मूल कर्तव्य

Total Questions: 49

41. भारत में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन मौलिक कर्तव्यों के संबंध में सही नहीं है? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) ग्राम पंचायत का गठन करना
Solution:
  • ग्राम पंचायत का गठन करना, अनुच्छेद 40 के तहत राज्य का नीति निदेशक तत्व है, जबकि देश की रक्षा करना, वैज्ञानिक सोच विकसित करना तथा समान भाईचारे को प्रोत्साहित करना अनुच्छेद 51A के तहत मौलिक कर्तव्य है।
  • जो 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए। ये कर्तव्य नागरिकों के नैतिक दायित्व हैं और इनकी कुल संख्या 11 है
  • जिसमें 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां कर्तव्य जोड़ा गया।​
  • गलत कथन की पहचान
    • प्रश्न में "निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है" कहा गया है, लेकिन विकल्प नहीं दिए गए; सामान्यतः ऐसे प्रश्नों में गलत कथन वे होते हैं
    • जो मौलिक कर्तव्यों को न्यायसंगत या अदालत में प्रवर्तनीय बताते हैं। मौलिक कर्तव्य गैर-न्यायोचित (non-justiciable) हैं
    • अर्थात् इनके उल्लंघन पर कोई सीधी कानूनी कार्रवाई या दंड नहीं लगाया जा सकता, जैसा कि नीति निर्देशक तत्वों के समान है।​
  • अन्य सामान्य गलत कथन
    • मौलिक कर्तव्य विदेशियों पर लागू होते हैं: यह गलत है, क्योंकि ये केवल भारतीय नागरिकों पर लागू होते हैं, जबकि कुछ मौलिक अधिकार विदेशियों को भी मिलते हैं।​
    • 43वें संशोधन द्वारा जोड़े गए: गलत, इन्हें 42वें संशोधन ने जोड़ा; 43वां संशोधन इन्हें हटाने से संबंधित था लेकिन असफल रहा।​
    • 78वें संशोधन द्वारा 11वां कर्तव्य जोड़ा गया: गलत, यह 86वें संशोधन (2002) द्वारा जोड़ा गया।​
    • ये स्वतः अनिवार्य और प्रवर्तनीय हैं: गलत, ये नैतिक हैं, कोई कार्यकारी आदेश या स्वतः प्रवर्तन नहीं।​
  • मौलिक कर्तव्यों की पूरी सूची
  • मौलिक कर्तव्य देशभक्ति, एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देते हैं:
    • संविधान का पालन, राष्ट्रीय ध्वज-गान का सम्मान।​
    • स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का पालन।
    • भारत की एकता-अखंडता की रक्षा।
    • राष्ट्रीय सेवा में योगदान।
    • पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना।
    • व्यक्तिगत उत्कृष्टता से सामाजिक परिवर्तन लाना (नोट: केवल व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित होना कर्तव्य नहीं)।​

42. एक पिता अपने नौजवान बेटे और उसके किशोर मित्रों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में बता रहा था। पिता किस अनुच्छेद में मौलिक कर्तव्य का प्रचार कर रहे थे? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) अनुच्छेद 51A (f)
Solution:
  • संविधान के अनुच्छेद 51A(f) के तहत भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है
  • वह हमारी सामासिक संस्कृति (Composite Culture) की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझे और उसका परिरक्षण करे।
  • अतः जब एक पिता अपने पुत्र और उसके मित्रों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में बताता है
  • तब वह अनुच्छेद 51A(f) के तहत मौलिक कर्तव्यों का प्रचार करता है।·
  • पिता अनुच्छेद 51A (f) में उल्लिखित मौलिक कर्तव्य को बढ़ावा दे रहे थे, जो भारत के सभी लोगों के बीच सद्भाव और समान भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है।
  • यह कर्तव्य विविधता में एकता के महत्व और भारत की विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करने और जश्न मनाने की आवश्यकता पर जोर देता है।
    Other Information
  • अनुच्छेद 51A (e) 
    •  इसमें धार्मिक, भाषाई और क्षेत्रीय या अनुभागीय विविधताओं से परे भारत के सभी लोगों के बीच सद्भाव और समान भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने और महिलाओं की
    • गरिमा के लिए अपमानजनक प्रथाओं को त्यागने के कर्तव्य का उल्लेख है।
  • अनुच्छेद 51A (d) 
    •  इसमें देश की रक्षा करने और ऐसा करने के लिए बुलाए जाने पर राष्ट्रीय सेवा प्रदान करने के कर्तव्य का उल्लेख है।
  •  अनुच्छेद 51A (c) 
    •  इसमें भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखने और उसकी रक्षा करने के कर्तव्य का उल्लेख है।
  • अनुच्छेद 51A(f) की पूरी व्याख्या
    • यह कर्तव्य कहता है: "हमारी समcomposite संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देना और संरक्षित करना।
    • भारत की संस्कृति विश्व की सबसे समृद्ध है, जिसमें वैदिक काल से चली आ रही परंपराएं, योग, आयुर्वेद, नृत्य रूप जैसे भरतनाट्यम और कथक, तथा त्योहार जैसे दीवाली, होली और ईद शामिल हैं।
    • पिता द्वारा युवाओं को इस बारे में बताना इसी कर्तव्य का प्रचार है, जो सांस्कृतिक निरंतरता सुनिश्चित करता है।​
  • अन्य संबंधित कर्तव्य
    • अनुच्छेद 51A(a): संविधान, ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान।​
    • अनुच्छेद 51A(e): सभी लोगों में सद्भाव और महिलाओं की गरिमा की रक्षा।​
    • अनुच्छेद 51A(g): पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण, जो सांस्कृतिक स्थलों से जुड़ा।​
    • ये कर्तव्य शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से लागू होते हैं, जैसे स्कूलों में पाठ्यक्रम।​
  • महत्व और कार्यान्वयन
    • यह कर्तव्य युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है, वैश्वीकरण के दौर में पश्चिमी प्रभाव से बचाता है।
    • सरकारें संविधान दिवस और अभियानों से इसका प्रचार करती हैं।
    • हालांकि ये कर्तव्य न्यायोचित नहीं हैं, लेकिन वे मौलिक अधिकारों के पूरक हैं।
    • पिता का कथा-शैली में वर्णन इसी जागरूकता का उदाहरण है।

43. स्कूल में क्रिसमस, ईद और होली का उत्सव बच्चों को मौलिक कर्तव्यों के बारे में भी सिखाने का एक उदाहरण है। निम्नलिखित में से कौन-सा मौलिक कर्तव्य इस प्रकार के आदर्शों की वकालत करता है? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) सद्भाव और आम भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना
Solution:
  • विभिन्न त्योहारों का उत्सव सद्भाव और आम भाईचारे (Harmony and common brotherhood) की भावना को बढ़ावा देता है
  • जो अनुच्छेद 51A (e) में वर्णित एक मौलिक कर्तव्य है। यह कर्तव्य धर्म, भाषा और क्षेत्र या वर्ग पर आधारित सभी भेदभावों से परे समरसता स्थापित करने पर बल देता है।
  • स्कूल में क्रिसमस, ईद और होली जैसे विविध धार्मिक त्योहारों का उत्सव मनाना बच्चों को भारत की समग्र संस्कृति की सराहना और संरक्षण का महत्व सिखाता है।
  • यह मौलिक कर्तव्य अनुच्छेद 51A(छ) से जुड़ा है, जो प्रत्येक नागरिक को "हमारी समग्र संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देना और उसका संरक्षण करना" का निर्देश देता है।​
  • अनुच्छेद 51A() का सार
    • भारतीय संविधान के भाग IV-ए में शामिल यह कर्तव्य 42वें संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया
    • जो देश की बहुलवादी सांस्कृतिक धरोहर—हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य परंपराओं को एक सूत्र में बांधने पर जोर देता है।
    • क्रिसमस (ईसाई), ईद (इस्लाम) और होली (हिंदू) का सामूहिक उत्सव सद्भाव बढ़ाता है, जो वैश्वीकरण के दौर में सांस्कृतिक एकीकरण का प्रतीक है।
    • यह कर्तव्य युवा पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ता है, जैसे दीये जलाना, इफ्तार साझा करना या कारोल गाना।​
  • संबंधित कर्तव्य और उनका योगदान
    • अनुच्छेद 51A(च): धार्मिक, भाषाई विविधताओं से परे सद्भाव और भाईचारा बढ़ाना, जो त्योहारों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से लागू होता है।​
    • अनुच्छेद 51A(ई): महिलाओं की गरिमा और अपमानजनक प्रथाओं का त्याग, जो उत्सवों में समान भागीदारी सुनिश्चित करता है।​
    • ये कर्तव्य स्कूल पाठ्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संविधान दिवस (26 नवंबर) के माध्यम से प्रचारित होते हैं।​
  • व्यावहारिक महत्व
    • स्कूलों में ऐसे उत्सव सांस्कृतिक संरक्षण को जीवंत बनाते हैं, जो यूनेस्को जैसी संस्थाओं द्वारा भी मान्यता प्राप्त भारत की अमूर्त विरासत (जैसे दिवाली, योग) को मजबूत करते हैं।
    • यह कर्तव्य नैतिक जागरूकता पैदा करता है, जहां बच्चे विविधता को ताकत मानते हैं
    • हालांकि न्यायोचित नहीं, ये अधिकारों के पूरक हैं और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देते हैं।

44. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51A ....... से लागू हुआ। [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) 3 जनवरी, 1977
Solution:
  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51A 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1976 के माध्यम से जोड़ा गया था।
  • यह संशोधन 3 जनवरी, 1977 को प्रभावी (लागू) हुआ था।
  • अनुच्छेद 51A का परिचय
    • यह अनुच्छेद संविधान के भाग IV-A में शामिल है और भारत के प्रत्येक नागरिक के 11 मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख करता है।
    • इन्हें स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर आधारित जोड़ा गया, ताकि नागरिकों के अधिकारों के साथ कर्तव्यों का संतुलन स्थापित हो।
    • ये कर्तव्य नैतिक बाध्यकारी हैं, कानूनी रूप से न्यायोचित नहीं, लेकिन अदालतें इन्हें व्याख्या में उपयोग करती हैं।​
  • लागू होने का इतिहास
    • अनुच्छेद 51A को 1976 में आपातकाल के दौरान 42वें संशोधन द्वारा संविधान में अंतःस्थापित किया गया।
    • यह 3 जनवरी 1977 को प्रभावी हुआ, जब अधिनियम की धारा 11 लागू की गई।
    • बाद में 86वें संशोधन (2002) द्वारा एक अतिरिक्त कर्तव्य जोड़ा गया: 6-14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा का अवसर देना।​
  • मौलिक कर्तव्यों की सूची
    • संविधान का पालन और उसके आदर्शों, राष्ट्र ध्वज, राष्ट्रगान का सम्मान।
    • स्वतंत्रता संग्राम के उच्च आदर्शों का पालन।
    • भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा।
    • देश की रक्षा और राष्ट्र सेवा।
    • सभी लोगों में समरसता और भ्रातृत्व की भावना।
    • महिलाओं के प्रति असम्मानजनक प्रथाओं का त्याग।
    • सामासिक संस्कृति का संरक्षण।
    • पर्यावरण, वन्यजीव और दया का संवर्धन।
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और सुधार की भावना।
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और हिंसा से दूर रहना।
    • उत्कृष्टता की ओर सतत प्रयास।​
  • महत्व और प्रवर्तन
    • ये कर्तव्य नागरिक जागरूकता बढ़ाते हैं और लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं। अदालतों ने इन्हें मौलिक अधिकारों की व्याख्या में उपयोग किया, जैसे पर्यावरण संरक्षण में।
    • सरकार ने कानूनों (जैसे राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम) के माध्यम से इन्हें लागू किया।​

45. मौलिक कर्तव्य के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) 43वें संविधान संशोधन द्वारा शामिल किया गया।
Solution:
  • यह कथन सही नहीं है। मौलिक कर्तव्यों को 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा शामिल किया गया था, न कि 43वें संशोधन द्वारा।
  • गलत कथन की पहचान
    • सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नों में निम्न कथनों में से चौथा गलत होता है: "ग्यारहवाँ मौलिक कर्तव्य 78वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था।
    • वास्तव में, यह 86वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया, जो 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अधिकार प्रदान करने से संबंधित है।
    • अन्य कथन जैसे कि मौलिक कर्तव्य स्वाभाविक रूप से अनिवार्य हैं, मौलिक अधिकारों के पूरक हैं, तथा अनुच्छेद 51A राष्ट्रीय चरित्र मजबूत करता है—ये सभी सही हैं।​
  • मौलिक कर्तव्यों की प्रकृति
    • मौलिक कर्तव्य गैर-न्यायिक हैं, अर्थात् इनका उल्लंघन करने पर कोई सीधी कानूनी सजा नहीं होती, लेकिन ये नैतिक बाध्यता बनाते हैं।
    • स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर इन्हें जोड़ा गया, जो रूसी संविधान से प्रेरित हैं
    • नागरिकों में अनुशासन व राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने का उद्देश्य रखते हैं।​
  • सभी 11 मौलिक कर्तव्य
    • संविधान का पालन करना और राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान का सम्मान।
    • स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का पालन।
    • भारत की संप्रभुता व अखंडता की रक्षा।
    • देश की रक्षा और राष्ट्र सेवा।
    • सभी को समान भ्रातृत्व की भावना।
    • समग्र संस्कृति का संरक्षण।
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना विकसित करना।
    • पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों का संरक्षण।
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा।
    • वैयक्तिक उत्कृष्टता का प्रयास।
    • 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा।​
  • महत्व आलोचना
    • ये कर्तव्य असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध चेतावनी का कार्य करते हैं तथा अधिकारों व कर्तव्यों का संतुलन बनाते हैं।
    • आलोचना यह है कि इन्हें लागू न किया जा सके तथा अस्पष्ट शब्दावली है, फिर भी ये राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं।

46. निम्नलिखित में से कौन-सी भारतीय संविधान में उल्लेखित मौलिक कर्तव्यों की एक विशेषता नहीं है? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) इनके उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई होती है।
Solution:
  • यह कथन मौलिक कर्तव्यों की विशेषता नहीं है। मौलिक कर्तव्य गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) होते हैं, जिसका अर्थ है
  • संविधान उन्हें सीधे लागू करने या उनके उल्लंघन पर सीधी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान नहीं करता है।
  • हालांकि, संसद कानून बनाकर उनके उल्लंघन के लिए दंड का प्रावधान कर सकती है।
  • मौलिक कर्तव्यों की प्रमुख विशेषताएँ
    • मौलिक कर्तव्य गैर-न्यायिक हैं, अर्थात् इनके उल्लंघन पर कोई सीधी सजा नहीं। ये केवल नागरिकों पर लागू होते हैं
    • राज्य पर नहीं। स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर जोड़े गए, राष्ट्रीय एकता और अनुशासन को बढ़ावा देते हैं।
    • अस्पष्ट भाषा वाली सूची, कोई कार्यान्वयन तंत्र नहीं।​
  • जो विशेषता नहीं है
    • मौलिक कर्तव्य न्यायोचित हैं और उल्लंघन पर दंडनीय" यह विशेषता सही नहीं। ये नैतिक बाध्यकारी हैं
    • कोर्ट द्वारा प्रवर्तनीय नहीं, जैसा कि कई निर्णयों में स्पष्ट। अन्य विशेषताएँ जैसे संक्षिप्त सूची, अधिकारों का पूरक—ये सही हैं।​
  • सभी 11 कर्तव्यों की सूची
    • संविधान, ध्वज, गान का सम्मान।
    • स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का पालन।
    • संप्रभुता-अखंडता की रक्षा।
    • राष्ट्र सेवा।
    • भ्रातृत्व और महिलाओं का सम्मान।
    • संस्कृति संरक्षण।
    • पर्यावरण-वन्यजीव रक्षा।
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण।
    • सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षा।
    • उत्कृष्टता का प्रयास।
    • बच्चों को शिक्षा।​
  • महत्व और सीमाएँ
    • ये अधिकार-कर्तव्य संतुलन बनाते हैं, लेकिन आलोचना अस्पष्टता और गैर-प्रवर्तनीयता पर। फिर भी, नीति निर्माण में उपयोगी।​

47. निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय संविधान में उल्लेखित एक मौलिक कर्तव्य नहीं है? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) सुधार लाना
Solution:
  • मानववाद का विकास करना, सद्भाव की भावना का विकास करना तथा ज्ञानार्जन की भावना का विकास करना
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A में उल्लेखित मौलिक कर्तव्य हैं, किंतु सुधार लाना का उल्लेख मौलिक कर्तव्य में नहीं है।
  • उपयोगकर्ता के प्रश्न में विकल्प स्पष्ट रूप से नहीं दिए गए हैं, लेकिन सामान्यतः इस प्रकार के प्रश्नों में "भारत के किसी भी भाग में निवास करना और बसना" या "करों का भुगतान करना" जैसे विकल्प आते हैं, जो मौलिक कर्तव्य नहीं हैं।​
  • मौलिक कर्तव्यों की पूर्ण सूची
    • भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य 42वें संशोधन (1976) द्वारा 10 जोड़े गए, और 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां। ये हैं:​
    • संविधान का पालन करना और राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान का सम्मान करना।
    • स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का सम्मान करना।
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना।
    • देश की रक्षा करना और राष्ट्रीय सेवा प्रदान करना।
    • सभी लोगों में सद्भाव और भाईचारे की भावना बढ़ाना, महिलाओं की गरिमा की रक्षा करना।
    • समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना।
    • पर्यावरण, वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना।
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और सुधार की भावना विकसित करना।
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा का त्याग करना।
    • उत्कृष्टता की ओर प्रयास करना।
    • 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अवसर देना।​
  • जो मौलिक कर्तव्य नहीं है
    • भारत के किसी भी भाग में निवास करना और बसना" मौलिक कर्तव्य नहीं है; यह मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19) से संबंधित है।
    • इसी प्रकार, "करों का भुगतान करना" भी मौलिक कर्तव्य की सूची में शामिल नहीं है, हालांकि यह नागरिक दायित्व है। ये कर्तव्य गैर-न्यायोचित हैं
    • अर्थात इन्हें अदालत में प्रत्यक्ष रूप से लागू नहीं किया जा सकता।​
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर ये कर्तव्य जोड़े गए, जो रूसी संविधान से प्रेरित हैं।
    • इनका उद्देश्य अधिकारों के साथ कर्तव्यों का संतुलन स्थापित करना है। वर्तमान में कुल 11 कर्तव्य हैं, जो केवल नागरिकों पर लागू होते हैं।​

48. निम्नलिखित में से कौन-सी भारतीय संविधान में उल्लेखित मौलिक कर्तव्यों की एक विशेषता है? [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) संविधान इन्हें सीधे लागू करने का प्रावधान नहीं करता है।
Solution:
  • यह मौलिक कर्तव्यों की एक प्रमुख विशेषता है। वे गैर-वादयोग्य (Non-justiciable) हैं, जिसका अर्थ है
  • संविधान न्यायालयों के माध्यम से इन्हें सीधे लागू करने का प्रावधान नहीं करता है। यह नागरिकों के नैतिक और नागरिक दायित्व हैं।
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A में वर्णित मौलिक कर्तव्यों की प्रमुख विशेषता यह है कि ये गैर-न्यायोचित (non-justiciable) हैं
  • अर्थात इनका उल्लंघन होने पर अदालत में सीधे मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। ये केवल नागरिकों पर लागू होते हैं
  • इनका उद्देश्य अधिकारों के साथ कर्तव्यों का संतुलन स्थापित करना है।​
  • मौलिक कर्तव्यों की मुख्य विशेषताएं
    • मौलिक कर्तव्य 42वें संशोधन (1976) द्वारा भाग IV-A में जोड़े गए, जिसमें 10 कर्तव्य थे, और 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां जोड़ा गया। ये विशेषताएं हैं:​
    • गैर-न्यायोचित प्रकृति: इन्हें अदालत द्वारा लागू नहीं किया जा सकता, लेकिन संविधान के अन्य भागों की व्याख्या में सहायक होते हैं।​
    • नागरिकों तक सीमित: केवल भारतीय नागरिकों पर बाध्यकारी, विदेशियों पर नहीं।​
    • सामाजिक-नैतिक दायित्व: पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता, वैज्ञानिक सोच जैसे नैतिक मूल्यों पर आधारित।​
    • संक्षिप्त और संतुलित: कुल 11 कर्तव्य, जो अधिकारों (भाग III) के पूरक हैं।​
  • ऐतिहासिक विकास और महत्व
    • स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर जोड़े गए ये कर्तव्य सोवियत संविधान से प्रेरित हैं। इनका महत्व राष्ट्रीय चेतना बढ़ाने में है
    • जैसे पर्यावरण रक्षा (51A(g)) या उत्कृष्टता का प्रयास (51A(j))। वर्तमान संदर्भ में, ये नीति निर्माण और शिक्षा में उपयोगी हैं, हालांकि आलोचना होती है कि ये अस्पष्ट हैं।​
  • अन्य सामान्य विशेषताएं
    • ये कर्तव्य संविधान के एकल अनुच्छेद (51A) में सूचीबद्ध हैं, जो संक्षिप्तता दर्शाता है।
    • इन्हें लागू करने के लिए 2003 का मौलिक कर्तव्य विधेयक प्रस्तावित हुआ, लेकिन पारित नहीं। कुल मिलाकर, ये लोकतंत्र में नागरिक जिम्मेदारी को मजबूत करते हैं।​

49. देश के नागरिकों को मौलिक कर्तव्य सिखाने के सुझावों को कार्यान्वित करने वाली समिति को ....... के नाम से जाना जाता है। [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) जे.एस. वर्मा समिति
Solution:
  • देश के नागरिकों को मौलिक कर्तव्य सिखाने और उनके कार्यान्वयन के लिए सुझाव देने वाली समिति जे.एस. वर्मा समिति (Justice J.S. Verma Committee) थी, जिसका गठन 1999 में किया गया था।
  • इस समिति ने मौलिक कर्तव्यों को लागू करने के लिए मौजूद कानूनी प्रावधानों की पहचान की थी और स्कूलों में शिक्षा के माध्यम से उन्हें बढ़ावा देने की वकालत की थी।
  • जेएस वर्मा समिति :-
    •  'देश के नागरिकों को मौलिक कर्तव्यों को सिखाने के लिए सुझावों को क्रियान्वित करने वाली समिति जेएस वर्मा समिति थी।
    •  इसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति जेएस वर्मा ने की थी और उन्हें 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा नियुक्त किया गया था।
    • समिति ने स्कूल पाठ्यक्रम, जन जागरूकता अभियान और सरकारी कार्यक्रमों सहित सभी उम्र के नागरिकों को मौलिक कर्तव्यों को कैसे सिखाया जाए इस पर कई सिफारिशें कीं।
    •  जेएस वर्मा समिति की रिपोर्ट ने अन्य मुद्दों पर भी कई सिफारिशें, जैसे पुलिस और आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार
    • महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मूल कारणों को संबोधित करना कीं।
    • इन सिफारिशों को पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है, लेकिन वे प्रासंगिक और महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।
      Other Information
  • एलपी सिंह समितिः-
    • यह 1978 में भारत सरकार द्वारा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) की भूमिका और कार्यप्रणाली की जांच करने के लिए नियुक्त एक समिति थी।
    •  समिति की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक एलपी सिंह ने की।
  • अभिजीत सेन समिति :-
    • यह कृषि वस्तुओं की कीमतों पर वायदा कारोबार के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए 2007 में भारत सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति थी।
    • समिति की अध्यक्षता प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और भारत के योजना आयोग के पूर्व सदस्य अभिजीत सेन ने की थी।
  • पॉल एप्पलबी समिति :-
    • यह भारतीय प्रशासनिक प्रणाली में सुधारों का अध्ययन करने और सिफारिश करने के लिए 1953 में भारत सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति थी।
    • समिति का नेतृत्व अमेरिकी लोक प्रशासन विशेषज्ञ पॉल एच. एप्पलबी ने किया था।
    • देश के नागरिकों को मौलिक कर्तव्यों को सिखाने के सुझावों को कार्यान्वित करने वाली समिति को जेएस वर्मा समिति के नाम से जाना जाता है।​
  • समिति का गठन
    • इस समिति का गठन 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा किया गया था। इसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति जेएस वर्मा ने की, जो पूर्व मुख्य न्यायाधीश थे।​
  • मुख्य सिफारिशें
    • समिति ने स्कूल पाठ्यक्रम में मौलिक कर्तव्यों को शामिल करने, जन जागरूकता अभियान चलाने और सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से सभी उम्र के नागरिकों को शिक्षित करने की सिफारिशें कीं।
    • ये सुझाव मौलिक कर्तव्यों को संविधान के अनुच्छेद 51A के तहत अधिक प्रभावी बनाने पर केंद्रित थे।​
  • अन्य संबंधित समितियां
    • स्वर्ण सिंह समिति (1976) ने मौलिक कर्तव्यों को संविधान में जोड़ने की सिफारिश की थी
    • लेकिन जेएस वर्मा समिति ने इन्हें सिखाने और लागू करने पर फोकस किया।