D. अम्ल, क्षार तथा लवण

Total Questions: 51

1. एंटासिड होते हैं- [Chattishgarh P.C.S. (Pre) Exam. 2016]

Correct Answer: (a) भस्म
Solution:एंटासिड (Antacids) भस्म (बेस) होते हैं। इनका उपयोग पेट में अतिरिक्त अम्ल को उदासीन (neutralize) करने के लिए किया जाता है, जो अपच या सीने में जलन का कारण बन सकता है। एंटासिड में मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट, मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, या एल्यूमीनियम हाइड्रॉक्साइड जैसे क्षारीय यौगिक होते हैं जो पेट के अम्ल (हाइड्रोक्लोरिक एसिड) के साथ प्रतिक्रिया करके उसे निष्क्रिय कर देते हैं।

2. स्वर्णकारों द्वारा प्रयोग में आने वाला एक्यारेजिया निम्नलिखित को मिलाकर बनाया जाता है- [U.P.P.C.S. (Mains) 2014]

Correct Answer: (b) नाइट्रिक अम्ल तथा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
Solution:अम्लराज या एक्वारेजिया या नाइट्रो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCI) का मिश्रण है। यह अत्यंत संक्षारक अम्ल है। इसे अम्लराज या एक्वारेजिया नाम इसलिए दिया गया क्योंकि यह स्वर्ण और प्लैटिनम आदि नोबल धातुओं को भी गला देता है। इसका उपयोग स्वर्णकारों द्वारा आभूषणों को बनाते समय किया जाता है।

3. पी.एच. एक मूल्यांक दर्शाता है- [M.P.P.C.S. (Pre) 1996]

Correct Answer: (b) किसी घोल के अम्लीय या क्षारीय होने का मूल्यांक
Solution:पी.एच. (pH) एक मूल्यांक है जो किसी घोल के अम्लीय या क्षारीय होने का मूल्यांक दर्शाता है। pH स्केल 0 से 14 तक होता है।

pH मान 7 से कम होने पर घोल अम्लीय होता है।
pH मान 7 होने पर घोल उदासीन (neutral) होता है।
pH मान 7 से अधिक होने पर घोल क्षारीय होता है।

यह घोल में हाइड्रोजन आयनों () की सांद्रता को मापने का एक तरीका है।

4. एक घोल का pH, 3 से 6 तक बदलता है। इसमें H⁺ आयन की सांद्रता - [66th B.P.S.C. (Pre) 2020]

Correct Answer: (d) 1000 गुना कम हो जाएगी
Solution:जब किसी घोल का pH 3 से 6 तक बदलता है, तो इसमें आयन की सांद्रता 1000 गुना कम हो जाएगी। pH स्केल लॉगरिदमिक होता है, जिसका अर्थ है कि pH में 1 की वृद्धि का मतलब आयन की सांद्रता में 10 गुना की कमी।
  • pH 3 से pH 4 तक: सांद्रता गुना कम हुई।
  • pH 4 से pH 5 तक: सांद्रता गुना कम हुई।
  • pH 5 से pH 6 तक: सांद्रता गुना कम हुई।

इसलिए, pH 3 से pH 6 तक बदलने पर कुल सांद्रता गुना कम हो जाएगी।

5. निम्न में से किसका pH मान 7 है? [B.P.S.C. (Pre) 2018]

Correct Answer: (e) उपर्युक्त में से एक से अधिक
Solution:pH मान 7 शुद्ध पानी और उदासीन विलयन दोनों का होता है। इसलिए, सही उत्तर उपर्युक्त में से एक से अधिक होगा। pH 7 पर कोई भी विलयन न तो अम्लीय होता है और न ही क्षारीय। शुद्ध पानी एक उदासीन विलयन है, इसलिए इसका pH मान 7 होता है।

6. निम्नलिखित में से किस विलयन के pH का मान 7 से अधिक है? [67th B.P.S.C. (Pre) 2022]

Correct Answer: (b) क्षारीय विलयन
Solution:जिस विलयन के pH का मान 7 से अधिक होता है, वह क्षारीय विलयन कहलाता है। क्षारीय विलयन में हाइड्रोक्सिल आयनों () की सांद्रता हाइड्रोजन आयनों () की सांद्रता से अधिक होती है। उदाहरण के लिए, बेकिंग सोडा, अमोनिया और साबुन के घोल क्षारीय होते हैं।

7. एक विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, विलयन का pH है [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2014]

Correct Answer: (e) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Solution:एक विलयन जो लाल लिटमस को नीला कर देता है, वह क्षारीय होता है। क्षारीय विलयन का pH मान 7 से अधिक होता है। दिए गए विकल्पों में से, कोई भी मान 7 से अधिक नहीं है, इसलिए सही विकल्प उपर्युक्त में से कोई नहीं है। यदि विकल्प में 7 से अधिक का कोई मान होता, तो वह सही होता।

8. निम्नलिखित में से कौन-से एक अम्लीय विलयन का संभव pH मान है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2018]

Correct Answer: (a) 6
Solution:अम्लीय विलयन का pH मान 7 से कम होता है। दिए गए विकल्पों में से, केवल 6 का मान 7 से कम है। इसलिए, यह एक अम्लीय विलयन का संभव pH मान है। उदाहरण के लिए, नींबू का रस और सिरका अम्लीय होते हैं और उनका pH मान 7 से कम होता है।

9. रसायन उद्योग में कौन-सा तेजाब मूल रासायनिक माना जाता है? [43rd B.P.S.C. (Pre) 1999]

Correct Answer: (c) H₂SO₄
Solution:रसायन उद्योग में सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) को 'मूल रासायनिक' (king of chemicals) माना जाता है। इसका कारण यह है कि इसका उपयोग व्यापक रूप से अन्य कई रसायनों, जैसे उर्वरक, डिटर्जेंट, रंग, प्लास्टिक और बैटरियों के उत्पादन में होता है। इसकी उच्च मांग और विभिन्न औद्योगिक प्रक्रियाओं में इसकी भूमिका के कारण इसे यह उपाधि दी गई है।

10. निम्नलिखित में से किसकी मात्रा अम्ल वर्षा में सबसे अधिक होती है। [B.P.S.C. (Pre) Exam, 2016]

Correct Answer: (c) H₂SO₄
Solution:अम्ल वर्षा (Acid Rain) में सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) की मात्रा सबसे अधिक होती है। अम्ल वर्षा तब होती है जब वायुमंडल में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड () और नाइट्रोजन ऑक्साइड () जैसी गैसें जल वाष्प के साथ मिलकर सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं। इनमें से, सल्फ्यूरिक अम्ल की मात्रा सामान्यतः अधिक होती है, जिससे वर्षा का pH मान कम हो जाता है।