मूल कर्तव्य

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11. 11वां मौलिक कर्तव्य ....... आयु वर्ग के बच्चों के लिए शिक्षा के अवसर प्रदान करता है। [MTS (T-I) 08 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) 6-14
Solution:
  • 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा कुल 10 मौलिक कर्तव्यों को संविधान में शामिल किया गया था।
  • 11वां मौलिक कर्तव्य [51A(k)] 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा संविधान में जोड़ा गया।
  • इसके तहत 6 से 14 वर्ष तक के आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान किया गया है।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • यह कर्तव्य 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा जोड़ा गया था
    • जिसने मौलिक कर्तव्यों की मूल सूची (जो 42वें संशोधन 1976 से 10 थी) को बढ़ाकर 11 कर दिया।
    • इसी संशोधन ने भाग III में अनुच्छेद 21A जोड़कर 6-14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बना दिया।
    • यह प्रावधान शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार मानते हुए नागरिकों की जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।​​
  • कर्तव्य का पूर्ण विवरण
    • अनुच्छेद 51A(k) स्पष्ट रूप से कहता है कि जो कोई भी माता-पिता या अभिभावक है
    • वह अपने बच्चे या प्रतिपाल्य को, जो 6 से 14 वर्ष की आयु का हो, शिक्षा के अवसर प्रदान करेगा।
    • इसका अर्थ है कि अभिभावकों को न केवल स्कूल भेजने बल्कि शिक्षा प्राप्ति सुनिश्चित करने की बाध्यता है
    • जिसमें नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा शामिल है। यह कर्तव्य गैर-न्यायोचित है
    • यानी अदालतें इसके उल्लंघन पर सीधे दंड नहीं दे सकतीं, लेकिन यह नीति निर्माण और कानूनों (जैसे RTE अधिनियम 2009) का आधार बनता है।​​
  • संबंधित कानून और प्रभाव
    • इस कर्तव्य को लागू करने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 पारित हुआ, जो 6-14 वर्ष के हर बच्चे को निःशुल्क प्रारंभिक शिक्षा का अधिकार देता है
    • राज्य को इसका दायित्व सौंपता है। अधिनियम 'अनिवार्य शिक्षा' को परिभाषित करता है, जिसमें प्रवेश, उपस्थिति और शिक्षा पूर्ण करने की गारंटी शामिल है
    • कोई फीस या व्यय बच्चे पर नहीं लगाया जा सकता। इससे बाल श्रम और ड्रॉपआउट दर कम हुई
    • वंचित वर्गों (जैसे SC/ST, लड़कियां) के लिए 25% आरक्षण सुनिश्चित हुआ।​
  • महत्व और चुनौतियां
    • यह कर्तव्य शिक्षा को मौलिक अधिकार, मार्गदर्शक सिद्धांत (अनुच्छेद 45) और कर्तव्य तीनों से जोड़ता है
    • जिससे राष्ट्र का समग्र विकास सुनिश्चित होता है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी, बुनियादी ढांचे की कमी और जागरूकता अभाव चुनौतियां बनी हुई हैं।
    • सरकार की योजनाएं जैसे सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और समग्र शिक्षा अब इसे मजबूत कर रही हैं।

12. निम्नलिखित में से कौन-सा मौलिक कर्तव्यों के अंतर्गत नहीं आता है? [MTS (T-I) 01 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) कर का भुगतान करना
Solution:
  • कर (Tax) का भुगतान करना भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्यों के अंतर्गत नहीं आता है।
  • जबकि यह एक महत्वपूर्ण कानूनी और नागरिक दायित्व है, यह अनुच्छेद 51A में सूचीबद्ध 11 कर्तव्यों में शामिल नहीं है।
  • अन्य विकल्प (राष्ट्रगान का सम्मान, सद्भाव को बढ़ावा देना, और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना) मौलिक कर्तव्य हैं।
  • जो 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए थे। ये कर्तव्य गैर-न्यायोचित हैं
  • अर्थात् इनका उल्लंघन होने पर अदालत में सीधे मुकदमा नहीं चलाया जा सकता, लेकिन ये नागरिकों को राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियों की याद दिलाते हैं।​
  • मौलिक कर्तव्यों की पूरी सूची
  • मौलिक कर्तव्य निम्नलिखित हैं:
    • संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज तथा राष्ट्रगान का सम्मान करना।​
    • स्वतंत्रता संग्राम के उन महान आदर्शों को संजोना और उनका पालन करना, जिनसे प्रेरित होकर हमारा राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम चला।​
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लेना।​
    • देश की रक्षा करना और राष्ट्रीय सेवा के लिए बुलाए जाने पर उसका निर्वहन करना।​
    • भारत के सभी लोगों के बीच धर्म, भाषा, क्षेत्र और वर्ग आदि के भेदभाव से ऊपर उठकर भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना तथा महिलाओं के प्रति अपमानजनक प्रथाओं का त्याग करना।​
    • हमारी समग्र संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझना और उसका संरक्षण करना।​
    • प्राकृतिक पर्यावरण की, जिसमें वन, झील, नदी, वन्यजीव, पौधे और प्रजातियाँ शामिल हैं, रक्षा और सुधार करना तथा उसके प्रति करुणा विकसित करना।​
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करना।​
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना तथा हिंसा का परित्याग करना।​
    • व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने का संकल्प लेकर राष्ट्र को सर्वोच्च स्तर पर पहुँचाने में योगदान देना।​
    • 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान करना (86वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया)।​
  • क्या मौलिक कर्तव्य के अंतर्गत नहीं आता
    • प्रश्न में विकल्प न दिए जाने के बावजूद, सामान्यतः ऐसे प्रश्नों में "करों का भुगतान करना
    • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षण" मौलिक कर्तव्यों के अंतर्गत नहीं आते।
    • करों का भुगतान नागरिकों का नैतिक दायित्व है, लेकिन यह अनुच्छेद 51A में शामिल नहीं।
    • इसी प्रकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मूल अधिकार (अनुच्छेद 19) का हिस्सा है, न कि कर्तव्य। ये मौलिक अधिकारों से भिन्न हैं, जो न्यायोचित हैं।​
  • महत्व और पृष्ठभूमि
    • स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर ये कर्तव्य जोड़े गए, जो सोवियत संघ के संविधान से प्रेरित हैं।
    • ये कर्तव्यों का उद्देश्य नागरिकों को अधिकारों के साथ कर्तव्यों का संतुलन सिखाना है, जैसे पर्यावरण संरक्षण या सांस्कृतिक विरासत की रक्षा।
    • इन्हें अदालतें नीतियों निर्माण में उपयोग करती हैं।

13. मौलिक कर्तव्यों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रगान के सम्मान से संबंधित है? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) अनुच्छेद 51A (a)
Solution:
  • संविधान के अनुच्छेद 51A(a) के अंतर्गत, भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह संविधान का पालन करें
  • उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे। अतः अनुच्छेद 51A(a) राष्ट्रगान के सम्मान से संबंधित मौलिक कर्तव्य है।
  • अनुच्छेद 51A(a) का विस्तृत प्रावधान
    • अनुच्छेद 51A(a) स्पष्ट रूप से कहता है कि भारत का प्रत्येक नागरिक संविधान का पालन करेगा तथा उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करेगा।
    • यह कर्तव्य 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया था, जब स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर मौलिक कर्तव्यों को भाग IVA में शामिल किया गया।
    • इसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और संवैधानिक मूल्यों की भावना जगाना है।​
  • अन्य उप-अनुच्छेदों से अंतर
    • अनुच्छेद 51A(b): स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को संजोना।​
    • अनुच्छेद 51A(c): भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा।​
    • अनुच्छेद 51A(d): देश की रक्षा और राष्ट्रीय सेवा।​
    • राष्ट्रगान का सम्मान केवल 51A(a) में ही उल्लिखित है, जो गैर-न्यायोचित है लेकिन अदालतें इसे नीति निर्माण में उपयोग करती हैं।​
  • कानूनी महत्व और दंड
    • राष्ट्रगान के अपमान पर रोकथाम ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 लागू होता है, जिसमें 3 वर्ष तक कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
    • सर्वोच्च न्यायालय ने बिजो एम्मानुएल केस (1986) में खड़े न होने को अपराध नहीं माना, लेकिन सम्मान का कर्तव्य दोहराया।
    • राष्ट्रगान बजते समय सावधान मुद्रा में खड़े रहना आचार संहिता का हिस्सा है।​
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • राष्ट्रगान 'वंदे मातरम' नहीं, बल्कि रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित 'जन गण मन' है, जिसे 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान घोषित किया गया।
    • मौलिक कर्तव्य सोवियत संविधान से प्रेरित हैं, जो अधिकारों के साथ कर्तव्यों का संतुलन बनाते हैं। यह प्रावधान नागरिकों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है।

14. निम्नलिखित में से किसे 1976 में भारत के संविधान में जोड़ा गया था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 21 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) मौलिक कर्तव्य
Solution:
  • मौलिक कर्तव्य को 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भारतीय संविधान में जोड़ा गया था
  • इस संशोधन ने संविधान में एक नया भाग, भाग IV-A, जोड़ा जिसमें केवल एक अनुच्छेद, अनुच्छेद 51A, शामिल है, जिसमें 10 मौलिक कर्तव्य शामिल किए गए थे।
  • देवा की समग्र सारकृति को समृद्ध विरासत का मूल्य और संरक्षण करना
  • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा का त्याग करना
  • भारत की साभूता, एकता और अखंडता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना
  • संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों और संस्थानों राष्ट्रीय ध्वज और राएगान का सम्मान करना
  • Other Information
  • मौलिक अधिकार
    • भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त छह मौलिक अधिकार।
    • संविधान के भाग-III (अनुच्छेद 12 - 35) के तहत प्रत्येक नागरिक को 6 मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं।
    • संविधान द्वारा मूल रूप से कुल सात अधिकार प्रदान किए गए थे।
    • 44वाँ संशोधन (1978 ई.) संपत्ति के अधिकार को हटा दिया और इसे एक विधिक अधिकार (300.4) बना दिया।
    • मौलिक अधिकार सभी नागरिकों के प्राकृतिक अधिकारों की सुरक्षा करते हैं और इसे अमेरिका के संविधान से लिया गया था।
  • DPSP - गांधीवादी सिद्धांत
    • वे सिद्धांत गांधीवादी विचारधारा पर आधारित है जिनका उपयोग राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान गांधी द्वारा घोषित पुनर्निर्माण कार्यक्रम का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया   जाता है। विभिन्न अनुच्छेदों के तहत, वे राज्य को निर्देशित करते हैं
    • अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों का आयोजन करना और उन्हें आवश्यक शक्तियां और अधिकार प्रदान करना ताकि वे स्वस्शन की इकाइयों के रूप में कार्य कर सके
    • अनुच्छेद 43 ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत या सहकारी आधार पर कुटीर उद्योगों को बढ़ाया चेना
    • अनुच्छेद 438 सप्कारी समितियों के स्वेच्छिक गठन स्काप्त कार्यप्रणाली, लोकताविक नियेऋण और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ा देना
    • अनुच्छेद 46 अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के पेक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देना और उन्हें सामाजिक अन्याय और शोषण से बचाना
    • अनुच्छेद 47 उन मंदिर और ड्रग्स के रोजन की प्रतिबंधित करना जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
    • अनुच्छेद 48 पापा, चखड़ी और अन्य दुधारू और भारवाहक पशुओं के वध को प्रतिबंधित करना और उनकी नरलों में सुधार करना।
  • DPSP - समाजवादी सिद्धांत
    • ये व सिद्धांत हैं जिनका उद्यम सामाजिक और आर्थिक न्याय प्रदान करना और कल्याणकारी राज्य की ओर मार्ग परुरुस्त करना है।
    • अनुच्छेद 38 न्याय सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक के माध्यम से एक सामाजिक व्यवस्था सुनिश्चित करके लोगों के कल्याण को बढ़ावा देना और आए स्थिति,  सुविधाओं और अवसरों में असमानताओं को कम करना।
    • अनुच्छेद 39 नागरिकों को सुरधित करना; सभी नागरिकों के लिए आजीविका के पर्याप्त साधनों का अधिकार
    • अनुच्छेद 394 गरीबों को समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना
    • अनुच्छेद 41 बेरोज़गारी, वृद्धावस्था, बीमारी और विकलांगता के मामलों में, नागरिकों को सुरक्षित करना कार्य करने का अधिकार, शिक्षा का अधिकार सार्वजनिक          सहायता का अधिकार।
    • अनुच्छेद 42 कार्य की उचित और मानवीय परिस्थितियों और मातृत्व राहत का प्रावधान करना।
    • अनुच्छेद 43 सभी श्रमिकों के लिए जीवन निर्वाह मजदूरी जीवन का एक अच्छा स्तर और सामाजिक और सांस्कृतिक अवसर सुनिश्चित करना।
    • अनुच्छेद 43A उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाना।
    • अनुच्छेद 47 पोषण के उत्तर और लोगों के जीवन स्तर की ऊंचा उठाना और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करना।
  • DPSP - उदार-बौद्धिक सिद्धांत
    • अनुच्छेद 44 पूरे देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करना
    • अनुच्छेद 45 खर वर्ष की आयु पूरी करने तक सभी बच्चों के लिए प्रारंभिक बाल देखभाल और शिक्षा प्रदान करना
    • अनुच्छेद 48 आधुनिक और वैज्ञानिक तर्ज पर कृषि और पशुपालन का आयोजन करना
    • अनुच्छेद 4BA पर्यावरण की रक्षा और सुधार करना और वनों और वन्य जीवन की रक्षा करना
    • अनुच्छेद 49 कलात्मक या ऐतिहासिक महत्व के स्मारक, धानों और वस्तुओं की रक्षा करना जिके राष्ट्रीय महत्व घोषित किया गाया है
    • अनुच्छेद 50 राज्य की लोक सेवाओं में न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करना
    • अनुच्छेद 51 अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना और राष्ट्रों के बीच न्यापरांगत और सम्मानजनक संबंध बनाए स्याना

15. भारत के संविधान के अनुच्छेद 51A के किस खंड में हमारी मिश्रित संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देने और संरक्षित करने की आवश्यकता का उल्लेख है? [Phase-XI 30 जून, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) खंड f
Solution:
  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 51A के खंड (f) में हमारी मिश्रित संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देने और संरक्षित करने की आवश्यकता का उल्लेख है।
  • यह नागरिकों से देश की विविध और बहुलवादी संस्कृति का सम्मान करने का आग्रह करता है।
  • अनुच्छेद 51A संविधान के भाग IV-ए में स्थित है, जो भारतीय नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का विवरण देता है।
  • इन कर्तव्यों को 1975-771 की आंतरिक आपातकाल अवधि के दौरान 1976 के 42वें संशोधन अधिनियम द्वारा पेश किया गया था।
  • 2002 के 86वें संशोधन अधिनियम द्वारा एक अतिरिक्त कर्तव्य जोड़ा गया, जिससे यह कुल 11 मौलिक कर्तव्य बन गये।
  • मौलिक कर्तव्य नैतिक दायित्व हैं और कानून द्वारा लागू करने योग्य नहीं हैं।
  • वे केवल भारत के नागरिकों पर लागू होते हैं और विदेशियों पर लागू नहीं होते हैं।
    Other Information
  • खण्ड (a)
  •  प्रत्येक भारतीय को संविधान का पालन करना चाहिए और राष्ट्रीय ध्वज, गान और संस्थानों का सम्मान करना चाहिए।
  •  यह खंड भारत के संवैधानिक ढांचे और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने पर जोर देता है।"
  •  खण्ड (c)
  • यह खंड प्रत्येक नागरिक को भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखने और उसकी रक्षा करने के लिए बाध्य करता है।
  • विविध पृष्ठभूमियों के बावजूद देश की स्वतंत्रता और एकता को बनाए रखना नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
  •  खण्ड (d)
  • यह नागरिकों को देश की रक्षा करने और ऐसा करने के लिए बुलाए जाने पर राष्ट्रीय सेवा प्रदान करने का आदेश देता है।
  •  विविध पृष्ठभूमियों के बावजूद देश की स्वतंत्रता और एकता को बनाए रखना नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

16. निम्नलिखित में से कौन-सा मौलिक कर्तव्य नहीं है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) समय पर आयकर का भुगतान करना
Solution:
  • समय पर आयकर का भुगतान करना एक कानूनी दायित्व है, न कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A के अंतर्गत एक मौलिक कर्तव्य।
  • हालांकि यह एक अच्छा नागरिक व्यवहार है, यह 11 मौलिक कर्तव्यों की सूची में शामिल नहीं है। अन्य सभी विकल्प मौलिक कर्तव्य हैं।
  •  प्रश्न में विकल्प स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन सामान्यतः
    • ऐसे प्रश्नों में "राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों का संरक्षण" (अनुच्छेद 49 से संबंधित राज्य नीति निर्देशक सिद्धांत) को मौलिक कर्तव्य नहीं माना जाता।​
  • मौलिक कर्तव्यों की सूची
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A में निम्नलिखित 11 मौलिक कर्तव्य हैं:​
    • संविधान का पालन करना और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना।
    • स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को जीना।
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना।
    • देश की रक्षा करना और राष्ट्रीय सेवा प्रदान करना।
    • सभी लोगों में सद्भाव और भाईचारे की भावना बढ़ाना; महिलाओं के प्रति अपमानजनक प्रथाओं का त्याग।
    • हमारी समग्र संस्कृति की समृद्धि का संरक्षण।
    • प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार।
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना विकसित करना।
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और हिंसा का परित्याग।
    • उत्कृष्टता की ओर प्रयास करना।
    • 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा प्रदान करना।​
  • गैर-मौलिक कर्तव्य उदाहरण
    • अनुच्छेद 49 राज्य को राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों, स्थानों और वस्तुओं के संरक्षण की बाध्यता देता है, जो मौलिक अधिकार नहीं बल्कि नीति निर्देशक सिद्धांत है।
    • इसी प्रकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षण मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19) है, न कि कर्तव्य। ये मौलिक कर्तव्यों में शामिल नहीं हैं
    • क्योंकि कर्तव्य नागरिकों पर लागू होते हैं जबकि ये राज्य नीतियां हैं।​
  • महत्व और विशेषताएं
    • मौलिक कर्तव्य गैर-न्यायोचित हैं, अर्थात इन्हें अदालत द्वारा लागू नहीं किया जा सकता।
    • इन्हें रूसी संविधान से प्रेरणा मिली और स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया।
    • ये नागरिकों को अधिकारों के साथ कर्तव्यों का संतुलन सिखाते हैं।​

17. भारत के संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद यह परिभाषित करता है कि मौलिक कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों के लिए है, न कि विदेशियों के लिए? [Phase-XI 27 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) अनुच्छेद 51 A
Solution:
  • भारत के संविधान का अनुच्छेद 51A ही वह अनुच्छेद है जो मौलिक कर्तव्यों को परिभाषित करता है, और इसका शीर्षक स्पष्ट रूप से "मौलिक कर्तव्य" है।
  • मौलिक कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों के लिए हैं, न कि विदेशियों के लिए, जबकि मौलिक अधिकार नागरिकों और विदेशियों दोनों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं (कुछ अपवादों के साथ)।
  • अनुच्छेद 51A का परिचय
    • जिनका शीर्षक ही "प्रत्येक भारतीय नागरिक का मौलिक कर्तव्य" है, जो विदेशियों को बाहर रखता है।
    • संविधान निर्माताओं ने इसे नागरिकों की जिम्मेदारियों के रूप में डिजाइन किया, जबकि मौलिक अधिकार (भाग III) कुछ मामलों में विदेशियों को भी उपलब्ध हैं, जैसे अनुच्छेद 14 और 21।​
  • मौलिक कर्तव्यों की सूची
    • ये कर्तव्य राष्ट्र की एकता, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित हैं:
    • संविधान का पालन और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान।​
    • स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का पालन।
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा।​
    • देश की रक्षा और राष्ट्रीय सेवा।
    • भाईचारा बढ़ाना, महिलाओं की गरिमा संरक्षित करना।
    • संस्कृति की विरासत संरक्षण।
    • पर्यावरण और वन्यजीवों की रक्षा।
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना।
    • सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा।
    • उत्कृष्टता की ओर प्रयास।
    • 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा।​
  • विदेशियों पर लागू होने का आधार
    • अनुच्छेद 51A की भाषा "भारतीय नागरिक" तक सीमित है, जबकि मौलिक अधिकार जैसे अनुच्छेद 19 केवल नागरिकों के लिए हैं
    • लेकिन अनुच्छेद 21 सभी पर लागू। सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट किया कि कर्तव्य नागरिकों-केंद्रित हैं
    • क्योंकि विदेशी संप्रभुता की रक्षा जैसे कर्तव्य नहीं निभा सकते। कोई अलग अनुच्छेद विदेशियों को बाहर करने की परिभाषा नहीं देता; यह 51A की अंतर्निहित प्रकृति से आता है।​

18. निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय नागरिकों के लिए एक मौलिक कर्तव्य नहीं है? [Phase-XI 30 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) दार्शनिक स्वभाव और जिज्ञासा की भावना विकसित करना
Solution:
  • यह विकल्प मौलक कर्तव्यों की सूची में शामिल नहीं है। मौलिक कर्तव्य अनुच्छेद 51A (h) के तहत "वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करना" की बात करता है
  • जिसमें "दार्शनिक स्वभाव (Philosophical Temper)" का उल्लेख सीधे तौर पर नहीं है। अन्य सभी विकल्प मौलिक कर्तव्य हैं।
  • जो 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए। ये कर्तव्य नागरिकों को नैतिक दायित्व बताते हैं, हालांकि इनका उल्लंघन करने पर कोई सीधा दंड नहीं है।​
  • मौलिक कर्तव्यों की सूची
    • भारतीय संविधान में निम्नलिखित 11 मौलिक कर्तव्य शामिल हैं:
    • संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज व राष्ट्रगान का सम्मान करना।​
    • स्वतंत्रता संग्राम के उच्च आदर्शों को संजोना और उनका पालन करना।
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना।​
    • देश की रक्षा करना और आवश्यकता पर राष्ट्रीय सेवा प्रदान करना।
    • सभी लोगों के बीच सद्भावना और भाईचारे को बढ़ावा देना तथा महिलाओं के प्रति अपमानजनक प्रथाओं का त्याग करना।​
    • हमारी समग्र संस्कृति की समृद्ध विरासत को संरक्षित करना।
    • प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करना, वन्यजीवों और वन्यजीव स्थलों को बचाना।​
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना विकसित करना।
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा का परित्याग करना।
    • उत्कृष्टता की ओर प्रयास करना ताकि राष्ट्र उच्च स्तर पर पहुंचे।
    • 86वें संशोधन (2002) द्वारा जोड़ा गया: 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अवसर देना।​
  • कौन-सा मौलिक कर्तव्य नहीं है?
    • प्रश्न अधूरा लगता है क्योंकि विकल्प नहीं दिए गए, लेकिन सामान्यतः "भारत के किसी भी भाग में निवास करना और बसना" एक मौलिक कर्तव्य नहीं है।
    • यह मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19) से संबंधित है, न कि कर्तव्य से। अन्य उदाहरण जैसे "सार्वजनिक चुनाव में मतदान करना
    • मौलिक कर्तव्य की सूची में नहीं है हालांकि यह नागरिक कर्तव्य माना जाता है।​
  • महत्व और पृष्ठभूमि
    • मौलिक कर्तव्य स्वामीशरण सिंह समिति की सिफारिश पर जोड़े गए, जो अमेरिकी संविधान से प्रेरित हैं। ये नागरिकों को अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां सिखाते हैं
    • लेकिन न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं। वर्तमान में इन्हें कानूनों (जैसे पर्यावरण संरक्षण अधिनियम) के माध्यम से लागू किया जाता है।

19. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प पर्यावरण और वन्य जीवन से संबंधित 7वें मौलिक कर्तव्य का उल्लंघन है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) वन्यजीव जानवरों की तस्करी
Solution:
  • सातवां मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A (g)) प्राकृतिक पर्यावरण, जिसके अंतर्गत वन, झील, नदी और वन्यजीव हैं
  • रक्षा और संवर्द्धन करने तथा प्राणी मात्र के प्रति दया भाव रखने से संबंधित है।
  • इसलिए, वन्यजीव जानवरों की तस्करी इस मौलिक कर्तव्य का सीधा और गंभीर उल्लंघन है।
  • अवध वन्यजीव व्यापार से संरक्षित प्रजातियों का शोषण और खतरा होता है, जिससे जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
    वन्यजीव तस्करी का मुकाबला करने के प्रयासों को भारत में विभिन्न कानूनों द्वारा समर्थित किया जाता है
  • जैसे कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972, जिसका उद्देश्य पशु प्रजातियों और उनके आवासों की रक्षा करना है।
    Other Information
  •  वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972:
    • यह अधिनियम भारत की पारिस्थितिक और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जंगली जानवरों, पक्षियों और पौधों की सुरक्षा का प्रावधान करता है।
    • इसमें संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना, शिकार के नियमन और उल्लंघन के लिए दंड के प्रावधान शामिल हैं।
    • संकटग्रस्त प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन (CITES):
    • भारत CITES का हस्ताक्षरकर्ता है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जंगली जानवरों और पौधों के नमूनों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार उनके अस्तित्व को खतरे में न डाले।
  • जैव विविधता:
    • जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन की विविधता को संदर्भित करती है, जिसमें प्रजातियों की विविधता, पारिस्थितिक तंत्र और प्रजातियों के भीतर आनुवंशिक विविधता शामिल है।
    • पारिस्थितिक तंत्र की स्थिरता, मानव जीवन और ग्रह के समग्र स्वास्थ्य के लिए जैव विविधता का संरक्षण महत्वपूर्ण है।
  • पर्यावरणीय प्रभाव:
    • अवैध वन्यजीव व्यापार से प्रजातियों का विलुप्त होना, पारिस्थितिक तंत्र में व्यवधान और जैव विविधता के नुकसान का परिणाम हो सकता है।
    • इसके व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी हैं, जिसमें बीमारियों के संभावित प्रसार और वन्यजीव पर्यटन पर निर्भर समुदायों के आजीविका के नुकसान शामिल हैं।

20. निम्नलिखित में से कौन-सा मौलिक कर्तव्यों के अंतर्गत नहीं आता है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) निर्वाह-मजदूरी को सुरक्षित करना
Solution:
  • निर्वाह-मजदूरी (Living Wage) को सुरक्षित करना भारतीय संविधान के भाग IV (राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत - DPSP) के तहत अनुच्छेद 43 का विषय है
  •  मौलिक कर्तव्यों (Fundamental Duties) का। DPSP राज्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं। अन्य तीनों विकल्प (a, b, और c) मौलिक कर्तव्य हैं।
  • भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य अनुच्छेद 51A के अंतर्गत वर्णित हैं, जो 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए।
  • ये 11 कर्तव्य नागरिकों को संविधान का पालन करने, राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे दायित्व निभाने का निर्देश देते हैं।​
  • मौलिक कर्तव्यों की पूरी सूची
  • संविधान के अनुच्छेद 51A में निम्नलिखित 11 मौलिक कर्तव्य शामिल हैं:
    • संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज तथा राष्ट्रगान का सम्मान करना।​
    • स्वतंत्रता संग्राम के उन महान आदर्शों को संजोना और उनका पालन करना जिनसे प्रेरित होकर हमारा राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम चला।​
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखने का दृढ़ संकल्प रखना।​
    • देश की रक्षा करना और राष्ट्रीय सेवा के लिए राष्ट्र की आह्वान पर उसकी सेवा करना।​
    • भारत के सभी लोगों के बीच धर्म, भाषा, क्षेत्र अथवा अन्य किसी भी आधार पर भेदभाव से ऊपर उठकर सद्भाव और समान भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना तथा महिलाओं के प्रति अपमानजनक प्रथाओं का त्याग करना।​
    • हमारी समग्र संस्कृति की समृद्ध विरासत का मूल्यांकन करने का भाव रखना तथा उसके संरक्षण हेतु कृतसंकल्प रहना।​
    • प्राकृतिक पर्यावरण की, जिसमें वन, झील, नदी, वन्यजीव तथा प्राकृतिक संपदा सम्मिलित है
    • रक्षा और सुधार करना तथा उसकी कृत्तिमता, सौंदर्य और पवित्रता का ह्रास रोकना।​
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और जिज्ञासा तथा सुधार की भावना का विकास करना।​
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना तथा हिंसा का परित्याग करना।​
    • व्यक्तिगत तथा सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयास करना जिससे राष्ट्र निरंतर प्रगति और सर्वोच्च उपलब्धि के नव ऊँचे स्तर तक पहुँचे।​
    • 6 से 14 वर्ष की आयु के बालकों को शिक्षा का अवसर प्रदान करना। (86वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया।)​
  • सामान्य गलतफहमाएँ और जो नहीं आते
    • प्रश्न में विकल्प न दिए जाने के बावजूद, सामान्यतः "करों का भुगतान करना" या "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षण" मौलिक कर्तव्यों के अंतर्गत नहीं आते।
    • करों का भुगतान नागरिकों का नैतिक दायित्व है लेकिन संविधान में इसे मौलिक कर्तव्य नहीं माना गया।
    • इसी प्रकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अनुच्छेद 19 के अंतर्गत मौलिक अधिकार है, न कि कर्तव्य। राष्ट्रीय स्मारकों का संरक्षण (अनुच्छेद 49) नीति-निर्देशक सिद्धांत है  मौलिक कर्तव्य नहीं।​
  • महत्व और पृष्ठभूमि
    • ये कर्तव्य स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर जोड़े गए तथा रूसी संविधान से प्रेरित हैं। ये गैर-न्यायोचित हैं
    • अर्थात् इन्हें अदालत में लागू नहीं कराया जा सकता, लेकिन ये नागरिकों को अधिकारों के साथ कर्तव्यों का संतुलन सिखाते हैं।
    • वर्तमान में ये राष्ट्र निर्माण में सहायक भूमिका निभाते हैं