Correct Answer: (d) भारतीय संघ इसमें शामिल होने के लिए संप्रभु इकाइयों द्वारा एक समझौते का परिणाम था।
Solution:- यह कथन गलत है। भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है, जैसा कि अमेरिका जैसे परिसंघ (Federation) में होता है।
- सही अर्थ (डॉ. बी.आर. अंबेडकर के अनुसार):
- भारतीय संघ समझौते का परिणाम नहीं है (कथन (d) गलत है)।
- किसी भी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार नहीं है (कथन (b) सही है)।
- ‘राज्यों के संघ’ का सही अर्थ
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 में भारत को “राज्यों का संघ” कहा गया है, न कि “संघीय समझौते से बना संघ”।
- इसका अर्थ है कि संविधान ने ही राज्यों का सृजन किया है और उनका अस्तित्व संघ पर निर्भर है।
- भारत में राज्य संविधान द्वारा निर्मित इकाइयाँ हैं, न कि पहले से स्वतंत्र संप्रभु राज्य जिन्होंने किसी संधि पर हस्ताक्षर कर संघ बनाया हो।
- कौन‑सा कथन गलत क्यों है
- यह कहना कि “भारतीय संघ संप्रभु इकाइयों के आपसी समझौते का परिणाम है” वस्तुतः गलत है, क्योंकि न तो राज्यों को संघ से अलग होने का अधिकार है
- उनका संघ में सम्मिलन किसी संधि या कॉन्ट्रैक्ट पर आधारित है।
- भारत की संघीय व्यवस्था को अक्सर “क्वासी‑फेडरल” या “केन्द्राभिमुख (unitary with federal features)” कहा जाता है
- यहाँ अंतिम संप्रभुता भारतीय संघ (एकक राष्ट्र) में निहित है, न कि राज्यों के समूह में जो अलग‑अलग सार्वभौम हों।
- ‘राज्यों का संघ’ के मुख्य बिंदु
- संविधान के तहत संसद को राज्यों की सीमाओं, नाम और क्षेत्र में परिवर्तन का अधिकार है; यह भी दिखाता है कि राज्य संघ के अधीन हैं, उससे ऊपर नहीं।
- किसी भी राज्य को भारत से पृथक होने का अधिकार नहीं है, इसलिए भारत को “indestructible Union of destructible states” (अविनाशी संघ, परिवर्तनीय राज्य) के रूप में समझा जाता है, न कि “indestructible union of indestructible states” जैसा कि शुद्ध संघीय प्रणालियों में होता है।