सैंधव सभ्यता एवं संस्कृति (Part-1)

Total Questions: 50

41. रंगपुर जहां हड़प्पा की समकालीन सभ्यता थी, है- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1999]

Correct Answer: (c) सौराष्ट्र में
Solution:

रंगपुर (Rangpur), जहाँ हड़प्पा की समकालीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं, वर्तमान भारत के गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। यह स्थल गुजरात के अहमदाबाद जिले में भादर नदी के तट पर स्थित है। इसकी खुदाई 1931 में एम.एस. वत्स द्वारा और बाद में 1953-54 में एस.आर. राव द्वारा की गई थी। रंगपुर की सबसे खास बात यह है कि यहाँ से धान की भूसी (Rice Husk) के ढेर मिले हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि यहाँ के लोग चावल की खेती से परिचित थे। इसके अलावा, यहाँ से पत्थर के फलक (Blades) और मिट्टी के बर्तन भी प्राप्त हुए हैं। यह स्थल हड़प्पा सभ्यता के बाद के चरण (Post-Harappan phase) को भी दर्शाता है।

42. दधेरी एक परवर्ती हड़प्पीय पुरास्थल है- [U.P.P.C.S. (Mains) 2014]

Correct Answer: (b) पंजाब का
Solution:

दधेरी, जिसे कोटला दधेरी के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यंत महत्वपूर्ण परवर्ती हड़प्पीय (Late Harappan) पुरास्थल है। यह भारत के पंजाब राज्य में फतेहगढ़ साहिब जिले के गोविंदगढ़ के पास स्थित है। इस स्थल की खुदाई भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के प्रसिद्ध पुरातत्वविद् जे.पी. जोशी द्वारा कराई गई थी। दधेरी का ऐतिहासिक महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि यहाँ हड़प्पा सभ्यता के अंतिम चरण के अवशेषों के साथ-साथ चित्रित धूसर मृदभांड संस्कृति के साक्ष्य भी मिलते हैं।

43. सिंधु सभ्यता का कौन-सा स्थान भारत में स्थित है? [U.P.P.C.S. (Pre) 1995]

Correct Answer: (c) लोथल
Solution:सिंधु घाटी सभ्यता का विस्तार वर्तमान भारत के कई राज्यों में फैला हुआ था, जिनमें गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब प्रमुख हैं। गुजरात का लोथल अपने विशाल गोदीवाड़ा (Dockyard) के कारण व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था, जबकि राजस्थान का कालीबंगा अपनी कृषि पद्धतियों और अग्नि कुंडों के लिए प्रसिद्ध है। हालिया शोधों के अनुसार, हरियाणा का राखीगढ़ी क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत में स्थित इस सभ्यता का सबसे विशाल केंद्र बनकर उभरा है। कच्छ के रण में स्थित धोलावीरा को इसके अनूठे नगर नियोजन और जल संचयन तकनीकों के कारण यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में भी स्थान मिला है।
हड़प्पा और मोहनजोदड़ो पाकिस्तान में स्थित हैं।

44. वह हड़प्पीय नगर, जिसका प्रतिनिधित्व लोथल का पुरातत्व स्थल करता है, किस नदी पर स्थित था? [U.P. P.C.S. (Mains) 2012]

Correct Answer: (c) भोगवा
Solution:

लोथल का प्राचीन हड़प्पीय नगर गुजरात के भाल क्षेत्र में भोगवा नदी (Bhogawo River) के तट पर स्थित था। यह साबरमती नदी की एक सहायक नदी है जो खंभात की खाड़ी के पास बहती है। यह स्थल एक महत्वपूर्ण बंदरगाह और औद्योगिक केंद्र था जो लगभग 2400 ईसा पूर्व से 1600 ईसा पूर्व के बीच फला-फूला।

सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल और नदियां:
• हड़प्पा (पाकिस्तान): रावी नदी के तट पर।
• मोहनजोदड़ो (पाकिस्तान): सिंधु नदी के तट पर।
• चन्हुदड़ो (पाकिस्तान): सिंधु नदी के तट पर।
• कोटदीजी (पाकिस्तान): सिंधु नदी के तट पर।
• कालीबंगा (राजस्थान, भारत): प्राचीन घग्गर-सरस्वती नदी।
• बनावली (हरियाणा, भारत): रंगोई नदी।
• रोपड़ (पंजाब, भारत): सतलुज नदी।
• मांडा (जम्मू-कश्मीर, भारत): चिनाब नदी।
• आलमगीरपुर (उत्तर प्रदेश, भारत): हिंडन नदी।
• सुत्कागेंडोर (बलूचिस्तान): दाश्त नदी (तटीय)।
• रंगपुर (गुजरात): मादर नदी।

45. हड़प्पा सभ्यता स्थल लोथल, स्थित है- [U.P.P.C.S. (Mains) 2009 Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (a) गुजरात में
Solution:

सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल:
• हड़प्पा (पाकिस्तान)
• मोहनजोदड़ो (पाकिस्तान)
• चन्हुदड़ो (पाकिस्तान)
• कोटदीजी (पाकिस्तान)
• कालीबंगा (राजस्थान, भारत)
• लोथल (गुजरात, भारत)
• बनावली (हरियाणा, भारत)
• रोपड़ (पंजाब, भारत)
• मांडा (जम्मू-कश्मीर, भारत)
• आलमगीरपुर (उत्तर प्रदेश, भारत)
• सुत्कागेंडोर (बलूचिस्तान)
• रंगपुर (गुजरात)

46. सिंधु घाटी सभ्यता का पत्तन नगर था- [U.P.P.C.S. (Pre) 1999]

Correct Answer: (c) लोथल
Solution:

सिंधु घाटी सभ्यता का पत्तन नगर मुख्य रूप से लोथल (Lothal) था। यह वर्तमान भारत के गुजरात राज्य के अहमदाबाद जिले में भोगवा नदी के तट पर स्थित है। लोथल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका विशाल 'डॉकयार्ड' है, जो दुनिया का सबसे पुराना मानव निर्मित बंदरगाह माना जाता है। यहाँ से पश्चिमी एशिया (जैसे मेसोपोटामिया) के साथ समुद्री व्यापार होता था। इस स्थल की खुदाई 1954-55 में एस.आर. राव (S.R. Rao) के नेतृत्व में की गई थी। यहाँ से फारस की खाड़ी की मुहरें, चावल के अवशेष और हाथी दांत का पैमाना भी प्राप्त हुआ है।

47. निम्नलिखित में से कौन-सा एक हड़प्पा का बंदरगाह है? [53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011]

Correct Answer: (b) लोथल
Solution:

सिंधु घाटी सभ्यता के दौरान लोथल को 'पत्तन नगर' या 'बंदरगाह नगर' के रूप में पहचान मिली हुई थी। यह शहर वर्तमान गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित था और खंभात की खाड़ी के माध्यम से अरब सागर से जुड़ा हुआ था। लोथल का डॉकयार्ड उस समय की सबसे बड़ी जल-संरचनाओं में से एक था, जहाँ से सूती कपड़े, आभूषण और मसालों का निर्यात मेसोपोटामिया और मिस्र जैसी प्राचीन सभ्यताओं को किया जाता था। इसकी भौगोलिक स्थिति ने इसे पूरी सभ्यता का एक समृद्ध वाणिज्यिक प्रवेश द्वार बना दिया था।

48. सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या है? [63rd B.P.S.C (Pre.) 2017]

Correct Answer: (e) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
Solution:

सिंधु घाटी सभ्यता भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीनतम नगरीय सभ्यता थी। पक्की ईंटों से निर्मित इमारतें, सुनियोजित वास्तुकला, उन्नत व्यापार व वाणिज्य जैसी इस सभ्यता की प्रमुख विशेषताएं थीं। ध्यातव्य है कि मेसोपोटामिया एवं मिस्र आदि प्राचीन सभ्यताओं की भांति हड़प्पा सभ्यता में पूजा स्थलों के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिलते हैं। इसी प्रकार भारत में प्रथम असली मेहराब का उदाहरण बलबन के मकबरे में दिखता है। अतः विकल्प (e) सही उत्तर है।

49. निम्नलिखित में से किस सिंधु घाटी स्थल पर, हल की खोज संबंधित टेराकोटा की प्रतिकृति मिली ? [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2023]

Correct Answer: (d) (b & c)
Solution:

प्रश्नगत विकल्पों में, बनावली (हरियाणा) तथा कालीबंगन (राजस्थान) नामक सिंधु घाटी स्थल से हल की खोज से संबंधित टेराकोटा की प्रतिकृति प्राप्त हुई है। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अनुसार, कालीबंगन नामक स्थल के आरंभिक चरण से जुते हुए खेत के साथ-साथ टेराकोटा हल की प्राप्ति हुई है। इसके अतिरिक्त हरियाणा के फतेहाबाद जिले में अवस्थित बनावली नामक पुरास्थल से भी टेराकोटा हल की प्राप्ति हुई है।

50. निम्न में से किस हड़प्पाकालीन स्थल से 'हल' का टेराकोटा प्राप्त हुआ? [60th to 62nd B.P.S.C. (Pre) 2016]

Correct Answer: (e) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
Solution:

प्रश्नगत विकल्पों में, बनावली (हरियाणा) तथा कालीबंगन (राजस्थान) नामक सिंधु घाटी स्थल से हल की खोज से संबंधित टेराकोटा की प्रतिकृति प्राप्त हुई है। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अनुसार, कालीबंगन नामक स्थल के आरंभिक चरण से जुते हुए खेत के साथ-साथ टेराकोटा हल की प्राप्ति हुई है। इसके अतिरिक्त हरियाणा के फतेहाबाद जिले में अवस्थित बनावली नामक पुरास्थल से भी टेराकोटा हल की प्राप्ति हुई है।