B. हाइड्रोजन और उसके यौगिक

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11. भारी पानी यह पानी होता है- [41ˢᵗ B.P.S.C. (Pre) 1996]

Correct Answer: (c) जिसमें हाइड्रोजन का स्थान आइसोटोप ले लेता है।
Solution:भारी पानी (Heavy Water) वह पानी है जिसमें हाइड्रोजन का स्थान उसका आइसोटोप, ड्यूटीरियम (Deuterium), ले लेता है। सामान्य पानी का रासायनिक सूत्र होता है, जबकि भारी पानी का रासायनिक सूत्र होता है। ड्यूटीरियम हाइड्रोजन का ही एक समस्थानिक है, जिसका नाभिक एक प्रोटॉन और एक न्यूट्रॉन से मिलकर बना होता है (जबकि सामान्य हाइड्रोजन में केवल एक प्रोटॉन होता है)। इस अतिरिक्त न्यूट्रॉन के कारण ड्यूटीरियम का परमाणु भार सामान्य हाइड्रोजन से लगभग दोगुना होता है, जिससे का अणुभार से अधिक हो जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से परमाणु रिएक्टरों में न्यूट्रॉन मंदक के रूप में किया जाता है, ताकि नाभिकीय विखंडन की श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित किया जा सके।

12. 'हैवी वॉटर' में- [U.P.P.C.S.(Mains) 2007]

Correct Answer: (b) हाइड्रोजन के स्थान पर ड्यूटीरियम (Deuterium) होता है।
Solution:हैवी वॉटर' या भारी पानी में हाइड्रोजन के स्थान पर ड्यूटीरियम (Deuterium) होता है। सामान्य पानी () में हाइड्रोजन के दो परमाणु और ऑक्सीजन का एक परमाणु होता है। लेकिन भारी पानी () में, हाइड्रोजन के इन परमाणुओं की जगह हाइड्रोजन के ही एक समस्थानिक, ड्यूटीरियम, के दो परमाणु होते हैं। ड्यूटीरियम को 'भारी हाइड्रोजन' भी कहा जाता है क्योंकि इसके नाभिक में सामान्य हाइड्रोजन की तुलना में एक अतिरिक्त न्यूट्रॉन होता है। इस वजह से, भारी पानी का आणविक भार सामान्य पानी से ज्यादा होता है। यह पानी नाभिकीय रिएक्टरों में न्यूट्रॉन को धीमा करने (मंदक के रूप में) और कूलेंट के रूप में इस्तेमाल होता है।

13. निम्नलिखित में से किसने भारी पानी की खोज की? [I.A.S. (Pre) 2008]

Correct Answer: (b) एच.सी. उरे
Solution:भारी पानी की खोज एच.सी. उरे (Harold C. Urey) ने 1931 में की थी। इस महत्वपूर्ण खोज के लिए उन्हें 1934 में रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार भी मिला था। उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आइसोटोपिक पृथक्करण (Isotopic Separation) की विधि का उपयोग करके भारी पानी को सामान्य पानी से अलग किया। उरे ने यह भी सिद्ध किया कि हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक होते हैं- प्रोटियम (सामान्य हाइड्रोजन), ड्यूटीरियम (भारी हाइड्रोजन), और ट्रिटियम (अति-भारी हाइड्रोजन)। उनकी इस खोज ने नाभिकीय भौतिकी और रसायन विज्ञान के क्षेत्र में एक नई दिशा दी।

14. भारी पानी का अणुभार होता है- [U.P. Lower Sub. (Mains) 2015]

Correct Answer: (b) 20
Solution:भारी पानी का रासायनिक सूत्र होता है। इसका अणुभार (molecular weight) 20 होता है। इसकी गणना इस प्रकार की जाती है:

ड्यूटीरियम (D) का परमाणु भार लगभग 2 होता है।
ऑक्सीजन (O) का परमाणु भार लगभग 16 होता है।
इसलिए, का अणुभार = (2 × ड्यूटीरियम का परमाणु भार) + (1 × ऑक्सीजन का परमाणु भार) =
इसकी तुलना में, सामान्य पानी () का अणुभार 18 होता है, क्योंकि हाइड्रोजन (H) का परमाणु भार लगभग 1 होता है।

15. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- [I.A.S. (Pre) 2000]

कठोर जल उपयुक्त नहीं है-

1. पीने के लिए

2. साबुन से कपड़े धोने के लिए

3. बॉयलर्स में प्रयोग के लिए

4. फसल की सिंचाई के लिए

इनमें से कौन-कौन से कथन सही है?

Correct Answer: (d) 1. 2, 3 और 4
Solution:कठोर जल (Hard Water) में कैल्शियम और मैग्नीशियम के घुले हुए लवण (जैसे कार्बोनेट, सल्फेट, क्लोराइड) मौजूद होते हैं। यह जल इन सभी उद्देश्यों के लिए उपयुक्त नहीं है:

पीने के लिए: इसमें मौजूद खनिज स्वास्थ्य के लिए कुछ हद तक फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में ये पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं और इसका स्वाद भी अच्छा नहीं होता।

साबुन से कपड़े धोने के लिए: कठोर जल साबुन के साथ झाग नहीं बनाता, क्योंकि कैल्शियम और मैग्नीशियम आयन साबुन के साथ मिलकर अघुलनशील अवक्षेप (precipitate) बनाते हैं। इससे कपड़े ठीक से साफ नहीं होते और साबुन की बर्बादी होती है।

बॉयलर्स में प्रयोग के लिए: गर्म करने पर, कठोर जल में मौजूद लवण बॉयलर की दीवारों पर जम जाते हैं, जिसे 'पपड़ी' (scaling) कहते हैं। यह पपड़ी ऊष्मा स्थानांतरण को कम करती है, जिससे बॉयलर की दक्षता घटती है और उसके फटने का खतरा बढ़ जाता है।

फसल की सिंचाई के लिए: कुछ हद तक कठोर जल सिंचाई के लिए ठीक हो सकता है, लेकिन अत्यधिक कठोर जल मिट्टी की संरचना को बदल सकता है और पौधों की वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

16. पानी की स्थायी कठोरता के लिए निम्न में से कौन उत्तरदायी है? [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2005, 40ᵗʰ B.P.S.C. (Pre) 1995]

Correct Answer: (a) कैल्शियम और मैग्नीशियम के क्लोराइड्स व सल्फेट्स
Solution:पानी की स्थायी कठोरता (Permanent Hardness) के लिए मुख्य रूप से कैल्शियम और मैग्नीशियम के क्लोराइड्स व सल्फेट्स उत्तरदायी होते हैं। इस प्रकार की कठोरता को उबालकर दूर नहीं किया जा सकता। पानी की अस्थायी कठोरता (Temporary Hardness) कैल्शियम और मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट के कारण होती है, जिसे पानी को उबालकर दूर किया जा सकता है। स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए विशेष रासायनिक विधियों का उपयोग किया जाता है, जैसे कि सोडियम कार्बोनेट (Washing Soda) मिलाकर या आयन विनिमय (Ion Exchange) प्रक्रिया का उपयोग करके।

17. जल के लिए pH मान होता है- [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2005]

Correct Answer: (b) लगभग 7
Solution:शुद्ध जल के लिए pH मान लगभग 7 होता है। pH (पोटेंशियल ऑफ हाइड्रोजन) एक माप है जो किसी घोल की अम्लता (acidity) या क्षारीयता (alkalinity) को दर्शाता है।

जब pH मान 7 से कम होता है, तो घोल अम्लीय होता है।
जब pH मान 7 से अधिक होता है, तो घोल क्षारीय होता है।
जब pH मान ठीक 7 होता है, तो घोल उदासीन (neutral) होता है।

चूंकि शुद्ध जल में  और  आयनों की सांद्रता बराबर होती है, इसलिए यह उदासीन होता है और इसका pH मान 7 होता है। यह प्राकृतिक जल स्रोतों जैसे नदी या समुद्र के पानी के लिए थोड़ा भिन्न हो सकता है, क्योंकि उनमें कई अन्य पदार्थ घुले होते हैं।

18. पानी का pH मान है- [66th B.P.S.C. (Pre) (Re. Exam) 2020 B.P.S.C. (Pre) 2019]

Correct Answer: (b) 7
Solution:शुद्ध पानी का pH मान 7 होता है। pH (Potential of Hydrogen) स्केल 0 से 14 तक होता है और यह किसी भी घोल की अम्लता या क्षारीयता का माप होता है। 7 का pH मान उदासीन (neutral) माना जाता है, जिसका अर्थ है कि यह न तो अम्लीय है और न ही क्षारीय। उदाहरण के लिए, नींबू का रस अम्लीय होता है (pH लगभग 2-3), जबकि बेकिंग सोडा का घोल क्षारीय होता है (pH लगभग 9)। शुद्ध पानी में हाइड्रोजन आयन () और हाइड्रॉक्साइड आयन () की सांद्रता बराबर होती है, जिससे यह उदासीन रहता है।

19. पानी का शुद्धतम रूप क्या है- [M.P. P.C.S. (Pre) 2000]

Correct Answer: (c) वर्षा का पानी
Solution:पानी का सबसे शुद्धतम रूप वर्षा का पानी है। जब पानी वाष्पित होकर बादल बनाता है और फिर बारिश के रूप में गिरता है, तो यह आसवन (distillation) की प्राकृतिक प्रक्रिया से गुजरता है। इस प्रक्रिया में, अशुद्धियाँ और खनिज पीछे रह जाते हैं, और पानी अपने शुद्धतम रूप में नीचे आता है। हालाँकि, वायुमंडल में मौजूद प्रदूषकों के कारण वर्षा जल थोड़ा अम्लीय हो सकता है। आसवित जल (Distilled water) भी पानी का एक बहुत शुद्ध रूप है, जिसे प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से आसवन की प्रक्रिया से बनाया जाता है, जिसमें पानी को उबालकर भाप बनाया जाता है और फिर उसे ठंडा करके तरल रूप में एकत्र किया जाता है।

20. पानी आयनिक लवण का सुविलायक है, क्योंकि- [I.A.S. (Pre) 1994]

Correct Answer: (b) उसका द्विध्रुव आघूर्ण अधिक है।
Solution:पानी आयनिक लवण का एक उत्कृष्ट विलायक (solvent) है, क्योंकि उसका द्विध्रुव आघूर्ण (dipole moment) अधिक होता है। पानी का अणु () एक 'V' आकार का होता है, जिसमें ऑक्सीजन परमाणु पर आंशिक नकारात्मक चार्ज और हाइड्रोजन परमाणुओं पर आंशिक सकारात्मक चार्ज होता है। इस ध्रुवीयता (polarity) के कारण पानी के अणु द्विध्रुव की तरह व्यवहार करते हैं। जब कोई आयनिक लवण (जैसे NaCl) पानी में घोला जाता है, तो पानी के द्विध्रुव अणु लवण के सकारात्मक और नकारात्मक आयनों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं और उन्हें अलग कर देते हैं, जिससे लवण पानी में घुल जाता है। यह उच्च द्विध्रुव आघूर्ण ही पानी को एक सार्वभौमिक विलायक (universal solvent) बनाता है।