध्यकारी हैं, लेकिन कानूनी रूप से प्रवर्तनीय नहीं।​
  • मौलिक कर्तव्यों की संख्या
    • वर्तमान में अनुच्छेद 51A में कुल 11 मौलिक कर्तव्य सूचीबद्ध हैं। इन्हें 1976 के 42वें संशोधन द्वारा 10 कर्तव्यों के रूप में शामिल किया गया था
    • 2002 के 86वें संशोधन द्वारा 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का कर्तव्य जोड़ा गया। ये कर्तव्य भाग IV-A में हैं।​
  • प्रकृति और विशेषताएं
    • मौलिक कर्तव्य गैर-न्यायोचित हैं, अर्थात इन्हें अदालत में प्रवर्तित नहीं किया जा सकता।
    • ये नागरिकों को संविधान के प्रति जागरूकता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सद्भाव सिखाते हैं।
    • स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर आधारित ये प्रावधान अमेरिकी संविधान से प्रेरित हैं।​
  • सभी मौलिक कर्तव्य
    • संविधान का पालन और उसके आदर्शों, राष्ट्र ध्वज, राष्ट्रगान का सम्मान (a)।
    • स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का पालन (b)।
    • संप्रभुता, एकता की रक्षा (c); देश की रक्षा और सेवा (d)।
    • समरसता और भ्रातृत्व की भावना विकसित करना (e); पर्यावरण संरक्षण (f,g)।
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना (h); सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा (i); उत्कृष्टता के प्रयास (j); बच्चों को शिक्षा (k)।
    • ये कर्तव्य कानूनों जैसे पर्यावरण कानूनों में परिलक्षित होते हैं।​
  • महत्व और कार्यान्वयन
    • ये कर्तव्य मौलिक अधिकारों को संतुलित करते हैं और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा व्याख्या में उपयोग होते हैं। सरकार जागरूकता अभियान चलाती है।
Correct Answer: (c) केवल (I)
Solution:

(I) सही है: सरदार स्वर्ण सिंह समिति ने ही भारत के संविधान में मौलिक कर्तव्यों पर एक अध्याय (भाग IV-A) शामिल करने की अनुशंसा की थी।

(II) गलत है: जैसा कि प्रश्न 23 में बताया गया है, सहकारी समितियों को बढ़ावा देना एक मौलिक कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह DPSP (अनुच्छेद 43B) और मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(c)) का विषय है।

30. मौलिक कर्तव्य ....... पर लागू होते हैं। [C.P.O.S.I. (T-I) 10 नवंबर, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) नागरिकों
Solution:
  • मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties), जो अनुच्छेद 51A में निहित हैं, केवल भारत के नागरिकों (Citizens) पर लागू होते हैं
  • विदेशियों (Aliens), सरकार, राज्य या विधानमंडल पर। यह नागरिकों से राष्ट्र के प्रति उनके नैतिक दायित्वों को पूरा करने की अपेक्षा करते हैं।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • मौलिक कर्तव्यों का विचार रूस के संविधान से प्रेरित था और इन्हें संविधान के भाग IV-A में शामिल किया गया।
    • मूल रूप से 10 कर्तव्य जोड़े गए, जिनमें 2002 के 86वें संशोधन द्वारा 11वां कर्तव्य (6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा प्रदान करना) जोड़ा गया।
    • ये कर्तव्य गैर-न्यायसंगत हैं, अर्थात इन्हें अदालत द्वारा प्रत्यक्ष रूप से लागू नहीं किया जा सकता, लेकिन ये नैतिक दिशानिर्देश के रूप में कार्य करते हैं।​
  • सभी 11 मौलिक कर्तव्य
    • संविधान का पालन तथा उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना।​
    • स्वतंत्रता संग्राम के महान आदर्शों को संजोकर रखना और उनका पालन करना।​
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना।​
    • देश की रक्षा करना तथा राष्ट्रीय सेवा के लिए आह्वान पर सेवा करना।​
    • सभी लोगों में सद्भाव और समान भाईचारे की भावना बढ़ाना तथा महिलाओं के प्रति अपमानजनक प्रथाओं का त्याग।​
    • हमारी सांस्कृतिक विरासत के गौरव को संरक्षित करना।​
    • प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करना।​
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना विकसित करना।​
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा का परित्याग।​
    • सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता की ओर प्रयास करना।​
    • 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान करना।​
  • महत्व और आलोचना
    • ये कर्तव्य नागरिकों में देशभक्ति, एकता और नैतिकता को बढ़ावा देते हैं तथा असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध चेतावनी का कार्य करते हैं।
    • हालांकि, इनकी गैर-प्रवर्तनीयता की आलोचना होती है, फिर भी ये संविधान के मूल्यों को मजबूत बनाते हैं। वर्तमान में कुल 11 कर्तव्य हैं, जो राष्ट्र निर्माण में सहायक हैं।